कठिनाइयों को स्वीकार करके उनसे सीखकर और आत्मविश्वास बनाए रखकर ही जीवन में सफलता शांति और आत्मविकास प्राप्त किया जा सकता है। क्योंकि "स्वीकार करो उन कठिनाइयों को उनसे अब प्यार करो जी" गीत का मुख्य संदेश यह है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों कमजोरियों और संघर्षों से भागना नहीं चाहिए बल्कि उन्हें स्वीकार करके उनसे सीख लेनी चाहिए। कवि बताते हैं कि विपरीत परिस्थितियाँ मनुष्य को मजबूत अनुभवी और आत्मविश्वासी बनाती हैं। आशा आत्मबल और सकारात्मक सोच के सहारे व्यक्ति अवसाद निराशा और मानसिक कमजोरियों पर विजय प्राप्त कर सकता है। आत्मचिंतन और आत्मस्वीकार के माध्यम से मनुष्य अपनी वास्तविक शक्ति को पहचानता है तथा निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। यह गीत जीवन के हर संघर्ष को विकास और सफलता की सीढ़ी मानने की प्रेरणा देता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,स्वीकार करो उन कठिनाइयों को उनसे अब प्यार करो जी, #Sweekar Karo Un Kathinaaiyon Ko Unse Ab Pyaar Karo Ji, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Sweekar Karo Un Kathinaaiyon Ko Unse Ab Pyaar Karo Ji
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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अपनी कमजोरियों से भागों ना अब ध्यान करो जी
स्वीकार करो उन कठिनाइयों को उनसे अब प्यार करो जी
प्यार करो जी अब प्यार करो जी
स्वीकार करो उन कठिनाइयों को उनसे अब प्यार करो जी
कठिन समय में भी अब तो आशा को सजाओ
आत्मबल से काम करो तुम दुनियां को दिखाओ
ज्योति अन्दर जल रही है देखो अपने भीतर
रोशनी से प्रकाश खिला है चमके सागर समन्दर
मेहनत पर भरोसा रखो सकारात्मक को सोचो
आभार करो कठिनाइयों को उनसे अब कुछ सीखो
अपनी कमजोरियों से भागों ना अब ध्यान करो जी
स्वीकार करो उन कठिनाइयों को उनसे अब प्यार करो जी
जीवन में रोशनी आएगी जब अंधियारा दूर होगा
सफल सफलता शान्ति मिलेगी जब कोई ठोकर मरेगा
आत्मा से स्वीकार करो तुम अपने बुरे दिन को
खुद से पूछो खुद की बातें प्यार करो तुम दिल को
मन में चलने वाली मानसिकता से तुम पूछो
क्यों करती है ऐसा मन उससे तनकी जूझो
विपरीत अवस्था आती जब मन को खूब लुभाती है
दरबदर करती है दिल को दिल को ही ललचाती है
अपनी कमजोरियों से भागों ना अब ध्यान करो जी
स्वीकार करो उन कठिनाइयों को उनसे अब प्यार करो जी
कमजोर बनाती दिल को जब मायूस भ्रम आती है
अवसाद विषाद की दुनियां में दिल को सैर कराती है
कोई ना जाने इसकी हालत ऐसी वाण चलाती
मार देती है अग्नि तीरे दिल को राख बनाती
कमजोरी को पहचान कर देखो आँख में आहट डालकर देखो
आज करूंगा सामना इसकी इसमें आँखें डालकर देखो
वास्तव में वास्तविक रूप दिखेगा जब तुम देखोगे
स्वीकार करोगे अपने कमी को एक दिन आगे बढ़ोगे
अपनी कमजोरियों से भागों ना अब ध्यान करो जी
स्वीकार करो उन कठिनाइयों को उनसे अब प्यार करो जी
जीवन में कठिनाइयां आना सहज प्राकृतिक रूप है
तन मन को मजबूत बनाती ईश्वर का स्वरूप है
संघर्ष करो चाहे रोवो गावो लेकिन हार नहीं तुम मानो
कफ़न के जैसा जल जाओ पर अलग नहीं हो पाओ
भीतर की प्रेरणा को देखो आत्मविश्वास जगाती है
उम्मीदों की लौ जलाकर दिल को सब बताती है
बुझने ना देना तुम अब उम्मीदों को आहट को
भाग जाएंगी कमजोरियां मजबूतियों के चाहत पे
अपनी कमजोरियों से भागों ना अब ध्यान करो जी
स्वीकार करो उन कठिनाइयों को उनसे अब प्यार करो जी
गीत =} #स्वीकार करो उन कठिनाइयों को उनसे अब प्यार करो जी
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