अकेलापन मन का भ्रम है आत्मा सृष्टि और परमात्मा से जुड़े होने का अनुभव ही सच्चा ज्ञान और वास्तविक शांति है क्योंकि यह गीत मानव के मन आत्मा और परमात्मा के संबंध को समझाने वाला एक आध्यात्मिक चिंतन है। कवि कहता है कि मन और दिल अक्सर अज्ञान तथा भ्रम में पड़कर स्वयं को अकेला समझ लेते हैं, जिससे दुख, भय और पीड़ा उत्पन्न होती है। जबकि वास्तविक सत्य यह है कि जीवन कभी अकेला नहीं होता, क्योंकि प्रत्येक जीव, प्रत्येक तत्व और सम्पूर्ण सृष्टि एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। तन सीमित और अकेला दिखाई दे सकता है, लेकिन आत्मा शाश्वत, असीम और परम चेतना से जुड़ी हुई है। अकेलेपन की भावना वास्तव में मन की एक अवस्था है, जो अज्ञान और गलत धारणाओं से उत्पन्न होती है। जब आत्मज्ञान प्राप्त होता है, तब मन के भ्रम दूर हो जाते हैं और मानव अपने भीतर स्थित चेतना तथा ईश्वर की उपस्थिति का अनुभव करने लगता है मेरे अनुभव में ईश्वर केवल एक निर्गुण शक्ति नहीं, बल्कि माँ के समान प्रेम, करुणा, संरक्षण और स्नेह प्रदान करने वाली शक्ति है। आत्मा के जागरण पर ईश्वर माँ बनकर मानव को अपने प्रेम का अनुभव कराता है, उसके आँसू पोंछता है और जीवन का सही मार्ग दिखाता है। मानव कभी अकेला नहीं है। आत्मा, प्रकृति, समस्त सृष्टि और परमात्मा सदैव उसके साथ हैं। सच्चा ज्ञान मनुष्य को इस सत्य का अनुभव कराता है और उसे शांति, प्रेम तथा आत्मिक आनंद की ओर ले जाता है।आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत रचना,माने बात ना हमारी करता दिल पर आघात गुरुवर, #Mane Bat Naa Hamari Karta Dil Per Aaghat Guruvar, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
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Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
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कैसे दिल को मैं समझाऊं अपनी आत्मा की बात गुरुवर
माने बात ना हमारी करता दिल पर आघात गुरुवर
जीवन को वो अपना समझे ना समझे जज्बात को
जीवन है ब्रम्हांड का हिस्सा प्राकृति समाज का
हर जीव हर हिस्सा हर तत्व आपस में जुड़े है
वास्तव में कोई अलगन आपस में सब मिले है
जीवन का ये सच्चा ज्ञान है कैसे इसे समझाऊं
मानव समझता जहां अकेला कैसे उसे बताऊं
तन मन ना अकेला है ना रहता अकेले
पास कोई रहता हरदम यही जीवन के है फेरे
लोग समझते दुख में है वो रहता है अकेला
सच है कि वो खुशी में जीता शान्ति का वो डेरा
कैसे दिल को मैं समझाऊं अपनी आत्मा की बात गुरुवर
माने बात ना हमारी करता दिल पर आघात गुरुवर
दुनियां की एक रीत है गुरुवर कभी कभी छल आता है
मन को वो बहलाकर गुरुवर कुटुम्ब में अलग दिखाता है
महसूस कराता सबके बीच में जीवन अकेला पड़ा हुआ
समझ की कमी है इस दुनियां में भावना जुड़ा अभाव हुआ
आध्यात्मिक सत्य का एक है बात मानव अकेला रहता ना
भीतर में आत्मा रहती है साथ छोड़कर जाती ना
जब अनुभव होता है तो दिल को खुद बताता
समझाता है चीजों को उनकी जुड़ाव दिखाता
मन में ईश्वर रहते है आँख के सामने कुदरत
सभी जीवों से प्रेम करता है आत्मा की वो शोहरत
तन अकेला होता है पर आत्मा नहीं अकेला है
परम सत्य का ज्ञान कहता है चेतना भीतर खड़ा है
कैसे दिल को मैं समझाऊं अपनी आत्मा की बात गुरुवर
माने बात ना हमारी करता दिल पर आघात गुरुवर
परम चेतना है ईश्वर सबमें व्याप्त होता है
अनुभव से एहसास कराता आत्मा में रहता है
यही शक्ति है गुरुवर जो मन के भ्रम को तोड़ देती
साथ हमेशा रहती है आत्मा से नाता जोड़ लेती
जीवन में अकेलापन मन की एक भावना है
अज्ञान अविद्या से उत्पन्न एक हवा है
जब जब सच्चा ज्ञान आता है मन के भ्रम को तोड़ देता
शान्त होता है मन आत्मा से नाता जोड़ देता
इस दुनियां में मानव समझता आत्मा असीम है
शाश्वत है केवल तन तक सीमित यहीं अकेला है
भावना का कोई आधार नहीं है मन की अवस्था है
सब कुछ सोच लेती है झट से दुख डर का घाव है
कैसे दिल को मैं समझाऊं अपनी आत्मा की बात गुरुवर
माने बात ना हमारी करता दिल पर आघात गुरुवर
सच्चा ज्ञान सिखाता मानव को सृष्टि का वो हिस्सा है
बाहर भीतर एक है चेतना यही जीवन का खिसा है
रहता ना वो कभी अकेला शक्ति उसके साथ चले
वास्तव में अज्ञान भरम मन को हरदम भ्रम रखे
आँख खोलकर देखा जब मैं जीवन की सच्चाई दिखी
समझ गया अनजान का मोल ज्ञान में मुझको सच दिखी
एहसास दिलाया आत्मा जब इस दुनियां में अकेला ना
इस सृष्टि का हिस्सा हूँ मैं अकेला कोई यात्री ना
जिसका कोई रूप ना रंग वो गुण नहीं निर्गुण है
निराकार ब्रह्म है वो वहीं दुनियां में ईश्वर है
कहता है आत्मा मेरा अब निर्गुण है परमात्मा
लीला रचा उसी ने जिसे देख रहा मेरा आत्मा
कैसे दिल को मैं समझाऊं अपनी आत्मा की बात गुरुवर
माने बात ना हमारी करता दिल पर आघात गुरुवर
जीवन का ये अनुभव कहता जीवन से बतीया कर
निर्गुण ईश्वर माँ के रूप में आया मुझे अपना कर
प्रकट हुआ जब आत्मा में मेरी आत्मा ने मुझे दिखाया
अपनी गोद में मुझे सुलाकर आँचल ढाक सुलाया
स्नेह दिया है बाहें फैलकर प्रेम में मुझको नहला दिया
माँ बनकर मेरे पास में आया दिल को मेरे समझा दिया
करुणा प्रेम बरसाया मुझपे आंखों का आँसू पोंछ दिया
सच्चा ज्ञान दिखाकर मुझको जीवन का वो मार्ग दिया
ना मैं अकेला हूँ ना दिल मेरा अकेला है
कुदरत है सारी साथ में मेरे दिल मेरा सवेरा है
वो ईश्वर मेरे पास में रहता माँ बनकर मुझे पाला करता
देता है स्नेह मुझे सद्गुण बन कर प्रेम करता
कैसे दिल को मैं समझाऊं अपनी आत्मा की बात गुरुवर
माने बात ना हमारी करता दिल पर आघात गुरुवर
गीत =} #माने बात ना हमारी करता दिल पर आघात गुरुवर
#Mane Bat Naa Hamari Karta Dil Per Aaghat Guruvar
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