यह गीत जीवन के दर्द धोखे और अकेलेपन की भावना को व्यक्त करता है। कवि कहते हैं कि आज दुनिया दुख को नहीं समझ रही है और उसे एक तमाशा समझती है लेकिन एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब लोग उनके दर्द को समझेंगे और पछताएँगे क्योंकि जीवन में कई लोग अपने स्वार्थ और गलत सोच के कारण दूसरों का दिल तोड़ देते हैं। इंसान कई बार अपने ही लोगों से ठोकर खाकर अकेला रह जाता है। फिर भी जीवन का विश्वास है कि जीवन में नफरत नहीं बल्कि प्रेम दया और करुणा ही सबसे बड़ी शक्ति है। ईश्वर सब कुछ देखता है और हर व्यक्ति को उसके कर्मों का फल जरूर मिलता है। इसलिए सच्चाई और प्रेम के रास्ते पर चलना ही जीवन का सही मार्ग है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां #Mera Dukh Jab Dekhegi Naa Bhooleye, ✍🏻#Write Halendra Prasad

 गीत=} #मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां 

#Mera Dukh Jab Dekhegi Naa Bhooleye Duniya 

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           एक दिन आएगा जरूर जब रोवेगा दुनिया

            मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां 

               महफ़िल रोएगा हर दिल भी रोएगा 

             दिल की तनहाई में वो दिल भी रोवेगा 

            अपना पराया जो भी देखता तमाशा था

        जिन्दगी की कांटो को जो फूलों से सजाया था

            दिल की सफर में अब दिल ना बचा है 

            यादों की डगर पे केवल यादों की हवा है

          एक दिन आएगा जरूर जब रोवेगा दुनिया

            मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां 


          सोच ना जमाना अब मेरी अफसानों को

           टूट गया दिल मेरा सच के खजानों पे

            हार अब मेरी नहीं हार नहीं उसकी

          योजना प्रणाली सब शर्मिंदा होगी रजनी

          जिसने डुबाया उसे वो भी मुस्कुराता था

          अपनी कहानी से वो उसे भरमाया था 

        जीवन की जो सपने दिखाया लोग बातों से

           तोड़ दिया घर लोग अपनी हिफाजत से

          एक दिन आएगा जरूर जब रोवेगा दुनिया

             मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां 


           जीवन की हस्ती में जब दखल कोई देता है

            देता ना सुझाव को वोतो घर तोड़ देता है 

            अपना पराया कोई समझ नहीं पाता है 

            दूसरों की चाहतों को अपना बनाता है

             जाता है भटक जब राहों से वो अपना 

             तोड़ देता बात उसे माना जिसे अपना

           कोई नहीं साथी है न आया कोई साथ में 

            जाना है अकेला सब छोड़ जाना जग में

          एक दिन आएगा जरूर जब रोवेगा दुनिया

             मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां 


          अखियों भी बोला मेरा दिलवओ भी बोला

            जिन्दगी की राह देखी जिंदगी भी बोला

          जिन्दगी सच्ची ताकत नफरत में होती ना

          प्रेम की कहानी में वो प्रेम में कभी रोती ना

              करुणा दया की भाव बड़ा गहरा है

       आंखों में समन्दर है दिल पे दिल का पहरा है

            दुनियां बिखेरती है प्यार अब लोभ में

          चाहतों की चाह होती होती ना संजोग में

         एक दिन आएगा जरूर जब रोवेगा दुनिया

            मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां 


          जिस दिन आएगा मौत मुझको ले जाएगा 

     कातिल को समझाकर वो तो कातिल को रिवाएगा

           कातिल हत्यारा नहीं होता इस जग में

        तान बान का शौक होता जीवन के डगर में

        जिसने खत्म किया जीवन की हरियाली को

         मार दिया प्रेम को वो छुरी और कटारी से

          देखता है सब कुछ ऊपर वाला ध्यान से

          बोलता है कुछ नाही अपना वो ज्ञान से

         एक दिन आएगा जरूर जब रोवेगा दुनिया

           मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां 

   गीत=} #मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां 

#Mera Dukh Jab Dekhegi Naa Bhooleye Duniya 

            #Write=}✍🏻 #Halendra Prasad 

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       🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️

टिप्पणियाँ

मेरी हृदय मेरी माँ

संघर्ष संतुलन और अवसर की खोज जीवन अवसर नहीं, चेतना की यात्रा, Sangharsh Santulan Aur Avasar Ki Khoj Jeevan Avasar Nahin, Chetna ki Yatra,

यह गीत माँ की महिमा, त्याग, प्रेम और शक्ति का भावपूर्ण वर्णन करती है। कवि बताता है कि माँ ही उसकी सबसे बड़ी रक्षक और प्रेरणा स्रोत है। संसार के तीर-तलवार, दुख-कष्ट और स्वार्थी लोगों का व्यवहार उसे विचलित नहीं कर सका, क्योंकि माँ के संस्कार और आशीर्वाद उसके साथ हैं माँ ने उसे कठिन परिस्थितियों में तपाकर मजबूत बनाया, ज्ञान दिया, साहस दिया और सही मार्ग पर चलना सिखाया। जब दुनिया स्वार्थ से भरी दिखाई देती है और कठिन समय में कोई साथ नहीं देता, तब माँ ही सच्ची सहारा बनती है। कवि माँ को देवी, शक्ति और ईश्वर का स्वरूप मानता है तथा उसके चरणों में समर्पित होकर कृतज्ञता व्यक्त करता है।माँ का प्रेम निष्काम, अटूट और जीवन का सबसे बड़ा आधार है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, #मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के, #Meree Maiya Too Banaee Mujhako Phool Dil Ke, #Halendra Prasad,

मनुष्य को धन के घमंड से दूर रहकर अच्छे चरित्र और विनम्रता के साथ जीवन जीना चाहिए क्योंकि धन सत्ता और वैभव स्थायी नहीं होते। आज जो व्यक्ति धनवान और शक्तिशाली है वह समय के बदलने पर गरीब या साधारण भी हो सकता है। धन का घमंड मनुष्य को अहंकारी और मूर्ख बना देता है जिससे उसका जीवन दुख और अकेलेपन से भर जाता है दौलत किरायेदार की तरह है जो एक जगह स्थायी नहीं रहती और समय के साथ बदलती रहती है। इसलिए मनुष्य को धन पर घमंड नहीं करना चाहिए। मानव जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति चरित्र, दया, करुणा और अच्छे कर्म हैं। यही गुण मनुष्य को सच्चा सुख, शांति और सम्मान दिलाते हैं। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, बनकर जोगी जग में दौलत जमाना रखता है, #Bankar Jogi Jag Mein Doulat Jamaana Rakhta Hai, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

यह गीत मनुष्य के मन की उस स्थिति का चित्रण करती है जहाँ वह इच्छाओं, कामनाओं और भौतिक लालसाओं के भ्रम में फँसकर अपने वास्तविक स्वरूप को भूल जाता है। चाहत और मोह में डूबकर वह सही-गलत का विवेक खो देता है और आत्मा से दूर हो जाता है। कवि बताता है कि संसार सुंदर है, परंतु मनुष्य की अतृप्त इच्छाएँ उसे भटकाती रहती हैं। दौलत, वासना और महत्वाकांक्षा के पीछे भागते-भागते वह सच्चे सुख और शांति से वंचित रह जाता है। जब मनुष्य एकांत, साधना और आत्मचिंतन की ओर मुड़ता है, तब उसे भीतर की दिव्यता और परम सत्य का अनुभव होता है। बाहरी दृष्टि भौतिक जगत को देखती है, पर आंतरिक दृष्टि ही वास्तविक सत्य को पहचानती है क्योंकि सच्चा सुख और शांति बाहरी चाहतों में नहीं, बल्कि आत्मबोध और भीतर के प्रकाश को पहचानने में है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, घिरा है चाहत के भरम में अब शरम भी ना आता, #Ghira Hai Chahat Ke Bharam Men Ab Sharam Bhi Naa Aata, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

हिन्दी रोमांटिक गीत, मिटाले दाग को दिल से, Hindi Romantic Geet, Meetale Daag Ko Dil Se,

यह गीत भक्त के प्रेम, समर्पण, विरह और माँ शक्ति की कृपा की कामना को व्यक्त करता है। यह भक्ति गीत एक भक्त के हृदय की गहरी भावनाओं को व्यक्त करता है। कवि माँ शक्ति से प्रार्थना करता है कि वह अपने दिल की सच्ची आवाज उन्हें सुनाना चाहता है। उसकी आँखों के आँसू, मन की पीड़ा और प्रेम मिलकर भक्ति का रूप ले लेते हैं।भक्त माँ के द्वार पर खड़ा होकर उनकी कृपा और दया की प्रतीक्षा करता है। भक्त कहता है कि उसका जीवन का उद्देश्य केवल प्रार्थना, आराधना और आत्मसमर्पण के माध्यम से माँ तक पहुँचना है। कवि माँ को महाकाली, दुर्गा, चामुंडा, शारदा और वैष्णवी जैसे अनेक रूपों में स्मरण करता है और उन्हें सम्पूर्ण जगत की पालनकर्ता और रक्षक मानता है। आध्यात्मिक दार्शनिक भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, अपने दिल की आवाज को सुनाऊं तुझको , #Apane Dil Kee Aavaaz Ko Sunaoon Tujhako, Writer ✍️ #Halendra Prasad

बसंत पंचमी मातादी भक्ती गीत, Basant Panchami Matadi Bhakti Geet, सरवस्वती महालक्ष्मी बुद्धि के बुद्धादात्री, Saravasvatee Mahaalakshmee Bbuddhi Ke Buddhaadaatree, Writer ✍️ Halendra Prasad,

मनुष्य इस संसार में खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही जाता है। धन, रूप, नाम और पद जैसी बाहरी चीजें स्थायी नहीं हैं जीवन में घमंड करना व्यर्थ है जीवन में समय-समय पर कठिनाइयाँ और परीक्षाएँ आती रहती हैं। इन्हीं परिस्थितियों में सही कर्म, अच्छा चरित्र, करुणा और साधना ही मनुष्य को सच्ची शांति और संतोष देती है।संसार की चमक-दमक केवल एक क्षणिक भ्रम माया है, जो मनुष्य को आकर्षित तो करती है लेकिन स्थायी सुख नहीं देती। अंत में मनुष्य के साथ केवल उसके कर्म और उसका चरित्र ही चलते हैं।इसलिए हम अहंकार, मोह और दिखावे से दूर रहकर सच्चाई, सेवा और सद्कर्म का मार्ग अपनाए। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,यही से यही तक है जीवन का सफर, #Yahi Se Yahi Tak Hai Jivan Ka Safar, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल रचना, माँ शक्ति का दिव्य स्वरूप माँ शक्ति की महिमा, Maa Shakti ka Divya Swaroop aur Maa Shakti ki Mahima