गुरु ही वह प्रकाश हैं जो जीवन के अंधकार को दूर करके आत्मा को शांति और पूर्णता प्रदान करते हैं। गुरु का ज्ञान मनुष्य को अज्ञान, निराशा और अशांति से निकालकर आत्मबोध, संतोष, धैर्य और सच्चे सुख की ओर ले जाता है। गुरु के मार्गदर्शन से कवि अपने मन को संभालना, धैर्य रखना और जीवन की वास्तविकता को स्वीकार करना सीखा। धीरे-धीरे उसके भीतर शांति, संतोष और आत्मविश्वास का विकास हुआ। अब वह परिस्थितियों से संघर्ष करने के बजाय उन्हें स्वीकार करके प्रसन्न रहता है। गुरु के ज्ञान ने उसके जीवन को नई दिशा दी, जिससे उसे आत्मिक आनंद, संतुलन और जीवन का सच्चा अर्थ प्राप्त हुआ। गीत में कवि अपने गुरु के प्रति गहरी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करता है। कवि बताता है कि जीवन में असफलताओं, निराशाओं, इच्छाओं और मानसिक अशांति के कारण वह भटक गया था। उसका मन कमजोर और अस्थिर था तथा उसे आत्मिक शक्ति का ज्ञान नहीं था।आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, सच्ची जीवन का समझ मैने तुमसे पाया गुरुवर, #Sachchi Jivan Ka Samjh Maine Tumse Paya Guruvar, Writer ✍️ #Halendra Prasad
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Writer ✍️ #Halendra Prasad
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सच्ची जीवन का समझ मैने तुमसे पाया गुरुवर
हारा जीवन से तेरी सृष्टि में दिल को जलाया गुरुवर
नाकामयाबी ने मुझे निराशा में ले जाता था
कमजोरी को दर्शाकर मुझको आग में जलाता था
मन का नियंत्रण खोया धैर्य ना आता था
पाने की चाहत ने संतोष को भगाता था
आंतरिक शक्ति का मुझको कोई भी ज्ञान ना
अनपढ़ अनाड़ी था मैं मैं कोई विद्वान ना
सच्ची जीवन का समझ मैने तुमसे पाया गुरुवर
हारा जीवन से तेरी सृष्टि में दिल को जलाया गुरुवर
मन को बटोरा जब मैं अपने हाथों से
हार गया चुपचाप मैं अपनी जीवन से
बिखरे हुए मन को हमने दिल से समेटा
भावना विचारों को मैं आत्मा में बटोरा
मान लिया हमने चुपचाप जीवन के हार को
शान्ति स्वीकार किया आत्मा की बात को
शोर ना शराबा कोई कोई ना शिकायत
धैर्य से मै बैठे गया दिल में है राहत
सच्ची जीवन का समझ मैने तुमसे पाया गुरुवर
हारा जीवन से तेरी सृष्टि में दिल को जलाया गुरुवर
हलचल बेचैनी मुझको अब ना सताती
शान्ति से रहता हूँ मैं अब ना दबाती
मिला है सौभाग्य से आपार देता है
अपनी स्थिति को मैं अपना स्वीकार है
मिला जो मुझे है मैं उसी में खुश रहता हूँ
दिल से हंसता हूँ मैं दिल से कहता हूँ
जिन्दगी की खुशियां सारी सामने दिखती है
पानी जैसा बहती दिल में जीवन में डगरती है
सच्ची जीवन का समझ मैने तुमसे पाया गुरुवर
हारा जीवन से तेरी सृष्टि में दिल को जलाया गुरुवर
अब ना सोचता हूँ मैं अब ना कहता हूँ
आँखों की आवाज को मैं दिल में रखता हूँ
ना मेरा दिल बोलता ना मेरी आँखें
पानी की पतवार जैसी गुजरती है राते
ना कोई गम है ना कोई सितम
जिन्दगी खिली है जैसे खिलता कमल
तेरी ज्ञानो से मैं तृप्त हो गया हूँ
आत्मा में रखकर मैं नवनीत हो गया हूँ
सच्ची जीवन का समझ मैने तुमसे पाया गुरुवर
हारा जीवन से तेरी सृष्टि में दिल को जलाया गुरुवर
गीत =} #सच्ची जीवन का समझ मैने तुमसे पाया गुरुवर
#Sachchi Jivan Ka Samjh Maine Tumse Paya Guruvar
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