सत्य धैर्य परिश्रम और ईश्वर पर विश्वास रखने वाला व्यक्ति अंततः सम्मान प्राप्त करता है, जबकि घृणा, ईर्ष्या और झूठ मनुष्य को पतन की ओर ले जाते हैं। गीत में कवि अपने जीवन की पीड़ा, समाज के अन्याय और ईश्वर पर अटूट विश्वास को व्यक्त करता है। कवि कहता है कि लोग बिना सत्य जाने उससे घृणा करते हैं, झूठे आरोप लगाते हैं और उसके प्रेम का उत्तर नफरत से देते हैं। जिसके कारण हृदय दुखी होता है, फिर भी वह ईश्वर के न्याय और करुणा पर विश्वास बनाए रखता है। जहाँ लोग बिना सोच-विचार के निर्णय लेते हैं, दूसरों की कमियाँ खोजते हैं, ईर्ष्या और अहंकार में जीते हैं तथा धन और प्रतिष्ठा को ही सब कुछ मान लेते हैं। कवि बताता है कि नकारात्मक सोच, ईर्ष्या और शिकायतें मनुष्य के आत्मविश्वास और मानसिक शांति को नष्ट कर देती हैं। गीत यह संदेश देता है कि मनुष्य को धैर्य, सत्य, परिश्रम, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच का मार्ग अपनाना चाहिए। दूसरों से घृणा करने के बजाय प्रेम, करुणा और न्याय का व्यवहार ही जीवन को सार्थक और सुखमय बनाता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,करते मुझसे ना प्रेम मुझसे नफरत करते , #Karte Mujhse Naa Prem Mujhse Nafarat Karate, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
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Writer ✍️ #Halendra Prasad
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इस दुनियां में लोग मुझसे अब घृणा करते
करते मुझसे ना प्रेम मुझसे नफरत करते
झूठ का आरोप मुझपे मढ देते है लाकर
दिल मेरा टूट जाता आरोप में अझूरा कर
देखता हूँ तेरी ओर मैं कुछ तू बोलेगा
दुनियां की सच्च को तू दुनियां में रखेगा
तू भी मुस्कुराता है शान्त होकर देखे
जो भी होता होने देता कुछ ना बताता
तेरी अरुणा की धैर्य को मैं जब देखता हूँ
बोल नहीं पाता मैं तो देखते रहता हूँ
इस दुनियां में लोग मुझसे अब घृणा करते
करते मुझसे ना प्यार मुझसे नफरत करते
इस दुनियां में भगवन बड़ी जल्दबाजी है
निर्णय लेने वाला सब राजा रंक भिखारी है
उचित अनुचित के कोई देखता ना भाव को
तेरी करुणा को भगवन देखता ना छांव से
दोष को लगाते है जब घृणा करते मन से
दुनियां की स्वभाव को मैं देखूं अपने आत्म से
कैसा दोष आया कैसा अब विचार होगा
कैसा तर्क होगा इसमें कैसा संसार होगा
गुण दोष मूल्यांकन का कैसा देख भाल है
धन दौलत के प्यार में कोई ना परवाह है
इस दुनियां में लोग मुझसे अब घृणा करते
करते मुझसे ना प्यार मुझसे नफरत करते
नीचा दिखाने में ये दुनियां आगे चलती है
कमियों को जाने ना दुःख दर्द में मरती है
तौर तरीका भुला चलता अभिमान पर
अपने मन को सौंप देता दूसरे के सान पर
बेहतर तरीका से लोग आगे बढ़ सकता है
सागर के लहरों से बाहर वो निकल सकता है
विकास का साधन से सब खुश होई जाता है
मेहनत से भागकर आराम को बुलाता है
जीवन में आराम ही हराम बन जाता
जो करता है साधना वो खुश होई जाता
इस दुनियां में लोग मुझसे अब घृणा करते
करते मुझसे ना प्यार मुझसे नफरत करते
मानसिक अवस्था एक नकारात्मक अवस्था है
ढूंढता बुराई जिसमें वहीं असफलता है
हर स्थितियों में खराब परिणाम को जगाता
उम्मीदों के बांध पे अपने बैठाता
कम होती आत्मविश्वास जब चिड़चिड़ापन घेर लेती
हर चीजों में उलझाकर मन को मार देती
दूसरे की सफलता को देखकर जो लोग जलता है
अपने घर में आग लगाकर दरबदर भटकता है
शिकायतों की कमजोरी वो बंध जाता बादल
चल नहीं पाता है वो रोक देता आंगन
इस दुनियां में लोग मुझसे अब घृणा करते
करते मुझसे ना प्यार मुझसे नफरत करते
गीत =} #करते मुझसे ना प्रेम मुझसे नफरत करते
#Karte Mujhse Naa Prem Mujhse Nafarat Karate
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