इस गीत का मुख्य संदेश है कि धैर्य, आत्मविश्वास, आत्मचिंतन और ईश्वर-भक्ति के सहारे मनुष्य हर बाधा को पार कर सकता है और सफलता शांति और सुख प्राप्त करता है क्योंकि इस गीत में मन की चंचलता आत्मा की शांति गुरु की कृपा और ईश्वर के मार्गदर्शन का सुंदर वर्णन है। कवि संसार की नश्वरता को समझकर ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव प्रकट करता है और उनसे केवल सही मार्ग प्रेम तथा शक्ति की कामना करता है। मनुष्य के जीवन में दुःख संघर्ष और कठिनाइयाँ बार-बार आती हैं लेकिन धैर्य आत्मचिंतन और ईश्वर में विश्वास रखने वाला व्यक्ति कभी पराजित नहीं होता। क्योंकि जीवन में आशा विश्वास और साधना जीवन का दीपक है जो विपरीत परिस्थितियों में भी प्रकाश देता है। जीवन में बाधाएँ आती रहती हैं धैर्य पानी बरसाएगा, #Jeevan Mein Badhayein Bati Rehti Hain, Dhairya Paani Barsayega, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Jeevan Mein Badhayein Bati Rehti Hain, Dhairya Paani Barsayega.
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
करलो आत्मचिंतन और ईश्वर में विश्वास सही मार्ग दिखलायेगा
जीवन में बाधाएँ आती रहती हैं धैर्य पानी बरसाएगा
कठिन लगता है संघर्ष हमेशा खुशियों के चौराहे पर
बुझ जाता है दीप मुस्काकर आंधी के चौबारों पर
साधना का प्रतीक है दीपक आशा दीप जगाता है
दुःख का बाधा हवा का झोंका जीवन दीप बुजझाता है
मेरे जीवन का दीप उम्मीद है विश्वास साधना करता मैं
आँखों में जलाकर दीपक हृदय बीच में रखता मैं
बराम बार कठिनाईयाँ आती आधी की झोंका लाती है
पत्थर पानी के साथो में अग्नि रूप जलाती है
करलो आत्मचिंतन और ईश्वर में विश्वास सही मार्ग दिखलायेगा
जीवन में बाधाएँ आती रहती हैं धैर्य पानी बरसाएगा
मन की वेदन मन की भाव मन की चाल निराली है
ले जाती है दूर दूर पे मुझको शान्ति सुख दिखाती है
बारम बार भूल जाता हूँ मैं देख ना पाता आत्मा को
दौड़ जाता हूँ मन के पीछे सम्भाल न पाता सपना को
अजीब कमजोरी मेरे दिल की हताश मुझे कर देता है
जब जब देखूं आत्मा को शान्त मुझे कर देता है
डाल देता मैं भू पर आसान आसमान में देखूं
काली रात में दिखते रास्ता काली रात में देखूं
कभी शिव को देखता हूँ तो कभी राम को देखता मैं
मात पिता के साथ में अब मैं वेद माता को देखता मैं
करलो आत्मचिंतन और ईश्वर में विश्वास सही मार्ग दिखलायेगा
जीवन में बाधाएँ आती रहती हैं धैर्य पानी बरसाएगा
अज्ञान दुःख की तिमिर में बैठा जब आसान मैं कर
आ जाते है नाथ मेरे मेरे पास मुस्का कर
भर जाती हैं आँखें मेरी देख कर उनकी आभा
बोल ना पाता मैं कुछ भी मैं जब देखता हूँ साभा
दिल से निर्णय लेलेता हूँ शांत होकर बैठ जाता
ध्यान लगाता गुरुवर पर तो दिल मेरा मुस्काता
शपथ हमारी ऐसी है अंधकार में ढूंढे पथ को
बैठ जाता है धैर्य के साथ में मार्ग खोजे अब सत को
दिल कहता है ईश्वर से हे प्रभु तू साथ मेरे
मैं अज्ञानी मुड़ी हूँ देदो मुझे प्यार थोड़े
करलो आत्मचिंतन और ईश्वर में विश्वास सही मार्ग दिखलायेगा
जीवन में बाधाएँ आती रहती हैं धैर्य पानी बरसाएगा
पत्थर पानी सब में बसते कांटा और कलियों में
सुख दुःख की आसमा हो तुम आशा की गलियों में
मैं ना तुमसे मांगू कुछ भी ना मांगू मैं अन धन
हे प्रभु तुम आ जाना जब हो आपकी इच्छा जनजन
आकर मेरे पास बैठना मुझको राह दिखाना
सफल सफलता के मार्गो पे मुझे आगे बढ़ाना
बार बार हार जाता हूँ मैं कमजोरी के कारण
भाग दौड़ को छोड़ दिया मैं सब नश्वर के कारण
बैठ गया मैं धैर्य अपना कर सब तुझपे छोड़ दिया
कर दिया मैं आत्म समर्पण अब तुझे नाता जोड़ लिया
करलो आत्मचिंतन और ईश्वर में विश्वास सही मार्ग दिखलायेगा
जीवन में बाधाएँ आती रहती हैं धैर्य पानी बरसाएगा
गीत =} #जीवन में बाधाएँ आती रहती हैं धैर्य पानी बरसाएगा
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