धैर्य समझ और अनुभव के साथ जीने वाला व्यक्ति ही जीवन की पहेली को सुलझाकर उसे अपना सच्चा साथी बना लेता है।यह गीत जीवन को एक पहेली और सहेली के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस गीत में बताया गया है कि जीवन में कठिनाइयाँ उलझनें और संघर्ष स्वाभाविक हैं लेकिन इन्हीं के माध्यम से हमें सीख और अनुभव मिलता है जो व्यक्ति हर परिस्थिति को स्वीकार करता है डर और तनाव में नहीं फँसता और साक्षी भाव से जीवन जीता है वही सच्चे अर्थों में जीवन को समझ पाता है क्योंकि असली ज्ञान किताबों से नहीं बल्कि अनुभव और आत्मा की जागरूकता से प्राप्त होता है।आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, जी कर हमने भी गुजारा वो संदेश एक सहेली जैसा रे, #Ji Kar Humne Bhi Guzara Wo Sandesh Ek Saheli Jaisa Re, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत=} #जी कर हमने भी गुजारा वो संदेश एक सहेली जैसा रे
#Ji Kar Humne Bhi Guzara Wo Sandesh Ek Saheli Jaisa Re
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
जीवन दर्शन का संकेत एक पहेली जैसा रे
जी कर हमने भी गुजारा वो संदेश एक सहेली जैसा रे
हर पल को महसूस किया जब आत्मा की गहराई से
अनुभव में उभर कर आया जीवन की अंगड़ाई रे
वक्त बताया समय के क्षण को जहां उलझते लोग है
तोड़ देते है आखिरी दम को नहीं सुलझते लोग रे
जीवन की कठिनाइयों ने जब मुश्किल क्षण को लाया
फांस ना पाया डर में हमको दिल पे रोब जताया
जीवन दर्शन का संकेत एक पहेली जैसा रे
जी कर हमने भी गुजारा वो संदेश एक सहेली जैसा रे
जटिल समस्या जीवन में जब आती है
देती है तनाव जिगर को पल पल आँख दिखाती है
द्वंद्व कराती युद्ध कराती होड़ मचाकर बोले
फांस देती है संघर्षों में हार मनाने आती
जीवन की इस उलझन में जो उलझ गया आझुराके
परेशानियों में फंसकर वो टूट गया अकुला के
थक जाता है तन मन इसमें थक जाता है आत्मा
तोड़ देता दम को अपने समझ ना पाता छमता
जीवन दर्शन का संकेत एक पहेली जैसा रे
जी कर हमने भी गुजारा वो संदेश एक सहेली जैसा रे
सच्ची जीवन जीना है तो स्वीकार करो हर पथ को
फंस उलझन में समय बिताना त्याग करो उस धन को
जब तक जीवन रहेगा तब तक संकट आयेंगे
फांस बनाकर उसमें हर क्षण तुझे फंसायेंगे
वास्तव जीवन वो जीता है जिसने सिख लिया है पार होना
भाफ लेता को कठिन समय को जिसने सिख लिया है जानना
जो जीता है साक्षी भाव से अनुभव उसकी शिक्षा है
पल पल में वो पार करता है सीखना उसकी इच्छा है
जीवन दर्शन का संकेत एक पहेली जैसा रे
जी कर हमने भी गुजारा वो संदेश एक सहेली जैसा रे
जीवन का सब हिस्सा है जो बन विपत्ति आता
शान्ति और जागरूकता से जीवन सफल बनाता
जीवन जीने का सही तरीका कठिन समय को लाता
कभी रुलाता कभी सुलाता कभी कभी इठलाता
बालू रेत के जैसा ज्ञान देते इस दुनियां में
समझा नहीं पाते इस जीवन को उलझ जाता है उलझन में
जीवन को पहचान ना पता ज्ञान शब्दों का कोष
अनुभव ज्ञान कराता है जब आत्मा जाग जाता है मौन
जीवन दर्शन का संकेत एक पहेली जैसा रे
जी कर हमने भी गुजारा वो संदेश एक सहेली जैसा रे
गीत=} #जी कर हमने भी गुजारा वो संदेश एक सहेली जैसा रे
#Ji Kar Humne Bhi Guzara Wo Sandesh Ek Saheli Jaisa Re
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मे
री_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें