माँ के प्रेम की छाया में संतान को संसार के हर दुःख से लड़ने की शक्ति और जीवन को जीने की नई रोशनी मिलती है। इस गीत का मूल संदेश है कि माँ की ममता वह दिव्य छत्र-छाया है, जिसके नीचे संतान को प्रेम, सुरक्षा, साहस, संस्कार, आशा और जीवन की नई दिशा प्राप्त होती है। क्योंकि यह गीत माँ के प्रति संतान के अटूट प्रेम, विश्वास, कृतज्ञता और पूर्ण समर्पण की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है। कवि अपनी माँ को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति, सुरक्षा और सहारे के रूप में देखता है। माँ संतान के सुख में मुस्कुराती है और उसके दुःख में स्वयं व्यथित हो जाती है। जब जीवन में निराशा, अंधकार और कठिनाइयाँ आती हैं, तब माँ अपने प्रेम, करुणा और प्रेरणा से संतान के मन में आशा की ज्योति जलाती है तथा उसे सही मार्ग दिखाती है। वह स्वयं कष्ट सहकर भी संतान के लिए सुख चाहती है और गिरने पर उसे उठाकर फिर से आगे बढ़ने की शक्ति देती है। माँ के प्रेम और त्याग का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। इसलिए माँ की शरण, भक्ति और चरणों में अपना जीवन समर्पित करने की इच्छा व्यक्त करता है। उसके लिए माँ ही दीपक, जीवन, तट, सहारा और संसार का सबसे सुरक्षित आश्रय है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, मेरी मैया मैं तेरे छत्र छाया में लुकाते आया हूँ, #Meri Maiya Mai Tere Chhatr Chhaya Men Lukate Aaya Hun, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Meri Maiya Mai Tere Chhatr Chhaya Men Lukate Aaya Hun
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
मधुर मधुर हो तुम माता मधुर तेरी है माया
धन्य तुम्हारी छात्र छाया माँ धन्य तुम्हारी छाया
तेरी बन्धन ऐसी माता बोझ मुझे ना लगती
देती है आनन्द सुरक्षा सोझ मुझे ना लगती
तू भी विचलित हो जाती है देख मेरे उदासी को
अन्दर से प्रभावित होती देख दुखों की छाती को
जब जब तू मुस्कान देखी है तू भी खुश हो जाती है
मेरा दुःख तुम्हार दुःख है पल में तू रो देती है
बड़ी दिन से मैं तुझको बुलाते आया हूँ
मेरी मैया मैं तेरे छत्र छाया में लुकाते आया हूँ
मधुर हो तुम माता मधुर तेरी बन्धन
बेड़ियां सम्पादन करती दिव्य तेरी दर्शन
तेरी छाया में मिला जीवन की ज्योति
धन्य हो तुम माता मेरी धन्य है मेहरबानी
जितना मधुर तुम हो माता उतना मधुर बन्धन
बेड़ियों के प्रेम में दिल है समन्दर
बड़ी दिन से मैं तुझको बुलाते आया हूँ
मेरी मैया मैं तेरे छत्र छाया में लुकाते आया हूँ
देखकर विषाद मेरा मेरे पास आई
सुने मन में दीप जला दिल मुस्कुराई
देखकर मुस्कान मेरा तुम भी मुस्कुराती हो
सूखे अंधेरों में मधुर गीत गाती हो
भर गया मन मेरा फुर्ती नवचेतना से
जोड़ दिया मुझको माता अपनी वो साधना से
तुम परीपूर्ण हो माँ करुणा संवेदना से
धन्य हो तुम माता अपनी पावन प्रेरणा से
बड़ी दिन से मैं तुझको बुलाते आया हूँ
मेरी मैया मैं तेरे छत्र छाया में लुकाते आया हूँ
देखा मैंने तुझको माता दिल की उन आँखों से
दे दी तिलांजलि तूने अपनी सुख दुःख से
मेरे खातिर खुशियां देदी अपने को जलाकर
मेरा दुःख हर लिया अपने को मिटाकर
मेरे हँसी में माँ तेरा मन मुस्कुराता
गिर जाता मैं जब तो तुम्ही उठाती
हाथ बढ़ाया तूने मुझको संवारा
मरहम लगाकर चोट को दर्द को मिटाया
बड़ी दिन से मैं तुझको बुलाते आया हूँ
मेरी मैया मैं तेरे छत्र छाया में लुकाते आया हूँ
जब जब भटका मैं राह तू दिखाई
मैंने मांगा कुछ नाही तू सब पैठाई
जीवन की अंधियारों में तू दीपक जलाई
रोशनी तू भर दी मुझमें मुझको पोलहाई
ना कोई सपना मेरा ना कोई ठिकाना था
मेरे जीवन को माँ तुम्हीं ने जाना था
अपने लिए चाहा ना कुछ मेरे लिए चाही थी
सपना देखा था मैं मुझको बुलाई थी
बड़ी दिन से मैं तुझको बुलाते आया हूँ
मेरी मैया मैं तेरे छत्र छाया में लुकाते आया हूँ
तेरे प्रेम का ऋणी मैं माँ ऋण कैसे भर पाऊंगा
तेरे चरणों में शीश चढ़ाऊं फिर भी मुक्त नहीं हो पाऊंगा
जनम जनम बस यहीं बर मांगू तेरे तन से जनम मेरा
तेरी भक्ति में जीवन रखूं मैं देदे मुझको वर यहां
तूही मेरी दीपक मईया तूही मेरी जीवन हो
तुहि मेरी तट हो मैया तूही मेरी सहारा हो
बन्धन तेरा बेड़ियां तेरा करता है श्रृंगार मेरा
तेरे चरणों में दुनिया बस्ती कैसी तेरी प्रेम यहां
बड़ी दिन से मैं तुझको बुलाते आया हूँ
मेरी मैया मैं तेरे छत्र छाया में लुकाते आया हूँ
गीत =} #मेरी मैया मैं तेरे छत्र छाया में लुकाते आया हूँ
#Meri Maiya Mai Tere Chhatr Chhaya Men Lukate Aaya Hun
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें