संसार नश्वर है जीवन क्षणभंगुर है पर प्रभु का नाम भक्ति समर्पण और उसकी करुणा ही मनुष्य का वास्तविक सहारा है। मानव जीवन को जल के बुलबुले के समान क्षणभंगुर है। संसार की माया पल-पल अपना रूप बदलती रहती है लेकिन परमात्मा की कृपा और उसका नाम मनुष्य के जीवन का सच्चा सहारा है। मनुष्य जब अहंकार और मोह में पड़कर जीवन की राह भूल जाता है तब प्रभु की भक्ति उसे नई दिशा और प्रकाश प्रदान करती है। भक्त अपने तन मन और प्राण को प्रभु के चरणों में समर्पित करते हुए सुख-दुःख दोनों को प्रभु की इच्छा मानकर स्वीकार करता है। उसकी अंतिम इच्छा भी यही है कि अंतिम सांस तक उसके होंठों पर प्रभु का नाम रहे और उसकी आत्मा सागर रूपी परमात्मा में विलीन हो जाए। इस गीत का सबसे मार्मिक संदेश यह है कि माँ अथवा परमात्मा की करुणा जीवन की हर परिस्थिति में अपने भक्त को संभालती है। धूप हो या छाया सुख हो या दुःख वह प्रेमपूर्वक अपनी गोद में उठाकर जीवन की राह दिखाती है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, उठा लेती है गोद में मुझको धूप हो या छाया, #Utha Leti Hai God Men Mujhako Dhup Ho Ya Chhaya, Writer ✍️ #Halendra Prasad
#Utha Leti Hai God Men Mujhako Dhup Ho Ya Chhaya
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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प्रभु की माया में डोले प्रभु की माया में डोले
हे बुलबुले बुलबुले प्रियदर्शी प्रभु की माया में डोले
उब ड़ूब करता जीवन मेरा आकर चरणों में बोले
तेरे नाम की धारा में मेरा मन खो जाए
तेरी भक्ति की मस्ती बहुत मुझको भाती
बूंद से होजाए उद्धार यहीं गीत गति
जल से निकलकर तू जल में चली जाती
यहीं जग का सारा पल भर में बताती
प्रभु की माया में डोले प्रभु की माया में डोले
हे बुलबुले बुलबुले प्रियदर्शी प्रभु की माया में डोले
तेरी इच्छा से चलता सांसों की सब गाने
कहती तू मैं तो क्षणभर का बुलबुला प्यारे
तेरी कृपा का एक बूंद जीवन का सहारा
सारी दुनियां को सींचती कितना प्यार तेरी धारा
जब जब घमंड में डूबा राह भूल जाता है
नई राह बनाती है तू फूल खिल जाता है
तेरे नाम की दीपक जलता दुनियां संसार में
हरि भरी धरती पर प्रेम छाया प्यार के खुमार में
प्रभु की माया में डोले प्रभु की माया में डोले
हे बुलबुले बुलबुले प्रियदर्शी प्रभु की माया में डोले
अब ना मेरी चाहत कोई तेरे में डूबा हूँ
ध्यान को लगाकर मैं तुझमें बूढ़ा हूँ
तेरे चरणों में अर्पित तन मन प्राण मेरा
आंखों में छाया है जीवन का बहार सारा
उठना गिराना जीवन मेरा तेरा ही रीत है
दुख सुख दोनों तेरे प्रेम की वो गीत है
जब तक ये सांसे चलती गाउं तेरा नाम मैं
दोनों उपहार में पुनीत के वो छांव है
प्रभु की माया में डोले प्रभु की माया में डोले
हे बुलबुले बुलबुले प्रियदर्शी प्रभु की माया में डोले
अन्त समय में भी मेरे होठों पे केवल राम राम
जपता रहूं मैं छोड़ू ना कभी ध्यान
अब तो दिल कहता है तुझमें ही खो जाऊँ
सागर रूपी प्रभु के गोद में सो जाऊं
चँचल तरंगों पर नैया मेरी डोले
मंद मंद वायु से जीवन पथ को खोले
पीछे हट या आगे बढ़ तेरा ही सहारा है
तेरे नाम के संग संग बीते जीवन सारा है
प्रभु की माया में डोले प्रभु की माया में डोले
हे बुलबुले बुलबुले प्रियदर्शी प्रभु की माया में डोले
बहुरंगी यह जग की माया पल पल रूप बदलती
तेरी रूप की भक्ति माला अंधियारों में ज्योति भारती
लहर लहर पर नाम है तुम्हारा तू सबकी प्यारी
गंगा यमुना सरस्वती की तू है दुलारी
तेरी चरणों की धूल ही जीवन का सिंगार है
मंद समीर में तेरी कृपा की बरसात है
मुझको राह दिखाती है गिरने पर रास्ता
उठा लेती है गोद में मुझको धूप हो या छाया
प्रभु की माया में डोले प्रभु की माया में डोले
हे बुलबुले बुलबुले प्रियदर्शी प्रभु की माया में डोले
गीत=} #उठा लेती है गोद में मुझको धूप हो या छाया
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