यह गीत निराशा से आशा टूटन से विश्वास और जीवन-संघर्ष से भक्ति एवं समर्पण की यात्रा को प्रस्तुत करता है। गीत का मूल संदेश यह है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ निराशा और टूटन क्यों न आए प्रभु पर विश्वास और प्रेम मनुष्य को फिर से आशा शक्ति और शांति प्रदान कर सकता है। इस गीत में कवि ने अपने जीवन की निराशा संघर्ष और टूटन के बीच प्रभु की कृपा का सुंदर वर्णन किया है। कवि कहता है कि वह जीवन के संघर्षों से पूरी तरह थक चुका था। उसके सपने टूट गए थे विश्वास डगमगा गया था और जीवन में चारों ओर अंधकार दिखाई देता था। ऐसे कठिन समय में प्रभु उसके जीवन में आशा, प्रेम, विश्वास और नई उमंग बनकर आए। प्रभु ने उसकी डूबती हुई जीवन-नैया को संभाला, उसके सूखे मन में प्रेम जगाया और दुख तथा निराशा को दूर कर दिया। जिस जीवन में वीरानी थी, उसमें प्रभु की कृपा से फिर खुशियों की हरियाली और मधुबन खिल उठा। प्रभु की इस कृपा से कवि का मन कृतज्ञता और भक्ति से भर जाता है। वह प्रभु के चरणों की धूल को अपना सबसे बड़ा धन मानता है और जीवनभर प्रभु का गुणगान करने की इच्छा रखता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, श्रांत हुआ था मैं जीवन में मेरा परोपकार किए हो, #Shrant Hua Tha Main Jeevan Mein, Mera Paropkar Kiye ho, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Shrant Hua Tha Main Jeevan Mein, Mera Paropkar Kiye ho.
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
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अमृत बनकर आए हो जब खुशियों की हरियाली ले
बुझी सांसों को जीवन मिल गई नई उमंग अंगड़ाई ले
हर पथ आसान हो गया हर बाधा अब छोटी लागे
अंधियारों की संग छूटी जीवन में उज्जवलता छाए
सत्य सही है इस दुनियां में आशा कभी नहीं मरती
प्रेम विश्वास की प्रेरणा टूटी सांसों में भरती
सारी आशा छोड़ चुका मैं थक हारकर बैठ गया था
सारी सपने टूट गए थे दुखी घायल रहता था
प्रभुजी आके मेरे जीवन में बड़ी उपकार किए हो
श्रांत हुआ था मैं जीवन में मेरा परोपकार किए हो
हारा था मैं दुनियां में जीवन पथ के मार्गो पे
थककर मैं बैठ गया खिन्नता के रगों में
तुम बिन सुना हर पल मेरा मुझको रुलाती थी
टूटा था विश्वास मेरा भरोसा ना हो पाती थी
जब से तुम आए प्रभु जीवन को महकाया
सूखे मन में प्रेम जागा आँसू को हटाया
प्रभुजी आके मेरे जीवन में बड़ी उपकार किए हो
श्रांत हुआ था मैं जीवन में मेरा परोपकार किए हो
डूब रही थी मेरी नैया तुमने पार लगाया
खुशियों की बारिश में मुझको नहलाया
घेरा था अंधियारा मुझको चारों ओर से घेरकर
भटक रहा था मैं राहों बीच बिछड़ कर
मिलता ना किनारा कोई तुमने हाथ थमाया
दुख को मिटाकर प्रभु दाया दिखलाया
अपनी कृपा का अमृत मुझको पिलाया
खिल उठा जीवन मेरा दिल मुसकाया
प्रभुजी आके मेरे जीवन में बड़ी उपकार किए हो
श्रांत हुआ था मैं जीवन में मेरा परोपकार किए हो
हर पल तेरे नामों को मैं भजते रहता हूँ
निराशा से हटकर मैं तुझमें रहता हूँ
तेरे चरणों का धूल प्रभु मुझको खजाना
जनम जनम तक गाउं तेरी गुणगाना
श्रांत हृदय की प्रभू तुम्ही शान्ति हो
बल बुद्धि विद्या शक्ति तुम्ही भक्ति हो
तेरी भक्ति में मेरा जीवन बीतता जाए
यहीं अरदास मेरा तुझमें घुलाएं
प्रभुजी आके मेरे जीवन में बड़ी उपकार किए हो
श्रांत हुआ था मैं जीवन में मेरा परोपकार किए हो
श्रांत पथिक था मैं जीवन टूट गया था
सारे सपने टूटकर बिखरा पड़ा था
मंजिल दूर खड़ी थी मुझसे बुझ गए थें आशा
दीपक जलाया कोई ना गिरा मैं निराशा
व्यथित पंछी सा पड़ा हुआ था सुना था मेरा आंगन
दिल में धुंआ था प्रभु सूखा दिल की बादल
आकर जीवन में मेरे मधुबन बसाया
चहकती सितारों से जिन्दगी सजाया
प्रभुजी आके मेरे जीवन में बड़ी उपकार किए हो
श्रांत हुआ था मैं जीवन में मेरा परोपकार किए हो
गीत =} #श्रांत हुआ था मैं जीवन में मेरा परोपकार किए हो
#Shrant Hua Tha Main Jeevan Mein, Mera Paropkar Kiye ho.
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