जहाँ पवित्रता है वहाँ शांति है जहाँ सच्ची भक्ति है वहाँ परमात्मा की अनुभूति है। गीत का मुख्य संदेश है कि सच्ची भक्ति श्रद्धा पवित्रता और विश्वास से मनुष्य के भीतर शांति उत्पन्न होती है और यही आंतरिक शांति संसार में प्रेम करुणा तथा सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करती है। इस गीत में कवि ने पवित्रता शांति प्रकृति और परमात्मा के प्रति अटूट विश्वास की भावना को व्यक्त किया है। जब संसार में सच्ची पवित्रता आती है तब चारों ओर की चंचलता समाप्त होकर शांति और मौन का वातावरण बन जाता है। हवा थम जाती है पत्ते स्थिर हो जाते हैं नदियों और तालाबों की लहरें शांत हो जाती हैं और पूरी प्रकृति किसी महान परिवर्तन की प्रतीक्षा करती हुई प्रतीत होती है। इस असाधारण शांति को परमात्मा के आगमन का संकेत मानते हैं। हमें विश्वास है कि ईश्वर करुणा और प्रेम लेकर आएँगे सबका कल्याण करेंगे और धरती को स्वर्ग के समान सुंदर एवं सुख-शांतिमय बनाएँगे। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, होता आस पास में शान्ति सब मौन हो जाता, #Hota Aas-Paas Mein Shaanti Sab Maun Ho Jaata, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
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Writer ✍️ #Halendra Prasad
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सुख शान्ति से भर देते है परम पिता परमेश्वर
जगत दयालु हितैषी शिव शंकर महेश्वर
परमात्मा ईश्वर है दयालु कृपालु करुणामय
सारी दुनियां की मित्र हितैषी शिव हरे
जब जब आती है पवित्रता तो सब कुछ गंभीर हो जाता
होता आस पास में शान्ति सब मौन हो जाता
चुप चाप रहता कुदरत हिले ना डुले
सरल कोमल भाव से स्वभाव में दिखे
ध्वनिहीन हो जाता है सुकून और खामोशी में
पत्तों ना डोले जैसे पवन रुक जाते है
चारों ओर के आवरण में सृष्टि जब घुल जाती है
आब हवा शान्त होता ध्वनि रुक जाती है
जब जब आती है पवित्रता तो सब कुछ गंभीर हो जाता
होता आस पास में शान्ति सब मौन हो जाता
नदियों तालाब के अब जल नाही लहरे
कमल के फूल भी चुप चाप ठहरे
मछली की चाल नाही दिखता सरोवर में
लगता है गति छोड़ दिया सृष्टि प्रकृति में
आलस की रूप धकर चारों ओर छाया है
काम ना करने को कार्य रुचि लेकर आया है
दिखता उत्साह ना दिखाता ना कार्य
हलचल न होता सारा शान्त है कुदरत में
जब जब आती है पवित्रता तो सब कुछ गंभीर हो जाता
होता आस पास में शान्ति सब मौन हो जाता
शान्ति गंभीरता से घोषणा पैठाया भाव
लगता है नगर अब पवित्र होगा घाव
दिया है संकेत जैसे रुका गया नाम से
घटना घटने वाली आधी आया पयाम से
श्रद्धामय सृष्टि अपना रूप धारण किया
चांद तारे रुक गए रात काली किया
कुदरत की शान्ति कोई महान काम करेगी
लगता है मुझको अब सृष्टि को बदले गी
जब जब आती है पवित्रता तो सब कुछ गंभीर हो जाता
होता आस पास में शान्ति सब मौन हो जाता
लगता है मुझको ऐसा भगवन आनेवाले है
सबका भला करनेवाला ईश्वर आनेवाले है
सबकर भलाई करेंगे शुभ शुभ करेंगे
आसमा के स्वर्ग को धरती पर रखेंगे
स्वयं परमात्मा आयेंगे करुणा बरसाएंगे
दर्शन कृपा से जग को सार्थक बनाएंगे
विश्वास की भक्ति से जब सच्ची भक्ति जागती है
खुश होते भगवन जग निराश नाही करते है
जब जब आती है पवित्रता तो सब कुछ गंभीर हो जाता
होता आस पास में शान्ति सब मौन हो जाता
गीत=} #होता आस पास में शान्ति सब मौन हो जाता
#Hota Aas-Paas Mein Shaanti Sab Maun Ho Jaata.
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