लक्ष्य ऊँचा हो तो रास्ता कठिन होना स्वाभाविक है पर जो मनुष्य साहस परिश्रम और दृढ़ता के साथ चलता रहता है उसके लिए एक दिन कठिन शिखर भी प्राप्त करना संभव हो जाता है। यह गीत मनुष्य को जीवन के महान लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। जिस प्रकार ऊँचे पर्वत का शिखर कठिन और दूर दिखाई देता है उसी प्रकार जीवन का बड़ा लक्ष्य भी प्रारंभ में कठिन लगता है। रास्ते में काँटे पत्थर अभाव असफलता बाधाएँ और विपरीत परिस्थितियाँ आती हैं लेकिन मनुष्य को उनसे घबराकर पीछे नहीं हटना चाहिए। गीत का संदेश है कि साहस दृढ़ संकल्प परिश्रम धैर्य और संघर्ष के द्वारा कठिन से कठिन लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सकता है। मनुष्य का मन कभी उत्साहित और कभी निराश होता है इसलिए उसे अपने विवेक और संकल्प को मजबूत रखना चाहिए। यह गीत निर्धन और साधनहीन व्यक्ति के संघर्ष को सम्मान देता है। जिसके पास सहारा नहीं है वह भी यदि निरंतर प्रयास करता रहे तो एक दिन परिस्थितियाँ बदल सकती हैं और सफलता की राह खुल सकती है । अंततः गीत यह सिखाता है कि भाग्य से अधिक महत्वपूर्ण मनुष्य का पुरुषार्थ है। कठिनाइयाँ हमारी परीक्षा लेती हैं, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति वाला मनुष्य हार नहीं मानता।जय हो संघर्षशील मानव की, जय हो महान लक्ष्य की। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, वैसे जीवन का महान लक्ष्य बड़ा ऊंचा लगता, #Vaise Jivan Ka Mahan Lakshy Bada Uncha Lagata, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Vaise Jivan Ka Mahan Lakshy Bada Uncha Lagata
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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जैसे ऊंचे ऊंचे पर्वत की शिखर बड़ा ऊंचा लगता
वैसे जीवन का महान लक्ष्य बड़ा ऊंचा लगता
बार बार उत्पन्न होता नया नया जोश दिल में
हम की समाधि जैसा दिखता है लक्ष्य मन में
मार्ग कठिन होता है चलना है सम्भल कर
जीवन की सफर में डगरना डगर पर
कांट कुश पत्थर है पांव में ना जूता
पढ़ जाता छाला जब दिखता ना छाला
जैसे ऊंचे ऊंचे पर्वत की शिखर बड़ा ऊंचा लगता
वैसे जीवन का महान लक्ष्य बड़ा ऊंचा लगता
सामने जब आती है बाधा सामना करना पड़ता है
भरकर साहस दिल में आगे बढ़ना पड़ता है
मिलती ना सफलता सबको सब लोग मेहनत करते
लक्ष्य को पाने खातिर कुछ लोग प्राण न्योछावर करते
कठिनाइयों को देखकर कुछ लोग वापस आजाते है
सफल ना होते लक्षय में अपने पागल हो जाते
कठिन मार्ग की कठिन कहानी कठिन समय बताता है
दृढ़ता और परिश्रम को अपनी चैलेंज सुनाता है
जैसे ऊंचे ऊंचे पर्वत की शिखर बड़ा ऊंचा लगता
वैसे जीवन का महान लक्ष्य बड़ा ऊंचा लगता
मन की बातको मानने वाला जब मन की भावको माने
बह जाता उन धारों में जैसे मन बहावे
दुनियां की यात्रा पर जाना साधन नहीं अकेला
हर कदम पर खड़ी परीक्षा करती है प्रतीक्षा
जब विपरीत हालातों का सामना करना पड़ता है
बरस जाती ये आँखें जैसे बादल बरसता है
जब नियति बाधा लाती है तब खड़ा करती है सामने
देख कर मनवा कांप जाता है जैसे पंगु हो जाता
जैसे ऊंचे ऊंचे पर्वत की शिखर बड़ा ऊंचा लगता
वैसे जीवन का महान लक्ष्य बड़ा ऊंचा लगता
निर्धन गरीब लोगों को भाग्य के विपरीत चलना
संघर्ष कठिनाइयों से बार बार है लड़ना
जब कोई बिना सहारे चलता जीवन के सफर पर
बिन साधन के आगे बढ़ता बड़े लक्ष्य के दर पर
रहो में रुकावट करती किस्मत की कहानी
आगे बढ़ना कठिन कर देती भाग्य की निशानी
संघर्षशील मानव जब आगे बढ़ते जाता हैं
झुक जाती है नियति एकदिन लक्ष्य की राह दिखाती है
जैसे ऊंचे ऊंचे पर्वत की शिखर बड़ा ऊंचा लगता
वैसे जीवन का महान लक्ष्य बड़ा ऊंचा लगता
गीत =} #वैसे जीवन का महान लक्ष्य बड़ा ऊंचा लगता
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