अपनी शक्ति को व्यर्थ खर्च न करें लक्ष्य को पहचानें सोच-समझकर प्रयास करें असफलता से सीखें और आत्मबल बनाए रखते हुए जीवन के संघर्ष में आगे बढ़ते रहें। इस गीत में जीवन को एक युद्ध और मनुष्य को योद्धा के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कवि का संदेश है कि केवल शक्तिशाली होना ही सफलता के लिए पर्याप्त नहीं है। बल बुद्धि विद्या साधन साहस और आत्मबल का सही समय पर सही दिशा में उपयोग करना आवश्यक है। मनुष्य जब बिना योजना और विवेक के अपनी सारी शक्ति खर्च कर देता है तो कठिन समय आने पर उसकी ऊर्जा उत्साह और आत्मविश्वास समाप्त हो जाते हैं परिणामस्वरूप वह सामर्थ्यवान होते हुए भी लक्ष्य से भटककर हार मान लेता है। क्योंकि बड़े लक्ष्य के लिए उचित तैयारी धैर्य विवेक संकल्प और आत्मविश्वास जरूरी हैं। छोटी नाव से विशाल सागर पार किया जा सकता है सीमित साधनों के बावजूद सही दिशा और मजबूत हौसले से कठिन मंजिल प्राप्त की जा सकती है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, #शक्तिशाली होते हुए भी हार मानकर जाते #Shaktishali Hote Huye Bhi Har Mankar Jate ,Writer ✍️ #Halendra Prasad
गीत =} शक्तिशाली होते हुए भी हार मानकर जाते
#Shaktishali Hote Huye Bhi Har Mankar Jate
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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की सुनो मेरी तुम पुकार बारम्बार बावरे
इस जीवन रूपी युद्ध में ना खर्च करो बलको तुम बेकार बावरे
जब खर्च हो जाती बल बुद्धि विद्या
निराशा से घेर लेती असहायों की इच्छा
कभी कभी होता है ऐसा जैसा कोई ना सोचा
पराक्रमी बलशाली जिनके अस्त्र शस्त्र काम नहीं आता
असफल होते है लक्ष्य भेदन में योद्धा बन शर्माते
शक्तिशाली होते हुए भी हार मानकर जाते
की सुनो मेरी तुम पुकार बारम्बार बावरे
इस जीवन रूपी युद्ध में ना खर्च करो बलको तुम बेकार बावरे
जिसकी शक्ति मंद पड़ी है वो भटक जाता है लक्ष्य से
बल बुद्धि विद्या से भटका भटक जाता है संकल्प से
खाली तरकश हो जाते है सारे तीर समाप्त हो जाता
तन मन स्थिर हो जाती है जिसको अहंकार घेरा
ऐसे योद्धा युद्ध भूमि में जाते जब पहुंच ना पाते लक्ष्य तक
सारे शक्ति खर्च हो जाते असफल होते है युद्ध में
तीर मनुष्य की प्रतिभा ऊर्जा आदर्श प्रयास का सिम्बल है
सही क्षमता को उपायों करे जो उसका आत्मबल है
की सुनो मेरी तुम पुकार बारम्बार बावरे
इस जीवन रूपी युद्ध में ना खर्च करो बलको तुम बेकार बावरे
जीवन की उस लक्ष्य से जब भटक जाते है लोग यहां
संघर्ष पूरा ना होता है बिखर जाते है लोग वहां
हिम्मत हारे साधन और उत्साह गवाएं
मार कर मन को बैठ जाते है जैसे कोई दिल जलाए
मन की मन में रह गई इच्छा पूरी न हो सकी
मिट गया अस्तित्व जीवन का जैसे सागर निगल गई
देखो जरा उस जीवन को जिसने छोटी नाव बनाई
पार किया उस विशाल सागर को जिसकी साथी साथ निभाई
की सुनो मेरी तुम पुकार बारम्बार बावरे
इस जीवन रूपी युद्ध में ना खर्च करो बलको तुम बेकार बावरे
बड़े उद्देश्य को पूरा करने को साहस केवल जरूरी ना
उचित तैयारी पूरा करती है सामर्थ्य विवेक में देरी ना
असफल होते है वैसे लोग जो अपनी क्षमता को आंके ना
कठिन कार्य में उतर जाते है अपनी संयोग को देखे ना
संकट में जब पड़ता अस्तित्व तो सांसे कांप जाती
रो देता वो मानव जब अपने कर्मों पे पछताते
जीवन में विशाल चुनौती जब जब घेर कर आती है
कठिन लक्ष्य की भूमिका लाकर हाथों में थमाती है
की सुनो मेरी तुम पुकार बारम्बार बावरे
इस जीवन रूपी युद्ध में ना खर्च करो बलको तुम बेकार बावरे
गीत =} शक्तिशाली होते हुए भी हार मानकर जाते
#Shaktishali Hote Huye Bhi Har Mankar Jate
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