जिस मनुष्य के भीतर आत्मबल और ईश्वर पर विश्वास होता है उसे कोई भी विपत्ति उसकी शांति और संकल्प से दूर नहीं कर सकती। यह गीत मनुष्य के आत्मविश्वास, साहस और आंतरिक शक्ति का संदेश देता है। बाहरी विरोध कठिनाइयाँ और षड्यंत्र किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं हरा सकते जिसके मन में शांति आत्मबल और ईश्वर पर विश्वास हो। जीवन में संकट और बाधाएँ आती रहती हैं लेकिन उनका सामना धैर्य और कर्म के मार्ग पर चलकर करना चाहिए। मनुष्य की वास्तविक शक्ति उसके अंदर होती है। वह दूसरों के सहारे नहीं बल्कि अपने साहस कर्म और आत्मविश्वास के बल पर आगे बढ़ता है। संघर्ष जीवन का हिस्सा है और वही संघर्ष व्यक्ति को मजबूत बनाता है। अंतिम सत्य मृत्यु और परमात्मा की शरण है। यह गीत हमें सिखाता है कि भय और निराशा से दूर रहकर आत्मशक्ति कर्म और ईश्वर-विश्वास के साथ जीवन जीना चाहिए। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल रचना भक्ति प्रार्थना आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, #साजिश होगा सारा बेकार तुम भुला ना पाओगे, #Sajish Hoga Sara Bekar Tum Bhula Naa Paoge, Writer ✍️ #Halendra Prasad
गीत =} #साजिश होगा सारा बेकार तुम भुला ना पाओगे
#Sajish Hoga Sara Bekar Tum Bhula Naa Paoge
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
मेरी मन के मन शान्ति को तुम हिला ना पाओगे
साजिश होगा सारा बेकार तुम भुला ना पाओगे
कौन मुझे मरेगा कौन मुझे जारेगा
मौत मै बुलाया खुद कौन उसे टालेगा
मेरे शक्ति को मुझे दिया मेरे दाता
जिसने भेजा दुनियां में वहीं है विधाता
बाहर पर मैं निर्भर ना हूँ अन्दर से मैं खाली
कठिनाइयों की सामना में पूरी है तैयारी
मेरी मन के मन शान्ति को तुम हिला ना पाओगे
साजिश होगा सारा बेकार तुम भुला ना पाओगे
बाहरी विरोधों से मै डरता नहीं हूँ
साहस भरी है मुझमें बिखरता नहीं हूँ
खतरों में जीनेवाला खतरों से डरता ना
मानसिक शांति में रहता डी देखकर बिखरता ना
निर्णय अपना है अपने आप में स्वतंत्र है
कर्म और जीवन में कर्म ही जीवन्त है
आत्म शक्ति बढ़ती जाती खतरों को देखकर
देती है सन्देश मन खतरों को भाफ कर
मेरी मन के मन शान्ति को तुम हिला ना पाओगे
साजिश होगा सारा बेकार तुम भुला ना पाओगे
मुश्किलें परेशानी सब बाधा बनकर आती
डाल कर रुकावट तकलीफ को जगाती
अड़चन चुनौतियों को मन मेरा मनाता
विपत्ति आती है जब संघर्षों को जानता
जीवन के अन्तिम सत् को सब जानते है
कोई नहीं बच्चा है सब पहचानते है
पराजय हो जाएगी जब पास ना आयेंगे
पत्थर से पत्थर लड़ेगा चिंगारी निकल जाएंगे
मेरी मन के मन शान्ति को तुम हिला ना पाओगे
साजिश होगा सारा बेकार तुम भुला ना पाओगे
आई पुकार अब अब ना देरी है
जाने को तैयार पग बढ़ चुका है
आत्मा ने पुकारा है भगवन अब तुमको
ले जाओ तुम साथ में आत्मा को अपने
करो ना विलम्ब समय हो चुका है
तुम्हारे ही याद सफर आ गया है
अन्तिम सफर में मन अब चला है
बढ़ाया कदम है आगे बढ़ा है
मेरी मन के मन शान्ति को तुम हिला ना पाओगे
साजिश होगा सारा बेकार तुम भुला ना पाओगे
गीत =} #साजिश होगा सारा बेकार तुम भुला ना पाओगे
#Sajish Hoga Sara Bekar Tum Bhula Naa Paoge
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें