यह रचना माँ सरस्वती के प्रति भक्ति श्रद्धा प्रेम और कृतज्ञता की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है। रुनझुन नूपुर की आवाज़ से मैं जाना मेरी माँ गीत में माँ सरस्वती की दिव्य महिमा ज्ञान संगीत साहित्य और कला की स्तुति की गई है। मै माँ के आगमन को नूपुर की मधुर रुनझुन के रूप में अनुभव करता हूँ। उसके अनुसार माँ सरस्वती ही मनुष्य को ज्ञान बुद्धि प्रतिभा संगीत और सृजन की प्रेरणा प्रदान करती हैं। मैं अपने गीत को साहित्यिक प्रतिभा को माँ की कृपा मानता हूँ। माँ को वीणापाणि शारदा दुर्गा और काली के विभिन्न स्वरूपों में देखता हूँ तथा मानता हूँ कि माँ अपने भक्तों को ज्ञान शक्ति मानवता और सद्गुणों से संपन्न करती हैं। इस गीत का मुख्य संदेश है कि जब मनुष्य के भीतर ज्ञान कला संगीत सद्भाव और दिव्य प्रेरणा जागती है तब वह माँ सरस्वती की उपस्थिति का अनुभव करता है। माँ उसके लिए केवल देवी नहीं, बल्कि स्नेहमयी मेरी माँ हैं।आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,रुनझुन नूपुर की आवाज से मैं जाना मेरी माँ, #Runjhun Noopur Ki Awaj Se Mai Jana Maa, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
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Writer ✍️ #Halendra Prasad
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तेरे आने की आवाज मैने सुना मेरी माँ
रुनझुन नूपुर की आवाज से मैं जाना मेरी माँ
तेरी चरणों की नूपुर मुझको बताता है
दिव्य प्रेरणा का ज्ञान कला लेकर आता है
मेरे अनुभव में माता तेरी उपस्थिति है
सरस्वती माँ तेरी आदर भाव की स्तुति है
भगवती वीणापाणि शारदा भवानी तू
करती है जग के माँ रखवाली तू
आत्म ज्ञान संगीत कला साहित्य की तू देवी
जुड़ गया आत्मा मेरी तेरी मधुर ध्वनि निरेखी
तेरे आने की आवाज मैने सुना मेरी माँ
रुनझुन नूपुर की आवाज से मैं जाना मेरी माँ
कविता की गुणों से भरा है तेरा संगीत रे
ठाकुर जी ने लिख दिया तेरी स्वरूप रे
माँ सरस्वती तेरी कृपा को काव्य में सजाया
पंक्ति दर पंक्ति को संगीत में लहराया
लगता है मुझको माता ऐसा उनको लगता
स्वयं वीणापाणि माँ सरस्वती जगता
रुनझुन की मधुर ध्वनि नूपुर से सुने है
अलौकी की मधुर ध्वनि सौन्दर्य में लिखे हैं
दी थी अनुपम प्रतिभा अपने आँचल से
कहां से सिखाई थी तू उनको पुरुषोत्तम
तेरे आने की आवाज मैने सुना मेरी माँ
रुनझुन नूपुर की आवाज से मैं जाना मेरी माँ
देती है तू जिसे माता उसे भर देती है
अन धन दौलत से उसको पिरोती है
नहीं जनता है कोई कैसे स्रोत जगाती है
अध्यात्म के मानवता से प्रेरणा सिखाती है
अद्भुत अनोखा प्रतिभा ज्ञान गुण को देती
करता सराहना दुनियां आंखों से निरेखी
बहुमुखी विलक्षण असामान्य उनकी कीर्ति
सौंप दिया सृष्टि सारी देख नेकी कीर्ति
श्रेष्ठ गुण ज्ञान बुद्धि क्षमता पीठाया
योग्यता की सीढ़ियों पर गुरुवर बनाया
तेरे आने की आवाज मैने सुना मेरी माँ
रुनझुन नूपुर की आवाज से मैं जाना मेरी माँ
ममता की मूरत में से माँ आदर तू करती
भक्ति शान्ति रस का समन्वय सुंदर रखती
जिसको तू चाहे माँ उसको सजाती है
निर्धन गरीब को धनवान तू बनाती है
तेरी वीणा से माता सरगम जो सजता
दिव्य प्रेरणा ज्ञान का संगीत से ही बजता
तूही काली तूही दुर्गा तूही शेरा वाली है
सरगम की साज का माँ तूही ज्ञान दानी है
माँ सरस्वती तेरी ज्ञान बड़ी मधुर
अद्भुत सौन्दर्य का है वीणा ज्ञान मधुर
तेरे आने की आवाज मैने सुना मेरी माँ
रुनझुन नूपुर की आवाज से मैं जाना मेरी माँ
गीत=} #रुनझुन नूपुर की आवाज से मैं जाना मेरी माँ
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