इस गीत का मुख्य संदेश है कि सच्चा सुख धन-दौलत या दिखावे में नहीं बल्कि सरलता प्रेम संतोष और माँ की भक्ति में मिलता है। यह गीत मनुष्य को जीवन में सादगी संतोष प्रेम और भक्ति का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है। कवि अपने हृदय की आवाज़ के माध्यम से कहता है कि हमें दिखावे लालच और बनावटी इच्छाओं को छोड़कर माँ के चरणों की ओर बढ़ना चाहिए। बाहरी चमक-दमक और अधिक पाने की लालसा मनुष्य को अशांत करती है जबकि सरल जीवन अच्छे संबंध और प्रेम से सच्ची खुशी प्राप्त होती है। जीवन में हर वस्तु और हर प्राणी का अपना महत्व है। छोटी-छोटी खुशियों को पहचानना सभी का सम्मान करना और संतोष रखना ही वास्तविक सुख का मार्ग है। अंत में कवि माँ से शक्ति बुद्धि और सद्गुणों की प्रार्थना करता है तथा अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लेता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, मेरा दिल मुझसे बोले तुम चलो जी अब माताके धामजी, #Mera Dil Mujhse Bole Tum Chalo Ji Ab Mata Ke Dham Ji, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Mera Dil Mujhse Bole Tum Chalo Ji Ab Mata Ke Dham Ji
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
छोड़ दो मन की बनावटी उस बातों को पिया जी
मेरा दिल मुझसे बोले तुम चलो जी अब माता के धाम जी
सादगी अपनाएंगे शालीनता को बुलाएंगे
खुशियों का घर स्वच्छ सहजता से सजाएंगे
सब कुछ का मान सम्मान हम करेंगे
भूलेंगे ना कद्र किसी का नजर में रखेंगे
सादगी ही सच्चा सुख है सादगी सरलता
दुख दिखावा लालच घेरा जिसको इच्छा
छोड़ दो मन की बनावटी उस बातों को पिया जी
मेरा दिल मुझसे बोले तुम चलो जी अब माता के धाम जी
जीवन की समझ है जीवो की कहानी
सबका महत्व है सृष्टि में पानी
अधिक पाने की इच्छा जीवन को रुलाती है
लालसा की वेदना देकर इच्छा को जगाती है
बाहरी चमक दमक मन को उलझाता
महंगी चीजों का चाह जीवन को भटकाता
कर देता आशांत मन को इधर उधर भेजकर
वास्तविक सुखों से दूर कर देता निरेख़ कर
छोड़ दो मन की बनावटी उस बातों को पिया जी
मेरा दिल मुझसे बोले तुम चलो जी अब माता के धाम जी
अनदेखी चीजों को देखकर मत साझे बेगाना
महत्व समझो उन चीजों को देता है अफसाना
छोटी छोटी खुशियां आती है प्रेम सच्चा ले आती है
सच्चे ही सम्बन्ध लाती है सच्ची जग बनाती
बाहर से आकर्षक दिखे ना भीतर को आप देखो
सच्ची है सन्तुष्ट यहां पे शांति को आप देखो
जीवन की उन चीजों को हम बेकार कभी ना साझे
सबके अपना मूल्य है जग में व्यर्थ नहीं हम समझे
छोड़ दो मन की बनावटी उस बातों को पिया जी
मेरा दिल मुझसे बोले तुम चलो जी अब माता के धाम जी
बल बुद्धि विद्या मंगाकर अर्जी लगाई हूँ
अपनी निवेदन हम माता को पिटाई हूँ
जिनको हमने कुचला उनको अपनाएंगे
शक्ति मांगी हूँ माँ से अपने में मिलाएंगे
इस जीवन में स्थाई सुख ना सब आते जाते है
समय बदलता रहता वक्त बदलते जाते है
तन मन की गहराई में तन मन बदल जाता
आता है बुढ़ापा एक दिन निकल जाता
छोड़ दो मन की बनावटी उस बातों को पिया जी
मेरा दिल मुझसे बोले तुम चलो जी अब माता के धाम जी
गीत=} #मेरा दिल मुझसे बोले तुम चलो जी अब माताके धामजी
#Mera Dil Mujhse Bole Tum Chalo Ji Ab Mata Ke Dham Ji
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