भारत की सच्ची शक्ति उसकी करुणा एकता मेहनत और मानवता में है। इस गीत में कवि ने भारत माता को ममता दया प्रेम और करुणा से भरी माँ के रूप में चित्रित किया है। भारत की मिट्टी संस्कृति तिरंगा किसान जवान बच्चे और युवा सभी देश की शक्ति और सुंदरता के प्रतीक हैं। कवि युवाओं और बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए मेहनत ज्ञान-विज्ञान और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है। सैनिकों की वीरता किसानों के परिश्रम और वैज्ञानिकों की उपलब्धियों का सम्मान किया गया है। गीत में जाति-धर्म के भेदभाव को भूलकर एकता प्रेम और भाईचारे से रहने का संदेश है। कवि ऐसे नए भारत का सपना देखता है जहाँ हर हृदय में दया हो दुखी के आँसू पोंछे जाएँ, भूखे को अन्न और प्यासे को जल मिले। यह गीत राष्ट्रप्रेम के साथ मानवता करुणा एकता परिश्रम और नए भारत के निर्माण का सुंदर संदेश देता है। 🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई 🇮🇳15 अगस्त के पावन अवसर पर आप सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई। इस स्वतंत्रता दिवस पर हम अपने वीर स्वतंत्रता सेनानियों और देश के अमर शहीदों को नमन करें जिन्होंने अपने त्याग और बलिदान से हमें स्वतंत्र भारत का गौरव दिया। हम संकल्प लें कि एकता भाईचारा प्रेमकरुणा और मानवता को अपने जीवन में अपनाकर भारत की प्रगति में अपना योगदान देंगे। आप सभी को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ। 🌹🙏हमारा तिरंगा सदैव ऊँचा रहे,हमारा हिंदुस्तान सदैव महान रहे। 🇮🇳जय हिंद! जय भारत! 🙏❤️🇮🇳 भक्ति देश भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, #Karuna Ki Dhara Bahati Bharat Maa Ki God Men, Writer ✍️ #Halendra Prasad
गीत =} #बहती करुणा की धारा बहती भारत माँ की गोद में
#Bahati Karuna Ki Dhara Bahati Bharat Maa Ki God Men
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
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नई उमंगे नई तरंगे भारत माँ ले आई है
मिट्टी की खुशबू से भारत माता आंगन को सजाई है
चांदनी रात में चमके चम चम भारत की उज्जवलता
मेहनत की हर राह पकड़ कर आगे बढ़ती जनता
उठे जवान बढ़े जवान भारत माँ की आन पर
अपनी जिम्मेदारी को दिखा दिए है ताज पे
आज के बच्चे कल के प्रहरी भारत का भविष्य बनेंगे
ज्ञान विज्ञान की नई उड़ान से भारत का नेतृत्व करेंगे
बहती करुणा की धारा बहती भारत माँ की गोद में
कहती है ममता की भाषा आँसू को पोंछ पोंछ के
पीले पत्ते झरते है नव पल्लव मुस्काए
बीते दुःख के अंधियारों में आश का दीप जलाए
भूखे को माँ अन्न देती है प्यासे को माँ जल
गिरते को माँ गोद उठाती आँचल ढाक सुलाए
जाती धर्म के भेद भुलाकर सबको गले लगाती
छाया देती है आँचल की माँ गोद में लिए उठाए
बहती करुणा की धारा बहती भारत माँ की गोद में
कहती है ममता की भाषा आँसू को पोंछ पोंछ के
झर जाओ तुम पीले पत्ते नव युग आने वाला है
हरे भरे इन कोमल पत्तों में भारत मुस्काने वाला है
हर हृदय में करुणा भरदे दया बने पहचान सबकी
अर्पित करदे माँ के चरण में जीवन और दुनियां सारी
भारत माँ की गोद में प्रेम का सूरज उगता है
जहां दया और करुणा बरसे यहीं नया भारत कहता है
लाल गुलाबी पत्तों जैसे लहर रहे है तिरंगा
नई उमंगे नई तरंगे भारत माँ की आंगन में
बहती करुणा की धारा बहती भारत माँ की गोद में
कहती है ममता की भाषा आँसू को पोंछ पोंछ के
चांदनी रातों में चमके सपनों के उजियारे सब
मिट्टी की खुशबू को लिए भारत के रखवाले हम
उठो जवानों बढ़ो जवानों अब तुम्हारी बारी है
भारत माँ की आन बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है
नदियों जैसा निर्मल धारा पर्वत जैसा मान रहे
सीमा पे जो डटे हुए हैं उनका हम सम्मान करे
खेतों में जो अन्न उगाएं उनको शीश झुकाए हम
ज्ञान विज्ञान की नई उड़ान से देश को आगे ले जाएं हम
बहती करुणा की धारा बहती भारत माँ की गोद में
कहती है ममता की भाषा आँसू को पोंछ पोंछ के
छोटे है तो क्या हुआ सपने अपने बड़े बड़े
मेहनत की हर राह पकड़कर कदम सदा हम आगे रखे
आज के बच्चे कल के प्रहरी भारत को संवारेंगे
अपने कर्मों की रोशनी से भारत को उजियारेंगे
पीढ़ी पुरानी राह दिखाए नई पीढ़ी को आगे बढ़ाए
अनुभव और नई सोच मिलाकर भारत का भाग्य सजाए
एक तिरंगा एकता हमारा एक हमारा अरमान
भारत माता की जय बोले हम ऊंचा रहे हिंदुस्तान
बहती करुणा की धारा बहती भारत माँ की गोद में
कहती है ममता की भाषा आँसू को पोंछ पोंछ के
गीत =} #बहती करुणा की धारा बहती भारत माँ की गोद में
#Bahati Karuna Ki Dhara Bahati Bharat Maa Ki God Men
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