सफलता से बढ़कर संघर्ष और प्रयास का मूल्य है। जो व्यक्ति ईमानदारी से अपने उद्देश्य के लिए संघर्ष करता है वह सफलता मिले या न मिले सम्मान और प्रणाम का पात्र है। इस गीत में कवि ने उन सभी संघर्षशील साहसी मेहनती और कर्मनिष्ठ लोगों को सम्मान दिया है जो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं। मेरा मानना है कि सम्मान केवल सफल व्यक्तियों का ही नहीं बल्कि उन लोगों का भी होना चाहिए जो पूरी ईमानदारी लगन और समर्पण से संघर्ष करते हुए लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाए। जीवन में कठिनाइयाँ बाधाएँ और असफलताएँ आती रहती हैं लेकिन सच्चा कर्मवीर उनसे हार नहीं मानता। वह बड़े सपने देखता है नए विचार खोजता है और बार-बार प्रयास करता रहता है। उसकी सफलता से अधिक महत्वपूर्ण उसका संघर्ष साहस ईमानदारी और कर्म के प्रति समर्पण है। समाज और राष्ट्र की प्रगति केवल सफल लोगों से नहीं होती बल्कि उन अनगिनत लोगों के प्रयासों से भी होती है जिनके अधूरे सपने और संघर्ष भविष्य की राह बनाते हैं। इसलिए मैं ऐसे सभी संघर्षशील मनुष्यों को हृदय से नमन करता हूँ। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,करूं उनको मैं प्रणाम जो महिमामय काम करते, #Karu Unko Mai Pranam Jo Mhimamay Kam Karye, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

 गीत =} #करूं उनको मैं प्रणाम जो महिमामय काम करते

#Karu Unko Mai Pranam Jo Mhimamay Kam Karye

           Writer ✍️ #Halendra Prasad  

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          मैं नमन करु उन संघर्षशीलों को जो प्रयत्न करते

           करूं उनको मैं प्रणाम जो महिमामय काम करते

           साहसी और मेहनती को सम्मान देता मैं दिल से

          जिन्होंने महान कहाया उसे प्रेम करता मैं आत्म से

       केवल उनको ना सम्मान देता मैं जो लक्ष्य में उदित हुए 

     प्रणाम करु मैं उन लोगों को जो उद्देश्य को पूरा नहीं किए

             इस जीवन में ऐसी समय भी आती रहती है 

       धूल जाते है आँख की काजल दिल दिखाती रहती है 

       पहुंच ना पाता मंजिल तक वो व्यर्थ मेहनत ना होता

          दिखता है सारा रूप दृश्य में वोझल नहीं होता

        मैं नमन करु उन संघर्षशीलों को जो प्रयत्न करते

        करूं उनको मैं प्रणाम जो महिमामय काम करते


      सम्मान योग्य है अपने आप में वो संघर्ष समर्पण कर्म 

   नमस्कार करु मैं उन कर्मवीरों को जिनके अधूरे रहे हैं कम

         देखते हैं जो बड़े सपने को नए विचार को लाते 

            करते है कल्पना मन में नए समय सजाते

     भूत अतीत को देखकर जब भविष्य आदर्श को देखे

        लक्ष्य निर्धारित करके वो संघर्ष से लड़ते रहते 

       बारम्बार जो सामना करता उन कठिनाइयों से

       बाधा और चुनौतियों से लड़ता रहता आत्मा से

    प्रयास करता है हरदम दिल से थकता ना रुक पाता

      ठिठुर जाते है हाथ पाव पर कर्मों से बांझ ना आता

       मैं नमन करु उन संघर्षशीलों को जो प्रयत्न करते

       करूं उनको मैं प्रणाम जो महिमामय काम करते


      संघर्ष करता जो कठिनाइयों में लक्ष्यों को पाने को

         देखते है वो बड़े सपने दुनियां को दिखाने को

        सोच जरा उस दिल से जिसमें दिल धड़कता है 

   आदर और सम्मान के खातिर पल पल आँख बरसता है 

          सभा राष्ट की प्रगति केवल उनसे ना होती

       जो सफल हुए इस जग में उसके कारण ना होती

        बड़े सपने जो देखते है वो विचार ढूंढकर लाते 

        कभी बरसते कभी गरजते हरियाली को सजाते

         नए मार्ग जो ढूंढे है वो काठीन डगर पे चलते थे 

        भूलते ना उद्देश्य को अपने प्रयासरत में रहते थे

       मैं नमन करु उन संघर्षशीलों को जो प्रयत्न करते

        करूं उनको मैं प्रणाम जो महिमामय काम करते

 

         हार नहीं मानी है जिसने उसने ही कुछ पाया है 

          आदर्शों की प्रयत्नों में जंगो से लड़ पाया है 

    आधार नहीं है सफल सम्मान की जो आँखो से दिखता

       मूल्यवान बना है वो संघर्ष जो ईमानदारी में जागे 

        आदर के वो पात्र है जग में जिसने लगन लगाई 

        लक्ष्य तक पहुंच ना पाया फिर भी आँख जगाई

         सफल सफलता के ऊपर है कर्मों का प्रयास

       बड़ी महत्ता है उसकी जिसकी संघर्ष रही उदास

           साहस की दहलीजों पे जिसने तन जलाया 

         आँख में पानी भरकर उसने बाहर नहीं गिराया

       मैं नमन करु उन संघर्षशीलों को जो प्रयत्न करते

        करूं उनको मैं प्रणाम जो महिमामय काम करते

गीत =} #करूं उनको मैं प्रणाम जो महिमामय काम करते

#Karu Unko Mai Pranam Jo Mhimamay Kam Karye

           Writer ✍️ #Halendra Prasad  

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       🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏

टिप्पणियाँ

मेरी हृदय मेरी माँ

अहंकार और इच्छाओं का त्याग करके सच्चे समर्पण और भक्ति से ही भगवान का अनुभव और जीवन का परम आनंद प्राप्त होता है क्योंकि यह भक्ति-गीत एक साधक की भगवान के प्रति गहरी पुकार जिज्ञासा और समर्पण को दर्शाता है वह बार-बार भगवान को याद करता है और उनकी लीला को समझना चाहता है लेकिन उसे स्पष्ट अनुभव नहीं हो रहा इसलिए वह प्रश्न करता है भक्त भगवान से प्रार्थना करता है कि उसका अहंकार भय स्वार्थ और चिंता मिटा दें और उसे अपने प्रेम व दिव्यता में लीन कर दें वह स्वीकार करता है कि इच्छाएँ और मोह उसे भ्रमित करते हैं और सच्चे ज्ञान से दूर कर देते हैं सच्चा आनंद और शांति केवल भगवान में ही है इसलिए वह उनसे आत्म-शुद्धि और ब्रह्म में विलीन होने की प्रार्थना करता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,भगवन कैसी तेरी लीला तू दिखाता काहे ना, #Bhagawan Kaisi Teri Lila Too Dikhata Kahe Naa, Writer ✍️ #Halendra Prasad ,

यह गीत जीवन के परिवर्तन आत्मचेतना और भगवान के रहस्य को समझने की एक आध्यात्मिक खोज को व्यक्त करता है।कवि इस गीत के माध्यम से भगवान से प्रश्न करता है कि वह पागल नहीं है बल्कि जीवन और चेतना के गहरे रहस्यों को समझने की कोशिश में भटक रहा है। संसार हर पल बदलता रहता है सुख-दुःख आशा-निराशा जन्म-मरण सब आते-जाते रहते हैं। मनुष्य बाहर की दुनिया को आँखों से देखता है लेकिन असली सत्य मन आत्मा और चेतना के भीतर छिपा है। यह जीवन कोई स्थिर चीज नहीं है बल्कि लगातार बदलने वाली प्रक्रिया है। जो व्यक्ति इस परिवर्तन को स्वीकार कर लेता है और भीतर की चेतना को समझने का प्रयास करता है वही जीवन के सच्चे अर्थ को जान पाता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, भटका चेतना के सागर में ना मैं पागल भगवन, #Bhatka Chetna Ke Saagar Mein Na Main Paagal Bhagwan, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

यह रचना बताती है कि अत्यधिक सोच और अतीत में जीना मनुष्य को उलझन में डाल देता है जबकि विश्वास संतुलन और वर्तमान में जीना जीवन को सरल बनाता है कवि अपने मन की बेचैनी यादों निर्णयहीनता और मानसिक संघर्ष को माँ के सामने व्यक्त करता है। कवि बीती हुई बातों और पुरानी यादों में इतना उलझ गया है कि उसे रातों में नींद नहीं आती और वह सही-गलत तथा जीवन के प्रश्नों में खो जाता है कवि हर बात को बहुत गहराई से सोचता है, जिसके कारण वह छोटे-छोटे निर्णय भी नहीं ले पाता। यादें उसके मन को बार-बार विचलित करती हैं और उसकी कार्यक्षमता रुक जाती है। अंत में वह अपनी माँ से मार्गदर्शन, शांति और सहारा माँगता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, बड़ी उलझन में फंसी है मेरी प्राण रे माई #Badi Uljhan Men Fanshi Hai Meri Pran Re Mai,, Writer ✍️ #Halendra Prasad ,

यह रचना गुरु-भक्ति वैराग्य और आत्मज्ञान का सुंदर संदेश देती है कि संसार का सुख क्षणिक है जबकि गुरु का ज्ञान ही सच्ची मुक्ति का मार्ग है क्योंकि यह भक्ति गीत संसार की मोह-माया, धन, रूप, आकर्षण और वासना के जाल से सावधान करता है। गीत में मोह-माया को नागिन के रूप में दर्शाया गया है जो मनुष्य को सुंदरता और लालच के माध्यम से अपने बंधन में बाँधकर दुख देती है। मोह में फँसा इंसान भीतर से टूट जाता है और जीवन का सही मार्ग खो देता है गीत का मुख्य संदेश यह है कि केवल सच्चे गुरु की शरण और उनके उपदेश ही मनुष्य को इस भ्रमजाल से मुक्त कर सकते हैं। गुरु की निर्मल वाणी, ज्ञान और कृपा आत्मा को शांति प्रदान करती है तथा जीवन को सही दिशा देती है।सीआध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,मोह माया से मुक्त करते है सुने जो कहानी, #Moh Maya Se Mukt Kayre Hai Sune Jo Kahani, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

मृत्यु प्रकृति का अटल सत्य है, इसलिए उससे डरने के बजाय उसे शांति और परिवर्तन के रूप में स्वीकार करना चाहिए। क्योंकि मृत्यु को भय नहीं बल्कि शांति, विश्राम और आत्मा की मुक्ति का माध्यम है। जैसे दिन के बाद रात आकर शरीर को आराम देती है, वैसे ही जीवन के संघर्षों और थकान के बाद मृत्यु आत्मा को शांति प्रदान करती है मृत्यु को भय नहीं बल्कि शांति, विश्राम और आत्मा की मुक्ति का माध्यम है। जैसे दिन के बाद रात आकर शरीर को आराम देती है, वैसे ही जीवन के संघर्षों और थकान के बाद मृत्यु आत्मा को शांति प्रदान करती है।मृत्यु को जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नए मार्ग और दिव्य यात्रा की शुरुआत माना गया है। अच्छे कर्म करने वाला मनुष्य मृत्यु के बाद परमात्मा और स्वर्ग की ओर जाता है, जहाँ दुख, चिंता और पीड़ा समाप्त हो आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, क्यों कहते हो उसे डरावनी जो आती है आराम देने को, #Kyun Kehte Ho Use Daraavni Jo Aati Hai Aaraam Dene ko, Writer ✍️ #Halendra Prasad

यह गीत माँ के प्रति अटूट श्रद्धा, पूर्ण समर्पण और निष्काम भक्ति का अत्यंत भावपूर्ण चित्रण है। इसमें भक्त अपने आत्मानुभव के आधार पर व्यक्त करता है कि उसने सोच-समझकर संसार के मोह माया अहंकार और आकर्षण का त्याग कर माँ की शरण ग्रहण की है। संसार में अनेक प्रकार के भ्रम मतभेद और प्रलोभन विद्यमान हैं किन्तु सच्चा भक्त अपने अटल विश्वास अनुभव और आस्था के बल पर केवल ईश्वर का मार्ग ही चुनता है।गीत यह संदेश देता है कि संसार के क्षणभंगुर बंधनों से ऊपर उठकर यदि मनुष्य सच्चे प्रेम श्रद्धा और समर्पण के साथ माँ की भक्ति में लीन हो जाए तो उसका जीवन सार्थक शांतिमय और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध हो जाता है। बाहरी आभूषणों और सांसारिक सुखों की अपेक्षा मन की पवित्रता प्रेम विनम्रता और भक्ति कहीं अधिक मूल्यवान हैं। जब मनुष्य अपने अहंकार, लालसा और मोह का त्याग कर पूर्ण समर्पण के साथ स्वयं को माँ के चरणों में अर्पित कर देता है तभी उसे वास्तविक शांति आनंद और आत्मिक मुक्ति की प्राप्ति होती है। यही इस गीत का मूल संदेश और आध्यात्मिक सार है।आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, छोड़कर दुनियां के बन्धन को तेरी भक्ति में डूबा हूँ मैय, #Chhodkar Duniya Ke Bandhan Ko Teri Bhakti Me Duba Hun Maiya, Writer ✍️ #Halendra Prasad

आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल रचना,मानव और ब्रह्मांड की एकता का अनुभव, Manav Aur Brahmand Ki Ekta Ka Anubhav,

अकेलापन मन का भ्रम है आत्मा सृष्टि और परमात्मा से जुड़े होने का अनुभव ही सच्चा ज्ञान और वास्तविक शांति है क्योंकि यह गीत मानव के मन आत्मा और परमात्मा के संबंध को समझाने वाला एक आध्यात्मिक चिंतन है। कवि कहता है कि मन और दिल अक्सर अज्ञान तथा भ्रम में पड़कर स्वयं को अकेला समझ लेते हैं, जिससे दुख, भय और पीड़ा उत्पन्न होती है। जबकि वास्तविक सत्य यह है कि जीवन कभी अकेला नहीं होता, क्योंकि प्रत्येक जीव, प्रत्येक तत्व और सम्पूर्ण सृष्टि एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। तन सीमित और अकेला दिखाई दे सकता है, लेकिन आत्मा शाश्वत, असीम और परम चेतना से जुड़ी हुई है। अकेलेपन की भावना वास्तव में मन की एक अवस्था है, जो अज्ञान और गलत धारणाओं से उत्पन्न होती है। जब आत्मज्ञान प्राप्त होता है, तब मन के भ्रम दूर हो जाते हैं और मानव अपने भीतर स्थित चेतना तथा ईश्वर की उपस्थिति का अनुभव करने लगता है मेरे अनुभव में ईश्वर केवल एक निर्गुण शक्ति नहीं, बल्कि माँ के समान प्रेम, करुणा, संरक्षण और स्नेह प्रदान करने वाली शक्ति है। आत्मा के जागरण पर ईश्वर माँ बनकर मानव को अपने प्रेम का अनुभव कराता है, उसके आँसू पोंछता है और जीवन का सही मार्ग दिखाता है। मानव कभी अकेला नहीं है। आत्मा, प्रकृति, समस्त सृष्टि और परमात्मा सदैव उसके साथ हैं। सच्चा ज्ञान मनुष्य को इस सत्य का अनुभव कराता है और उसे शांति, प्रेम तथा आत्मिक आनंद की ओर ले जाता है।आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत रचना,माने बात ना हमारी करता दिल पर आघात गुरुवर, #Mane Bat Naa Hamari Karta Dil Per Aaghat Guruvar, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

संघर्ष संतुलन और अवसर की खोज जीवन अवसर नहीं, चेतना की यात्रा, Sangharsh Santulan Aur Avasar Ki Khoj Jeevan Avasar Nahin, Chetna ki Yatra,

आध्यात्मिक दार्शनिक एवं भक्ति-शक्ति रचना, तेज और करुणा का समन्वय: दिव्य शक्ति का माधुर्य, Aadhyatmik Darshanik evam Bhakti-Shakti Rachna, Tej aur Karuna ka Samanvay: Divya Shakti ka Madhurya