इस गीत में कवि अपने गुरु की साहित्यिक संवेदनशीलता और करुणा की गहराई की प्रशंसा करता है। राजा अज और इन्दुमती के वियोग-प्रसंग को पढ़कर कवि आश्चर्य करता है कि गुरु ने अज के दुःख, विरह और पीड़ा को इतनी जीवंतता से कैसे महसूस किया। उनकी रचना इतनी मार्मिक है कि पाठक भी भावुक होकर रो पड़ता है। कवि के अनुसार सच्चा साहित्यकार वही है जो अपने पात्रों के सुख-दुःख को हृदय से अनुभव करके उन्हें शब्दों में जीवंत कर दे। अंत में कवि श्रद्धापूर्वक पूछता है गुरुवर क्या राजा अज का विरह लिखते समय आप स्वयं भी रोए थे? आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, #जरा हमको बता दो सच सच गुरुवर #Jara Humko Bata Do Sach Sach Guruvar, Writer ✍️ #Halendra Prasad
#Jara Humko Bata Do Sach Sach Guruvar
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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काहे लिखे हो बिलख कर दिल का दर्द गुरुवर
जरा हमको बता दो सच सच गुरुवर
इंदुमती के मृत्युशोक में किसने रोया था
तुमने रोया कि राजा अज ने रोया था
पूछता है दिल मेरा महाकाव्य की रचना पढ़
रो रहा था शोक में कौन इन्दुमति मृत्यु पर
वास्तव में समझूं ना मैं पढ़ कर वो रचना
दिल मेरा पूछता है देखता है सपना
आपकी हृदय की भावना करुणा बरसाती है
दया और हमदर्दी से आँखो को रुलाती है
लगता है मुझको गुरुवर आप रो रहे थे
राजा अज के विलाप का दुःख देख रहे थे
काहे लिखे हो बिलख कर दिल का दर्द गुरुवर
जरा हमको बता दो सच सच गुरुवर
सच्चा साहित्यकार हो सच्चा गुरु हो
दूसरे का सुख दुःख का अनुभव करते हो
आपकी रचना में गुरुवर दिल रो देता है
जब जब पढ़ता हूँ मैं आँसू गिर जाता है
पात्रों के सुख दुःख को अपना बनाए
किए महसूस दिल से कलम पे सजाए
आपकी रचना में भावना कितनी शक्तिशाली है
जीता जागता चेतन और सचेतन जीवन्त है
पाठकों के दिल को प्रभावित कर देती
रोते को हंसाती है हंसते को रुलाती
गहरा असर डाले दिल को छू लेती
गहराइयों में डालकर आत्मा को जगाती
काहे लिखे हो बिलख कर दिल का दर्द गुरुवर
जरा हमको बता दो सच सच गुरुवर
मुझको लगता है ऐसा जैसा मैं देखूं
राजा अज के विलाप को आप ही में देखूं
मानसिक आघात और दांपत्य प्रेम गहराई को
दिल को जो छू लेता करुणा जुदाई को
उनके हृदय की वेदना कैसे समाहित किया
दिल दिया काली माँ की आकर बताया
मन में प्रश्नों की शैली भावों को बढ़ाती है
तीव्रता से दिल को मेरे अजबे अकुलाती है
राजा अज के गहरे शोक को कैसे आप जिए
उनके व्याकुलता को कैसे आप पिए
कैसा विलाप था प्रिय पत्नी वियोग
पीड़ाओं का चित्रण कैसा दिखता था जीवन्त
काहे लिखे हो बिलख कर दिल का दर्द गुरुवर
जरा हमको बता दो सच सच गुरुवर
पाठकों का हृदय पढ़कर द्रवित हो जाता है
रो देता है पाठक जो पढ़ने लगता है
कैसे आप ने अज के मानसिक अवस्था को जिया
काली माँ बताई की आप को जिलाया
असहायता प्रेम की गहनता कैसे जाने
बड़ी संवेदनशीलता से कैसे पहचाने
शोक विषाद आँसू विलाप और विरह को
भावनाओं को व्यक्त कैसे किया प्रसंग को
करुणा रस की करुणा डाला करुणा में जीकर
कैसे चित्रण किया दिल की भावना को पढ़कर
मैं भी रो देता हूँ जब पढ़ता प्रसंग को
आप भी क्या रोते थे राजा अज के विरह पर
काहे लिखे हो बिलख कर दिल का दर्द गुरुवर
जरा हमको बता दो सच सच गुरुवर
गीत =} #जरा हमको बता दो सच सच गुरुवर
#Jara Humko Bata Do Sach Sach Guruvar
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