प्रकृति की वर्षा केवल जल नहीं बरसाती बल्कि जीवन शांति आनंद हरियाली और नई आशा भी प्रदान करती है। इसलिए हमें प्रकृति की सुंदरता को समझते हुए उसका संरक्षण करना चाहिए। इस गीत में कवि ने वर्षा ऋतु और प्रकृति के मनमोहक सौंदर्य का सुंदर वर्णन किया है। कवि बादलों को आपस में बातें करते हुए और वर्षा की बूंदों को छोटे-छोटे मोतियों के समान धरती पर बरसते हुए देखता है। वर्षा से सूखी धरती हरी-भरी हो जाती है और वातावरण में शीतलता सुगंध तथा प्रसन्नता फैल जाती है।कवि ने हिमालय की बर्फीली चोटियों झीलों नदियों कमलों पक्षियों और हरियाली के सुंदर दृश्यों का भी चित्रण किया है। वर्षा गर्मी और उमस से परेशान मनुष्य तथा जीव-जंतुओं को राहत देती है। इससे नदियों और झीलों में जल भरता है तथा पूरी प्रकृति नई ऊर्जा और सुंदरता से भर उठती है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, छोटे छोटे मोतियों के सावन में बरसात करते, #Chhote Chhote Motiyo Ke Savan Men Barsat Karte Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Chhote Chhote Motiyo Ke Savan Men Barsat Karte
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
हमने देखा है बादल को बादल से कुछ बात करते
छोटे छोटे मोतियों के सावन में बरसात करते
अद्भुत सुन्दर रूप सजा के धरती पर आ जाता है
खुशियों का सौगात पैठाकर सबको खुश कर जाता है
निर्मल निर्मल बूंदे इसकी जब धरती पर पड़ती
छा जाता हरियाली जग में सब में खुशियां भरती
शीतल दृश्य प्रस्तुत करती है सुन्दर और सुनहरा
जग को जग में जगा देती है हरियाली की पहरा
कुदरत की सौन्दर्य बनाती खुशबू की बारिश से
गंगा यमुना उमड़ चलती है लहरों की बराती में
हमने देखा है बादल को बादल से कुछ बात करते
छोटे छोटे मोतियों के सावन में बरसात करते
मनमोहक का दृश्य दिखाकर मन को हर ले जाती
छा जाती है पर्वत पर ये हिम कण बरसाती
कमलों पर गिरती है जब ये मोतियों जैसा चमके
निर्मलता की शुद्ध स्वच्छ का भाव जागकर लपके
देख हिमालय की शिखरों पर बर्फो की हिमकण होती
चारों ओर फैलाकर स्वच्छता हस्ती और मुस्काती
कुदरत की निर्मलता को ये चारों ओर बिखेरे
शीतल शीतल वायू से ये शान्ति को दिखाती
देख कर दृश्य को मन को सुकून मिलता
मन में शान्ति जगह बनाती दिल को आनन्द मिलता
हमने देखा है बादल को बादल से कुछ बात करते
छोटे छोटे मोतियों के सावन में बरसात करते
कुदरत की शान्ति ने सबको शान्ति देती
अशांति को दूर कर देती जीवन में खुशियां भरती
अद्भुत रूप सजाकर मन को प्रभावित करती है
अनूप सुंदरता की छाया में दिल में खुशियां भरती हैं
झीलों की सुन्दरता बढ़ती पक्षी मिलकर गाते है
बारिश की आने की आगमन सबको ही बतलाते है
मनोहारी की चित्र दिखाते मन को आकर्षित करते
गहरे गहरे हरे नीले रंगों से जल की खुशबू भरते
गर्मी और नमी से व्याकुल मन हो जाता था
पावस को आने से तन मन में खुशियां छाता है
हमने देखा है बादल को बादल से कुछ बात करते
छोटे छोटे मोतियों के सावन में बरसात करते
बड़ा हिमालय ऊंचा हिमालय शिखरों पे कितने झील रखा
झीलों का जल नीला हरा है सुन्दर और विचित्र खड़ा
जब जब बारिश आती हैं जल को लेकर आती
नदियों से लाकर के मैदानों में भर जाती
व्याकुल पक्षी सोर मचा कर आसमा में छा जाते
बादलों के बीच में खुशियों में मुस्काते
हंसो की जोड़ी को देखा नदी झील में जाते हैं
कुछ कड़वे तो कुछ मधुर रंग दिखाते हैं
चारों ओर से घेरकर बादल सामान में आ जाता
रंगीन सुनहरा रूप दिखाकर पानी खूब बरसता
हमने देखा है बादल को बादल से कुछ बात करते
छोटे छोटे मोतियों के सावन में बरसात करते
गीत =} #छोटे छोटे मोतियों के सावन में बरसात करते
#Chhote Chhote Motiyo Ke Savan Men Barsat Karte
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें