यह गीत भारत माता के प्रति समर्पण कर्तव्यनिष्ठा साहस और राष्ट्रसेवा की भावना का ओजपूर्ण वर्णन करता है तथा कर्म को जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य बताता है। क्योंकि इस गीत में कवि ने राष्ट्रभक्ति, मातृभक्ति और कर्मनिष्ठा की भावना को व्यक्त किया है। कवि स्वयं को भारत माता का सच्चा पुत्र मानते हुए देश की रक्षा सुरक्षा और सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य बताता है। वह अपनी माँ और ईश्वर से प्राप्त आशीर्वाद बल बुद्धि तथा प्रेरणा के सहारे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करने का संकल्प लेता है। कर्तव्य ही सच्चा धर्म है और व्यक्ति को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने उत्तरदायित्व से पीछे नहीं हटना चाहिए। कवि अपने कर्म साहस और समर्पण के बल पर राष्ट्र की सेवा करने तथा अन्याय और पाप का सामना करने की प्रतिज्ञा करता है। संपूर्ण गीत राष्ट्रप्रेम सेवा-भाव त्याग और कर्मयोग की प्रेरणा देता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति रचना, मुझे दायित्व मिला है भारत माँ का सेवा करु हाथ जोड़कर, #Mujhe Dayitva Mila Hai Bharat Maa Ka Seva Karun Haath Jodkar, Writer ✍️ #Halendra Prasad
#Mujhe Dayitva Mila Hai Bharat Maa Ka Seva Karun Haath Jodkar.
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
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मैं भाग भाग कर कहा जाऊ अब इन कर्मों को छोड़कर
मुझे दायित्व मिला है भारत माँ का सेवा करु हाथ जोड़कर
कर्म मेरा है विधि विधान का रक्षा और सुरक्षा का
भारत माँ का लाल हूँ मैं दिल मिला है सच्चा का
रोज सवेरे जग जग जाता हूँ माँ की ममता भर लेता हूँ
देती हैं आशीष मुझे कर्म पे अपना निकल लेता हूँ
बल बुद्धि मुझे विद्या देती आँचल ढाक सुलाती है
कष्टों को मेरे हर लेती है मुझको खूब हंसाती है
मैं भाग भाग कर कहा जाऊ अब इन कर्मों को छोड़कर
मुझे दायित्व मिला है भारत माँ का सेवा करु हाथ जोड़कर
कर्मों की जिम्मेदारी मुझको माँ सौंपी है रक्षा में
पालन पोषण करती है माँ काम देती सुरक्षा में
जहां करम है वहां धर्म है रक्षा और सुरक्षा की
कर्मों की बागडोर थमाई पापी को मिटाने को
ना छोड़ू जिम्मेदारी को मैं अपने फर्ज की बारी को मैं
लड़ते लड़ते मिट जाऊंगा लिख दूं कर्म कहानी को मैं
खाकी के मेरे चोले है मुझमें शक्ति भरते है
भारत माँ का काम थामकर मुझे विश्वास करते है
मैं भाग भाग कर कहा जाऊ अब इन कर्मों को छोड़कर
मुझे दायित्व मिला है भारत माँ का सेवा करु हाथ जोड़कर
ईश्वर ने मुझे अवसर दिया है करने को मुझे मौका दिया है
योग्य बनाया सेवा थमाया रोज परीक्षा लेता है
कर्मों की बागडोर पे हमको चलना रोज सिखाता है
पूरा काम मैं करता हूँ ना किसी से डरता हूँ
भारत माँ की चरणों का रोज पूजा मैं करता हूँ
द्वार मेरे आती है माता सफल सफलता लाती है
ना मैं कभी भी हार मानूंगा सीना तान चलूंगा
दुश्मन को मै धूल चटाकर भारत माँ का नाम लिखूंगा
मैं भाग भाग कर कहा जाऊ अब इन कर्मों को छोड़कर
मुझे दायित्व मिला है भारत माँ का सेवा करु हाथ जोड़कर
कर्मों को मैं पूरा करूंगा हार नहीं मैं मानूंगा
जीवन का उद्देश्य है कर्म कर्म को मैं जानूंगा
कठिन परीक्षा आने दो कर्मों से विचलाने दो
भारत माँ का मैं बेटा मुझको इसे जलाने दो
देखूं मैं कितना है दम मैं हूँ आग पानी का मरहम
जहां मैं जाता कर्म सजाता ध्यान नहीं भटकता हूँ
बल बुद्धि से काम लेता हूँ दुश्मन को मिटाता हूँ
देखेगा ये सारा जमाना पापी को मै उजड़ा
मैं भाग भाग कर कहा जाऊ अब इन कर्मों को छोड़कर
मुझे दायित्व मिला है भारत माँ का सेवा करु हाथ जोड़कर
गीत =} #मुझे दायित्व मिला है भारत माँ का सेवा करु हाथ जोड़कर
#Mujhe Dayitva Mila Hai Bharat Maa Ka Seva Karun Haath Jodkar.
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