यह गीत का मुख्य संदेश है कि मनुष्य को अहंकार छोड़कर सत्य प्रेम और ईश्वर-स्मरण के साथ जीवन जीना चाहिए क्योंकि यह संसार अस्थायी है जबकि आत्मा शाश्वत और अजर-अमर है। जीवन मृत्यु और आत्मा के गहरे सत्य को समझाने वाला आध्यात्मिक लोकगीत है। इसमें बताया गया है कि मनुष्य चाहे कितना भी बुद्धिमान क्यों न समझे स्वयं को पर एक दिन मृत्यु का बुलावा अवश्य आएगा। उस समय संसार के सभी रिश्ते मोह-माया और शरीर का साथ छूट जाता है। कवि ने शरीर को नश्वर और आत्मा को अमर बताया है। जैसे पक्षी अपना घोंसला छोड़कर उड़ जाता है वैसे ही आत्मा एक दिन शरीर छोड़ देती है। मृत्यु को भय नहीं बल्कि मुक्ति का मार्ग कहा गया है क्योंकि यह आत्मा को संसार के दुख, बंधन और मोह से स्वतंत्र करती है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,#एक दिन आएगा बुलावा हम सायाना नाही रे, #Yek Din Aayega Bulawa Hum Syan Nahi Re, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत=} #एक दिन आएगा बुलावा हम सायाना नाही रे
#Yek Din Aayega Bulawa Hum Syan Nahi Re
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
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जानू जीवन की कहानी हम नादान नाही रे
एक दिन आएगा बुलावा हम सायाना नाही रे
आँखें बन्द हो जाएगी दुनियां से नाता टूटेगा
कौन पराया कौन है अपना सबसे दिल रूठेगा
छोड़ देगा प्राण आत्मा को जब तन मन ना रह जाएगा
सो जाएगा मिट्टी में धरती को सब कहेगा
जैसे पंक्षी उड़ जाती है छोड़ कर अपने घोंसला को
उड़ जाएगा प्राण हमारा एकदिन तन के टोपरा से
जानू जीवन की कहानी हम नादान नाही रे
एक दिन आएगा बुलावा हम सायाना नाही रे
जब मौत आती हैं लेने को तो आत्मा तन को छोड़ देती
तोड़ देती सब कुछ से नाता मिट्टी से नाता जोड़ देती
पंख फैलाकर उड़ चलेगा इस दुनियां के अम्बर में
प्राण है तन का मालिक मन के इस समन्दर में
अचल नहीं है जीवन जग में चलता फिरता गाड़ी है
टिक ना पाता जनजन तक ये वेदना से भरा कहानी है
विचलित होता ढूंढता जाता अपने उस आशियाना को
जहां बदले ना लोग वहां पे चला जाता अफसाना हो
जानू जीवन की कहानी हम नादान नाही रे
एक दिन आएगा बुलावा हम सायाना नाही रे
तन मन और आत्मा भी एक दूसरे से जुड़ा रहता
समझ जाता जब दिल की आहट अन्तिम पथ मांगा करता
तन नश्वर है एकदिन नाश हो जाएगा
आत्मा अमर है इस दुनियां में तन को छोड़ जाएगा
आजाद होगा जब इस तन की तनहाई से
स्वतंत्र होर के भ्रमण करेगा आसमा की गहराई में
अजर अमर है नष्ट ना होता कहते है सारे साधक
शाश्वत रूप है आत्मा तन मन का है जोगी
जानू जीवन की कहानी हम नादान नाही रे
एक दिन आएगा बुलावा हम सायाना नाही रे
मौत से बड़ा सुख ना कोई दुःख ना समझो भाई
नहीं डराता नहीं दुखाता मुक्त करता है भाई
प्राण को समझो प्राण को देखो प्राण है तन का जीवन
स्वतंत्र उड़ान में उड़ जाता है रूप दिखाता नाही
तन मन के बन्धन से जब ये मुक्त हो जाता है
असली दशा में पहुंच जाता है अपना रूप छिपाई
सुख शान्ति का शक्ति है ये डरने नहीं कोई भय
जीवन का ये अंत नहीं है सहज शान्त का लय
जानू जीवन की कहानी हम नादान नाही रे
एक दिन आएगा बुलावा हम सायाना नाही रे
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#Yek Din Aayega Bulawa Hum Syan Nahi Re
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