यह गीत बताता है कि सरल जीवन बाहर से मधुर लगता है, पर भीतर अनुभवों की कसक छिपी रहती है। संसार सुख की व्यस्तता में उलझा है, जबकि सच्चा आनंद छोटी खुशियों, प्रेम, प्रकृति और आत्मबोध में है। आधुनिक जीवन में मोह-माया के कारण संवेदना सूख रही है। अंततः माँ की गोद, उसका प्रेम और कृपा ही शांति, सुरक्षा और जीवन की सच्ची ऊर्जा देती है।भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, सरल जीवन के मधुर में बड़ा कसक रहता, #Saral Jeevan Ke Madhur Mein Bada Kasak Rahata, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Saral Jeevan Ke Madhur Mein Bada Kasak Rahata
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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मुझे लगता है ऐसा जैसे सुखका संसार बड़ा व्यस्थ रहता
सरल जीवन के मधुर में बड़ा कसक रहता
कोई प्रेमी प्रेम में तो कोई सुख के क्षण में
कोई अनुभव में रहता किसके छल में
कुदरत का सुन्दर अनुभव मेरे को बताया
शक्ति की सत्ता मुझको सत्य में दिखाया
बल बुद्धि शक्ति और आनन्द के प्रकाश है
सुन्दर सुन्दर रंगों में उभरता ये आकाश है
सूखेपन को देखा मैंने तौल कर तराजू पर
छोटी छोटी खुशियों की महिमा आई छाती पर
मुझे लगता है ऐसा जैसे सुखका संसार बड़ा व्यस्थ रहता
सरल जीवन के मधुर में बड़ा कसक रहता
दुनियां जगत से बढ़िया जीवन का जगत है
दुनियां से समझा मैंने कितना बढ़िया रस है
सूखा के संकेतों ने मुझे बहुत कुछ सिखाया
दुनियां की व्यस्तता को दुनियां में दिखाया
मोह माया लालच में व्यस्त सारी दुनियां
सूख गया नदियों जैसा पानी हुआ करिया
जीवन के सच्चाई सच को वास्तव में देखा ना
कितना है आनन्द इसमें दिल से निरेखा ना
दिखता है प्रेम कम सुख और खुशी का
शान्ति सुखद ना है हर्ष और उल्लास का
मुझे लगता है ऐसा जैसे सुखका संसार बड़ा व्यस्थ रहता
सरल जीवन के मधुर में बड़ा कसक रहता
जीवन के छोटे छोटे प्यार के अनुभव से
सिखा मैने जीवन कुदरत के कलाओं से
आत्मा का अनुभव किया आत्मा से पूछा
मधुर अनुभूति को मैं मधुर से सिखा
दिल को स्पर्श करके सुख शान्ति देती थी
रोज के मधुर से मुझको एक नया जीवन देती थी
मिलता था सुख मुझे दिल मेरा सोता था
माँ के आँचल में लिपट कर अब रोता था
कैसा वो जमाना था जो मुझको रुलाया
आँखो में आँसू देकर पत्थर बनाया
मुझे लगता है ऐसा जैसे सुखका संसार बड़ा व्यस्थ रहता
सरल जीवन के मधुर में बड़ा कसक रहता
मैं भोला भाला था मेरा जीवन भोला भाला था
वक्त के समन्दर ने मुझे खाले में डाला था
दुनियां संसार चाहे कितना सुखी हो
जीवन के अनुभव से जीवन जीवन पे जूझी हो
वास्तव में मौजूद था वो भी पराया था
कोई नहीं अपना था यहीं दिल का काया था
अब मेरे तन मन में माँ की कृपा रहती है
देती है आनन्द की ऊर्जा संचार मुझमें भरती है
मानसिक शारीरिक आध्यात्मिक से आती माँ
गोद में सुलाकर मुझको थपकी से सुलाती माँ
मुझे लगता है ऐसा जैसे सुखका संसार बड़ा व्यस्थ रहता
सरल जीवन के मधुर में बड़ा कसक रहता
गीत=} #सरल जीवन के मधुर में बड़ा कसक रहता
#Saral Jeevan Ke Madhur Mein Bada Kasak Rahata
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