आध्यात्मिक दृष्टिकोण, मौन प्रकृति का उपदेश कटने के बाद भी उगता जीवन, Maun Prakrti Ka Upadesh Katane Ke Baad Bhee Ugata Jivan,
यह संसार एक मेला है अस्थायी रंगीन रहस्यमय कुदरत का हर दृश्य अलबेला है अनोखा है पर मनुष्य का जीवन फिर भी अकेलापन ढोता चलता है। यही जीवन का सत्य है पर कड़वी है।
संदेश यह है कि विनाश के बाद भी निर्माण निश्चित है जिसे हम संघर्षशील जीवन का बिंब कहते है जो बार-बार कटता है वो बार-बार जन्म लेता है न हारता है न शिकायत करता है निरन्तर अपने नए निर्माण में गतिशील रहता है।
जब तक जीवन में ऊर्जा आशा और विश्वास है तब तक कोई भी जीवन व्यर्थ नहीं सूरज के प्रकाश से अंकुर का खिलना बताता है कि सूरज प्रकाश और आशा एक नई जीवन लेकर आती है।
छोटा जीवन भी महान कार्य कर सकता है हरियाली का सृजन हरियाली फैलाते हैं संसार को सजाते हैं ताजगी और नयापन लाते है छोटे-छोटे जीवन हैं खुशियों का वो ताज है ग़म को यूंही मिटा देता है।
इस सृष्टि में मनुष्य तुलना में उलझकर सुलझने के बजाए उलझता जाता है अनुमान और कल्पना में फँसकर जीवन की सच्ची सुंदरता भूल जाता है क्योंकि यहां किसने किसको जोड़ा? किसने किसको तोड़ा? कौन विद्वान है? कौन ज्ञानी है सब इस सृष्टि के पुत्र है।
बिना अपेक्षा के सृजन करनेवाली ये सृष्टि है जो हमें लता बेल फूल कली के जैसा सब जीवन में संगीत की तरह गुनगुनाते हुए खुशियों की रहस्य देती हैं जो बिना बोले सिखाती है बिना थके देती है सब कुछ देती है यही गुरु यही माता है यही ईश्वर है।
इस सृष्टि में मनुष्य का जीवन स्वयं एक उपदेश है एक राग है जो हर क्षण कुछ न कुछ सिखाता है कुछ न कुछ गाता है कहता पर हम सुन नहीं पाते इनकी दुहाई हमे समझ में नहीं आता ये जीवन कटने के बाद भी उगता है प्रकृति कभी हार नहीं मानती!
अकेलापन भी आत्मबोध का मार्ग है छोटा होकर भी महान बना जा सकता है ईश्वर से दीर्घ आयु का वरदान मागा जा सकता है निर्मल विचार और उच्च सृजन शक्ति प्रदान किया जा सकता है क्योंकि प्रकृति ही गुरु है साधना है और प्रकृति ही जीवन है!
जीवन संगीत और गीता समान है हर क्षण नया अवसर नया सृजन और नई ऊर्जा लेकर आता है। अकेलापन भी आत्मबोध का मार्ग बन जाता है और छोटा जीवन भी संसार को सुंदर बनाने की क्षमता रखता है।
कुदरत को एक अलौकिक मेला हैं जहाँ जीवन क्षणभंगुर होते हुए भी निरंतर चलता रहता है। घास के छोटे अंकुर के माध्यम से संघर्ष पुनर्जन्म और निरंतरता का संदेश दिया मिलता है कटने के बाद भी जीवन फिर से उग आता है। कुदरत और जीवन के गूढ़ दर्शन को सरल और भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत एक सुंदर जीवन है!
प्रकृति बिना थके संसार को हरियाली की ताजगी और सौंदर्य प्रदान करती है। मनुष्य तुलना अनुमान और भ्रम में उलझकर जीवन की सच्ची सुंदरता को भूल जाता है!
प्रकृति निःस्वार्थ गुरु बनकर मौन शिक्षा देती रहती है और यह सिखाती है कि जीवन संगीत और गीता समान है हर क्षण नया अवसर नया सृजन और नई ऊर्जा लेकर सूचना देती है कि अकेलापन भी आत्मबोध का मार्ग बन सकता है और छोटा जीवन भी संसार को सुंदर बनाने की क्षमता रखता है।
यह संसार एक क्षणभंगुर लेकिन रहस्यमय मेला है। जीवन कटने के बाद भी पुनः अंकुरित होता है यही संघर्षशील जीवन का सत्य है। अकेलापन भी आत्मबोध का मार्ग बन सकता है। प्रकृति निःस्वार्थ गुरु की तरह बिना थके सिखाती है कि आशा विश्वास और ऊर्जा से हर छोटा जीवन भी महान सृजन कर सकता है। तुलना और भ्रम में उलझा मनुष्य जीवन की सच्ची सुंदरता भूल जाता है जबकि प्रकृति मौन होकर सिखाती है कि जीवन स्वयं एक राग एक उपदेश और एक निरंतर नवसृजन है।
यह संसार एक मेला है अस्थायी रंगीन रहस्यमय कुदरत का हर दृश्य अलबेला है फिर भी मनुष्य का जीवन अकेलेपन का भार ढोता चलता है यही जीवन का सत्य है कड़वा पर अनिवार्य।
विनाश के बाद भी निर्माण निश्चित है कटने के बाद भी जो उगता है वही संघर्षशील जीवन हैजो न हार मानता है न शिकायत करता है निरंतर अपने नए रूप में गतिशील रहता है जब तक ऊर्जा आशा और विश्वास है कोई भी जीवन व्यर्थ नहीं।
सूरज का प्रकाश अंकुर को सिखाता है कि रोशनी और उम्मीद नई ज़िंदगी को जन्म देती हैं छोटा जीवन भी महान कार्य कर सकता है हरियाली फैलाता है संसार को सजाता है ताजगी और नयापन लाता है ये छोटे-छोटे जीवन खुशियों का मुकुट हैं जो ग़म को चुपचाप मिटा देते हैं मनुष्य तुलना में उलझकर सुलझने के बजाय और उलझता जाता है।
अनुमान और कल्पना में फँसकर जीवन की सच्ची सुंदरता भूल जाता है जबकि इस सृष्टि मेंन कोई बड़ा न छोटा सब इसके पुत्र हैं यह सृष्टि बिना अपेक्षा सृजन करती है लता बेल फूल कली संगीत बनकर जीवन में गुनगुनाते हैंबिना बोले सिखाती है
बिना थके देती है यही गुरु है यही माता यही ईश्वर और मनुष्य का जीवन स्वयं एक उपदेश हैएक राग है जो हर क्षण कुछ सिखाता है! कुछ गाता है पर हम सुन नहीं पाते प्रकृति कभी हार नहीं मानती।
कटने के बाद भी जीवन उगता है अकेलापन भी आत्मबोध का मार्ग है छोटा होकर भी महान बना जा सकता है जीवन संगीत है जीवन गीता है हर क्षण नया अवसर नया सृजन नई ऊर्जा लेकर आता है जो यही प्रकृति जीवन है!
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