यह गीत जीवन की कठोर सच्चाइयों, प्रेम की पीड़ा, संसार की नश्वरता और माँ की शरण को गहराई से व्यक्त करता है। कवि बताता है कि उसने प्रेम की दुनिया में केवल सुख नहीं, बल्कि गहरी कसक और त्याग देखा है। जहाँ समाज लाल जोड़े और सेहरे में खुशी देखता है, वहीं कवि ने उसी में कफ़न अर्थात् अंत और विरह का सत्य देखा है। कवि मृत्यु से भयभीत नहीं है, क्योंकि वह आत्मिक साधना में स्थित है और उसकी अंतिम शरण माँ के चरण हैं। प्रेम, समय और परिस्थितियाँ मनुष्य को भीतर से जला देती हैं, पर वही जलन उसे परिपक्व और मजबूत भी बनाती है। पिता का त्याग, समाज की बेरुख़ी और रिश्तों का बदलना जीवन की सच्चाई के रूप में सामने आता है। यह रचना संसार की अस्थिरता को दर्शाती है यहाँ कोई स्थायी नहीं है, सबको एक दिन जाना ही है। ऐसे में जब हर संबंध टूट जाता है, तब माँ ही वह शक्ति है जो आँसू पोंछकर सहारा देती है और जीवन-पथ पर आगे बढ़ने का साहस देती है।अंततः यह गीत सिखाता है कि जीवन में सुख-दुख, प्रेम-मृत्यु सब आते-जाते हैं, पर माँ का प्रेम ही वह सत्य है जो मनुष्य को टूटने से बचाकर उसे आत्मिक शांति और मोक्ष की ओर ले जाता है। भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, लाल जोड़े में सेहरा कफ़न देखा है, #Lal Jode Men Sehara Dekha Hai, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत=} #लाल जोड़े में सेहरा कफ़न देखा है
#Lal Jode Men Sehara Dekha Hai
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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कौन कहता है मौत मार जाएगी मुझे
हिम्मत कहा है उसमें वो छूकर जाएगी मुझे
मैं दरिया नहीं साधक हूँ आत्मा में उतर जाऊंगा
वजूद नहीं है मुझे मारने की मैं माँ चरणों से लिपट जाऊंगा
प्रेम की दुनियां में हमने कसक देखा है
लाल जोड़े में सेहरा कफ़न देखा है
लाल जोड़े की सेहरा
तारीफ करता रहा चांद को देख कर
रात जलता रहा आँख को सेखकर
इतना जलता रहा कि बिहान हो गया
सूरज बनकर निकला जब उजियार हो गया
सूरज बनकर निकला जब
कश्मकश है जीवन का बसर ना होता
कितना मोडू बदन को अब चादर जफर
प्रेम की दुनियां में हमने कसक देखा है
लाल जोड़े में सेहरा कफ़न देखा है
लाल जोड़े की सेहरा
साथ देता गया दरबदर में जहर को वो पिता गया
आँख जलती रही दिल बिखरती रही
गुम हुआ वो गवाही में जलता गया
रोशनी की कदर कोई ना जाने यहां
मनमानी कहा दिल जवानी कहा
बाप से वो लिपटकर अब रोता कहा
वक्त जाता रहा लोग बदलते रहे
आँख के सुरमों के साथ अब निकलते रहे
बुझ गई है चिरागे अब जलती नहीं
जंगलों में संन्यासों की भीड़ अब लगती नहीं
प्रेम की दुनियां में हमने कसक देखा है
लाल जोड़े में सेहरा कफ़न देखा है
लाल जोड़े की सेहरा
ये बयारो की चक्कर अब घेरती सूरज
रौशन किसने किया पूरे जग को खबर
आंधी बनकर आया सब मिटाकर गया
निर्मलो को भी पत्थर बनाकर गया
ये जहां भी कहा दो जहां है यहां
सांसों की है फरक बस यही है यहां
उम्र जाती रही ना भटकती कही
आसमा हो या चांद ना खटकती कही
तकलीफ कैसा सफर दिखता आँखो से ना
देखता है जो दिल अब वो कटता भी ना
प्रेम की दुनियां में हमने कसक देखा है
लाल जोड़े में सेहरा कफ़न देखा है
लाल जोड़े की सेहरा
जब हुआ दिल पे घात पहुंचा चरणों में आप
माँ ने अंगुली थमाई अशर पोंछकर छुपाई
कोई ना अपना यहां सब पराया जहां
कौन रहता सदा कौन ना जाएं वहां
एक दिन जाना है सबको अब रुकना नहीं
जिन्दगी के सफर पे अब ठिठकना नहीं
सिर पर आएगी जब कुदरत की सेहरा
कोई ना रोके यहां रूप उसकी गहरा
साथ लेकर जाए छोड़ ना जाएं यहां
पानी हो या कहर जाना है उसके घर
प्रेम की दुनियां में हमने कसक देखा है
लाल जोड़े में सेहरा कफ़न देखा है
लाल जोड़े की सेहरा
गीत=} #लाल जोड़े में सेहरा कफ़न देखा है
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