भक्ति भाव शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, जहां सब है अधम दिन हीन हुआ रे, Jaha Sab Hai Adham Din Hin Huaa Re ,Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत =} #जहां सब है अधम दिन हीन हुआ रे
#Jaha Sab Hai Adham Din Hin Huaa Re
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hridy_Meri_Maa❤️🙏
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जहां सब है अधम दिन हीन हुआ रे
मईया तेरी चरणों में सब लवलीन हुआ रे
जहां रहे नीच पापी वहीं पे बिराजे तू
सबको निम्न करदे हृदय में विराजे तू
निर्धन गरीब के माई तूही हई दाता
जल थल नभ माई तूही है विधाता
मौन होकर लोग तुझे प्रणीत देता है
पलकों के आड़ में माई तुझसे पूछता है
कौन रोकता है प्रणीत किसके कहने पर
झुक जाता चरणों में तेरे रहने पर
जहां सब है अधम दिन हीन हुआ रे
मईया तेरी चरणों में सब लवलीन हुआ रे
झुकना पाती है प्रणीत अपमानके तल में मेरी
रहते स्थल में जहवा नीच पाप बेरहमी बैरी
खो दिया सबकुछ जिसने सबसे दूर हुआ है
मन के हारे हार हुआ मन से हारा है
रीत ये जगत की माता नीति ये जगत की
अखियों में पानी भरा पानी है शर्म की
जेब खाली होते ही सबलोग भुलाते है
अखियों पे चश्मा डालकर नजरे चुराते है
सुनते है हाल सबकी अपनी ना सुनते
दर्द को छुपा कर रखते मुंह से मुस्कुराते
जहां सब है अधम दिन हीन हुआ रे
मईया तेरी चरणों में सब लवलीन हुआ रे
जहां रहती हो माँ पहुंचे ना घमंड वहां
गहना आभूषण रहता तन को सजाकर जहां
शोभा बढ़ाने वाला सुंदर सुंदर दिखाता है
गुण को छुपाकर अपनी अवगुण में निखरता है
दीनता दुर्बलता मन शरीर की कमजोरी
टूटा फूटा कमजोर दिल है बुरी अवस्थाकी बलजोरी
भेष बुश धरकर जब घमंड आई जाता है
नीचता का वास कर दिल में समाता है
खो दिया सबकुछ माता कुछ नहीं पास में
दिल में घमंड बसता जीवन के आघात में
जहां सब है अधम दिन हीन हुआ रे
मईया तेरी चरणों में सब लवलीन हुआ रे
गीत =} #जहां सब है अधम दिन हीन हुआ रे
#Jaha Sab Hai Adham Din Hin Huaa Re
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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