मुझे द्वार पे बैठा के तू कहा जाती है, Mujhe Dwar Pe Baitha Ke Too Kaha Jati Hai, Writer ✍️ #Halendra Prasad, माता भक्ती आराधना गीत,
गीत =} #मुझे द्वार पे बैठा के तू कहा जाती है
#Mujhe Dwar Pe Baitha Ke Too Kaha Jati Hai
Writer ✍️ #Halendra Prasad #CISF
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_आशिक़ी_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Ashiki_Meri_Maa❤️🙏
#MereGeet- ❤️❤️❤️👮♂️ #मेरेगीत- ♥️
उमड़ी घूमड़ी मेरे मन पे छाके दिल मेरा पिघलाती हो
हे जग जननी मात भवानी याद मुझे तुम आती हो
काम काजो के ये दिनों में मैं भुला जाता हूं
भांती भांती का ये काम में मैं हेरा जाता हूं
भांती भांती लोग के ये भांती भांती काम है
सब कुछ सुख से सहता यही मेरा राम है
आंधी अंधकार में मैं बैठा हूं अंधेरा
ममता की डोर पकड़ी आस है सवेरा
आती क्यू ना इस पार तू क्या भुला जाती है
मुझे द्वार पे बैठा के तू कहा जाती है
काम काजो के ये दिनों में मैं भुला जाता हूं
भांती भांती का ये काम में मैं हेरा जाता हूं
आज मैं बैठा हुं तेरी आशा में डूबा के दिल
प्राणधार निकाल दूंगा दिल में चुभा के किल
द्वार पर अकेला हूं मैं तेरे इंतजार में
आती क्यू ना मेरे पास तू बेटा के बयार में
सुना है मां मैने तेरी अजबी कहानी
बेटा खातिर प्राण लेले हे पर्वत रानी
दर्शन को तरसे अखियां कैसी अजूबा तू
बेटा को भुलाके कैसे रहती है अकेला तू
काम काजो के ये दिनों में मैं भुला जाता हूं
भांती भांती का ये काम में मैं हेरा जाता हूं
दूर दूर के पथ पे मैंने आंख को बिछाया है
ताकता मैं रास्ता केवल आश को लगाया है
प्राण मेरे रोते फिरते झांझा के मझधार में
कैसे बुलाऊं तुझे अपने दिल के प्यार में
दास बनकर रहूंगा मैं चरण धोकर पियूंगा
तेरी गुण गान करूंगा साथ नहीं छोडूंगा
अपना बनाले मुझे आंचल में छुपाले तू
दुनिया विधान से माता हमको बुला ले तू
काम काजो के ये दिनों में मैं भुला जाता हूं
भांती भांती का ये काम में मैं हेरा जाता हूं
गीत =} #मुझे द्वार पे बैठा के तू कहा जाती है
#Mujhe Dwar Pe Baitha Ke Too Kaha Jati Hai
Writer ✍️ #Halendra Prasad #CISF
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