यह गीत एक संतान भक्त की अपनी माँ या ईश्वर से बिछड़ने की गहरी पीड़ा को दर्शाता है। कवि कहता है कि माँ ही उसका जीवन, सहारा और मार्गदर्शक थी और उनसे दूर होकर उसका जीवन दुखों से भर गया है वह महसूस करता है कि माँ के बिना जीवन अधूरा और निरर्थक है। दुनिया को वह स्वार्थ और मोह-माया से भरी बताता है तथा जीवन को क्षणभंगुर नश्वर मानता है। अंत में कवि अपने तन, मन और आत्मा को माँ के चरणों में समर्पित करने की इच्छा व्यक्त करता है माँ ईश्वर के प्रति प्रेम, विरह, जीवन की नश्वरता और पूर्ण समर्पण।आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, तड़पे तुझसे बिछडके मोर प्राण माई रे, #Tadpe Tujhse Bichhadke Mor Pran Mai Re , Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत =} #तड़पे तुझसे बिछडके मोर प्राण माई रे
#Tadpe Tujhse Bichhadke Mor Pran Mai Re
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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कैसे तुझको मैं बताऊं अपनी दिल की हाल माई रे
तड़पे तुझसे बिछडके मोर प्राण माई रे
तूही मेरी स्वामी माई तूही मेरी जीवन थी
दुनियां जहान में माई तूही मेरी खेवन थी
जब से तुमसे दूर हुआ रोता मैं तड़पता हूँ
गिनता हूँ अंगूरी पे दिन दर्द में कहरता हूँ
बीते कितने साल माई बीत गए महीना
दुख में ना कटे जीवन यादों में है जीना
मेरे विरह की भावना बार बार पुकारे
तेरी यादों में मईया रातों दिन गुजारे
कैसे तुझको मैं बताऊं अपनी दिल की हाल माई रे
तड़पे तुझसे बिछडके मोर प्राण माई रे
दुखों का समन्दर मुझपे दुख को पैठाया
तुझसे दूर हुआ जब मैं तो जिन्दगी रुलाया
दर्दों ने घेरा मुझको अब तो चारों ओर से
सुखद ना है जीवन मेरा टूटा पोर पोर से
ये कैसी तेरी क्रीड़ा माई कैसी तेरी खेल है
दिल मेरा है खाली खाली भाव ना अभाव है
तेरे बिना ये जीवन मेरा आध है अधूरा
उद्देश्य ना है इसका कोई महत्वहीन का डेरा
क्षणिक समय की सीमाओ ने बंधा मेरे दिल को
नश्वर है इसे नाश करो माँ अब योग्य नहीं है दिल के
कैसे तुझको मैं बताऊं अपनी दिल की हाल माई रे
तड़पे तुझसे बिछडके मोर प्राण माई रे
जीवन का कोई अर्थ नहीं माँ तेरे बिन जीवन नश्वर है
सच्चा अर्थ तभी है माता जब जीवन में तू है
मेरा मन मुझसे बोला अब जीवन राह को देखकर
कर दूं तुझे समर्पित मईया इस जीवन को तज कर
तुझसे दूर रहे जो जीवन वो जीवन निरर्थक है
अर्पित कर दूं तुझको मैं ये जीवन अब नश्वर है
मिल जाएगा मिट्टी में यमराज उठा ले जाएंगे
मौत अधीन ये रहता सुख दुख यहीं रह जाएंगे
तन मन धन सब अस्थाई चलता ना ये साथ जीवन के
सीमित है स्थाई नहीं रहता ना सदा जीवन में
कैसे तुझको मैं बताऊं अपनी दिल की हाल माई रे
तड़पे तुझसे बिछडके मोर प्राण माई रे
जान रहा मैं इस जीवन को क्षणिक राह पतवारा है
काम चलाऊं हालों में समय परिवर्तन वाला है
अल्पकालनी अल्प जीवन है ना अमर अमृत है
एक दिन छोड़ जाएगा सबको ना जीवन क्षणभंगुर है हम
करु समर्पित तुझको माँ मैं सेवा तेरी करु
निराकार मैं भक्ति करता तेरी पूजा करु
तन मन आत्मा को मैं तुझे चढ़ाने आया हूँ
तेरे चरणों में अर्पिता करता तुझे सौंपने आया हूँ
दुनियां है ये मोह माया माँ दौलत की पुजारी
स्वार्थ में नाता तुझसे जोड़ता बनकर प्रेम भिखारी
कैसे तुझको मैं बताऊं अपनी दिल की हाल माई रे
तड़पे तुझसे बिछडके मोर प्राण माई रे
गीत =} #तड़पे तुझसे बिछडके मोर प्राण माई रे
#Tadpe Tujhse Bichhadke Mor Pran Mai Re
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