यह गीत माँ की महिमा, त्याग, प्रेम और शक्ति का भावपूर्ण वर्णन करती है। कवि बताता है कि माँ ही उसकी सबसे बड़ी रक्षक और प्रेरणा स्रोत है। संसार के तीर-तलवार, दुख-कष्ट और स्वार्थी लोगों का व्यवहार उसे विचलित नहीं कर सका, क्योंकि माँ के संस्कार और आशीर्वाद उसके साथ हैं माँ ने उसे कठिन परिस्थितियों में तपाकर मजबूत बनाया, ज्ञान दिया, साहस दिया और सही मार्ग पर चलना सिखाया। जब दुनिया स्वार्थ से भरी दिखाई देती है और कठिन समय में कोई साथ नहीं देता, तब माँ ही सच्ची सहारा बनती है। कवि माँ को देवी, शक्ति और ईश्वर का स्वरूप मानता है तथा उसके चरणों में समर्पित होकर कृतज्ञता व्यक्त करता है।माँ का प्रेम निष्काम, अटूट और जीवन का सबसे बड़ा आधार है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, #मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के, #Meree Maiya Too Banaee Mujhako Phool Dil Ke, #Halendra Prasad,

 गीत=} #मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के  

#Meree Maiya Too Banaee Mujhako Phool Dil Ke

            Writer ✍️ #Halendra Prasad 

    BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏

       🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏

            न तीर मार पाया ना तलवार मार पाया

            न दिल मार पाया ना दिमाग मार पाया

                मैं पकड़ा रहा उसके आँचल को

           न गोलियों की बौछार ने मुझे जार पाया

             अपने सांचे में ढाली थी जिसने मुझे

       मार पाएगा कौन वो रहती थी आत्मा के अंदर मेरे


          तेरी चरणों में रहता हूँ मैं अब धूल बनके 

          मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के

         तन पत्थर के जैसा बनाई आग तले तपाई है 

       कठिन वक्त में चलना माता मुझको तू सिखाई है 

        मुझमें रहमत भरदी माँ तू मुझमें कर्मठ भरदी

        साहस देती मुझको माता मुझमें हिम्मत भरदी

        शक्ति बल की देवी तू है ममता की माँ बेदी

         पूज रहा चरणों को तेरी मेरे दिल की भेदी

          तेरी चरणों में रहता हूँ मैं अब धूल बन के 

         मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के


    मनोबल को जाग्रत करती काजल आँख लगती है

     मैं करता तेरी पूजा माता आँचल ढाक सुलाती है 

       शिक्षा दीक्षा ज्ञान देती माँ वेदों की तू माता है 

     निर्भय होकर काम करु मैं जीवन की तू दाता है

     वीरता की तू पाठ पढ़ाती साहस शक्ति बढ़ाती 

        धरती अम्बर गंगा जमुना तूही माँ समंदर है

    करता मैं तेरी पूजा माता चरणों को मैं ध्यान करु

    बल बुद्धि की विद्या से माँ तेरा ही गुणगान करूं

        तेरी चरणों में रहता हूँ मैं अब धूल बन के 

        मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के


     मतलब के इस दुनियां में माँ कोई नहीं उपकारी

      देख रहा हूँ जहाँ कहीं मैं फैला रूप व्यापारी

     कोई नहीं है साथी यहां माँ कोई नहीं शहजादा 

   स्वार्थ खातिर सब बोलचाली स्वार्थ बना बोलबाला

  सुख में दुःख को पूछते माता दुख आने पर दिखे नहीं

  पड़ता है जब कामतो माता आहट मनकी मिलती नहीं

       दीप जलाकर देखा मैं सच्चे का तादाद नहीं

        झूठे की भरमार में झूठा है बादशाह सही 

        तेरी चरणों में रहता हूँ मैं अब धूल बन के 

        मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के


  बन्द दरवाजे दिखते है माँ कठिन समय को आने पर

   सुख साथी ना दिखता माता घोर विपत्ति छाने पर

       जीवन की मंशा को दिल में आग समंदर है

    दौलत की चाहत को देखा कितना बड़ा बवंडर है

    कौन है अपना कौन पराया कौन किसे अब पूछे

    अपनी अपनी दुनियां में माँ दौलत जंग से जूझे 

      तड़प रही थी बड़ी माता पानी के प्यास में

   देख रहा था सुंदर सपना विकसित देश विकास में 

       तेरी चरणों में रहता हूँ मैं अब धूल बन के 

       मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के


           मैने देखा जहाँ वहाँ मतलब मिला 

       कोई साथी ना दोस्त सब स्वार्थी निकला 

         दुःख साझा करता सुख भोगा करता

    जब पड़ता है वास्तव में काम सब भागा करता

      बड़ी कम है तादाद सच्चे लोग का यहाँ 

     जब मुसीबत आती बन्द दरवाजे दिखती

    सुख के साथी ना साथी सब मतलबी बराती 

      मंशा इनका अजीब सच दिखती गजब

    कौन अपना पराया कौन दिखावा में आया

    किसने किया उपकार किसके दिल में है प्यार

          सब पत्थर की मूर्त से मन्नत मागें 

       भगवन बैठा है अन्दर वो जन्नत न जाने

       तेरी चरणों में रहता हूँ मैं अब धूल बनके 

       मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के


            मैं हूँ तेरा पुजारी तू है मेरी मतारी 

     मनोबल को जगाती आँख में काजल लगाती 

           देती शिक्षा की ज्ञान तू है देवी महान 

        जब थकता हूँ मैं करती भय को निर्भय 

      मुझको वीरता सिखाती साहस शक्ति बढ़ाती 

       मिलते सैकड़ों दर्द जब आती है तू मेरे पास

      जीवन के सब मूल बताकर ध्यान कराती याद

       जब मुसीबत आती है आती तू मेरे पास में

     सच्चे जीवन राह दिखाकर गीत गाती है साथ में

       वास्तव में तू अपना है माँ तूही जीवन दाता 

        रंग बिरंगी स्वरूप तेरा है तूही है विधाता

         तेरी चरणों में रहता हूँ मैं अब धूल बनके 

        मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के

गीत=} #मेरी मईया तू बनाई मुझको फूल दिल के  

#Meree Maiya Too Banaee Mujhako Phool Dil Ke

            Writer ✍️ #Halendra Prasad 

    BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏

       🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏

टिप्पणियाँ

मेरी आशिक़ी मेरी माँ

हिन्दी रोमांटिक गीत, मिटाले दाग को दिल से, Hindi Romantic Geet, Meetale Daag Ko Dil Se,

बसंत पंचमी मातादी भक्ती गीत, Basant Panchami Matadi Bhakti Geet, सरवस्वती महालक्ष्मी बुद्धि के बुद्धादात्री, Saravasvatee Mahaalakshmee Bbuddhi Ke Buddhaadaatree, Writer ✍️ Halendra Prasad,

यह गीत मनुष्य के मन की उस स्थिति का चित्रण करती है जहाँ वह इच्छाओं, कामनाओं और भौतिक लालसाओं के भ्रम में फँसकर अपने वास्तविक स्वरूप को भूल जाता है। चाहत और मोह में डूबकर वह सही-गलत का विवेक खो देता है और आत्मा से दूर हो जाता है। कवि बताता है कि संसार सुंदर है, परंतु मनुष्य की अतृप्त इच्छाएँ उसे भटकाती रहती हैं। दौलत, वासना और महत्वाकांक्षा के पीछे भागते-भागते वह सच्चे सुख और शांति से वंचित रह जाता है। जब मनुष्य एकांत, साधना और आत्मचिंतन की ओर मुड़ता है, तब उसे भीतर की दिव्यता और परम सत्य का अनुभव होता है। बाहरी दृष्टि भौतिक जगत को देखती है, पर आंतरिक दृष्टि ही वास्तविक सत्य को पहचानती है क्योंकि सच्चा सुख और शांति बाहरी चाहतों में नहीं, बल्कि आत्मबोध और भीतर के प्रकाश को पहचानने में है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, घिरा है चाहत के भरम में अब शरम भी ना आता, #Ghira Hai Chahat Ke Bharam Men Ab Sharam Bhi Naa Aata, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

भक्ति गीत, सफल जीवन सौभाग्य का सुख है, Bhakti Geet, Safal Jiwan Soubhagya Ka Sukh Hai,

राम भजन गीत, भजों मन सीता सीता राम, Ram Bhajan Bhajo Geet, Man Sita Sita Ram,

देश भक्ति गीत, याद करो तुम उन वीरों को, Desh Bhakti Geet, Yad Karo Tum Un Veero Ko,

वेदमाता भक्ति गीत, प्राण वायु, Vedmata Bhakti Geet, Pran Vayu,

हिन्दी गीत, आंख में पानी आई, Hindi Geet, Aankh Me Pani Aai,

देश भक्ति गीत, भारत माता वर दे, DESH BHAKTI GEET BHARAT MATA VAR DE,