सच्ची भक्ति मन को शांति देती है संसार से ऊपर उठाती है और हर जगह भगवान का अनुभव कराती है यह भक्ति गीत एक सच्चे भक्त के गहरे प्रेम और समर्पण को दर्शाता है। कवि कहता है कि भगवान का स्मरण करते ही उसकी सुध-बुध चली जाती है और वह संसार की चिंताओं को भूल जाता है। उसे हर जगह धरती, आकाश और हर कण में भगवान के दर्शन होते हैं भक्ति में डूबकर उसे आत्मिक शांति, आनंद और संतोष मिलता है। कभी-कभी वह भगवान की लीला और संसार के दुख-सुख पर प्रश्न करता है, लेकिन अंत में पूर्ण श्रद्धा के साथ उनके चरणों में ही समर्पित हो जाता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति रचना गीत,#सुध बुध मेरा तुम हर लेते हो भूल जाता हूँ मैं दिन भगवन, #Sudh Budh Mera Tum Har Lete Ho Bhul Jata Hoon Main Din Bhagwan, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Sudh Budh Mera Tum Har Lete Ho Bhul Jata Hoon Main Din Bhagwan.
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
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तेरे चरणों का दर्शन मैं करता हूँ रातों दिन भगवन
सुध बुध मेरा तुम हर लेते हो भूल जाता हूँ मैं दिन भगवन
छोटे छोटे छिद्रों में मैं पैर तुम्हारा देखता हूँ
चरणों के पवित्र धूल को माथे पर मै घसता हूँ
इस दुनियां में दिखता ना जो मैं देखा हूँ आँखो से
अद्भुत है चरणों की धुली मै देखता हूँ रातों के
खुशियों का सौगात दिया मुझे हृदय बीच में आकर
आत्मा को समझाया भगवन माथे चन्दन लगाकर
तेरे चरणों का दर्शन मैं करता हूँ रातों दिन भगवन
सुध बुध मेरा तुम हर लेते हो भूल जाता हूँ मैं दिन भगवन
डूब जाता मैं तुझमें भगवन आँख में भरकर पानी
प्रेम भक्ति में खो जाता हूँ याद आती कहानी
होश हवाश ना रहता मुझमें याद आती तेरी वाणी
दिव्य शरण की यादें मुझको ले जाती तेरे साथ भवानी
दर्शन पाकर भूल जाता मैं दुनियां की सारी बातें
याद आता है तू भगवन मुझे कैसी है तेरी यादें
ले जाती मुझे साथ में अपने तेरी वो अवस्था
चला जाता हूँ मैं भी भगवन देख जीवन का रास्ता
तेरे चरणों का दर्शन मैं करता हूँ रातों दिन भगवन
सुध बुध मेरा तुम हर लेते हो भूल जाता हूँ मैं दिन भगवन
भक्ति भाव का स्तर मुझको समझ नहीं अब आता
लिन होजाता तेरे में मै खुशियां मुझे बुलाता
तेरे चरणों की दर्शन मेरे आँखो में बस जाता है
धरती अम्बर और समन्दर सब में तूही दिखाता है
मोहमयी तेरी यादें भगवन मुझको खींच ले जाती
स्पर्श करती है दिल को मेरे आत्मा में बस जाती
दुनियां की सारी चित्त चिन्ता को भूल जाता मैं भक्ति में
आनन्द की खुशियां झूम उठती है याद की तेरी शक्ति में
तेरे चरणों का दर्शन मैं करता हूँ रातों दिन भगवन
सुध बुध मेरा तुम हर लेते हो भूल जाता हूँ मैं दिन भगवन
कैसी तेरी लीला भगवन कैसी तेरी दुनियां
कैसा तेरा प्रेम है भगवन कैसा तेरा दुनिया
मेरे मन को साथ लेजाता हाथ पकड़ कर बोले
भगवन के चरणों में दुनियां ध्यान में आकर डोले
कभी कभी मैं पूछ लेता हूँ तेरी अजीब कहानी
दुखिया क्यों दुखाया है सुखिया क्यों सयानी
पत्थर पानी सब बनाया फूलों पर मुस्काता क्यों
निश्चल भक्त के मन में आकर मन को क्यों बहलाता क्यों
तेरे चरणों का दर्शन मैं करता हूँ रातों दिन भगवन
सुध बुध मेरा तुम हर लेते हो भूल जाता हूँ मैं दिन भगवन
गीत =} #सुध बुध मेरा तुम हर लेते हो भूल जाता हूँ मैं दिन भगवन
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