यह गीत जीवन की सच्चाई, संसार की माया और कर्म की महत्ता को दर्शाता है। आज की दुनिया में लोग बड़े-बड़े सपने तो देखते हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए आवश्यक मेहनत और सच्चे कर्म नहीं करते। लोग दिखावे और इच्छाओं में फंसकर अपने ही अपनों को खो देते हैं और सही मार्ग से भटक जाते हैं क्योंकि केवल कल्पना और बातों से सफलता नहीं मिलती, बल्कि उसके लिए मेहनत, तप, साहस और निरंतर प्रयास जरूरी है। गुरु का उपदेश जो मार्गदर्शक के रूप में आता है, जो सिखाता है कि इंसान को अपनी क्षमता पहचानकर कर्म के रास्ते पर चलना चाहिए। यह दुनिया केवल परिणाम देखती है, इसलिए व्यक्ति को अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष करना चाहिए। सच्ची पहचान उसी को मिलती है जो मेहनत और तप से खुद को निखारता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, जोगन रोग भई है दुनियां में क्यों ना मेरा दिल गुनगुनाए जोगिय #Jogan Rog Bhai Hai Duniya Men Kyo Naa Mera Dil GunGunaye Jogiya,
गीत =} #जोगन रोग भई है दुनियां में क्यों ना मेरा दिल गुनगुनाए जोगिया
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
देख कर दुनियां की कहानी क्यों ना दिल मुस्कुराए जोगिया
जोगन रोग भई है दुनियां में क्यों ना मेरा दिल गुनगुनाए जोगिया
सपनों के इस दुनियां में लोग अपनों को खो देता है
चाहत की चौहद्दी पे लोग धर्म बेचकर रोता है
ऊँची-ऊँची बातें करते कर्मों का परिधान न जाने
इच्छा की गुलामी वो जीवन का संस्कार ना जाने
कौन कहे अज्ञानी उनको वो तो ज्ञान की देवी है
मार देती उस जीवन को जो जीवन की वो रोटी है
देख कर दुनियां की कहानी क्यों ना दिल मुस्कुराए जोगिया
जोगन रोग भई है दुनियां में क्यों ना मेरा दिल गुनगुनाए जोगिया
देखा है इस दुनियां में मैं लोगों की उन बातों को
चाहत है आसमान पाने की बैठा है जमीनों पे
मन भावों में इच्छा रखकर ऊंची ऊँची बात सोचे
पहुँच ना पाता उस जगहों पे जहां उसका मन भटके
सफल सफलता कैसे मिलती कल्पना की इस रातों में
कर्म बेच कर सो गया जो जज्बातों की बातों में
मेहनत ना परिश्रम है ना प्रयास की बोली
दिल का हाल दिल में रखता ना कर्मों की गोली
देख कर दुनियां की कहानी क्यों ना दिल मुस्कुराए जोगिया
जोगन रोग भई है दुनियां में क्यों ना मेरा दिल गुनगुनाए जोगिया
कहते है मेरे गुरुवर मुझसे हृदय बीच बैठाकर
तेरे सपनों की दुनियां ना है कर्मों की राह दिखाकर
आगे बढ़ने वाले को कर्मों को साधना पड़ता है
इच्छा की पूर्ति के खातिर तप में जलना पड़ता है
जब तुम अपनी पंख फैलाओ अपनी क्षमता देखो
मेहनत और हिम्मत को खोलकर आसमा में उड़ जाओ
लोग तुम्हे देखेगे तुझको लोग भटकाएंगे
काबिलियत पहचान देगी जब तुझसे मिलने आयेंगे
देख कर दुनियां की कहानी क्यों ना दिल मुस्कुराए जोगिया
जोगन रोग भई है दुनियां में क्यों ना मेरा दिल गुनगुनाए जोगिया
सपनों की इस दुनियां में सपने केवल भरपूर नहीं
साहस कर्म जरूरी है सपने केवल प्रचुर नहीं
ये दुनियां उड़ान देखती देखती ना कभी सपना
परिणामों की प्यार देखती देखती ना कभी अपना
मेहनत रंग लाती है जब तन मन भी जल जाता है
पहचान देती है दुनियां उसको जो खुद को जला पाता है
आगे बढ़कर कुछ कर डालो वास्तव को पहचानो
जंग जीवन का सपना है इसको तू पहचानो
देख कर दुनियां की कहानी क्यों ना दिल मुस्कुराए जोगिया
जोगन रोग भई है दुनियां में क्यों ना मेरा दिल गुनगुनाए जोगिया
गीत =} #जोगन रोग भई है दुनियां में क्यों ना मेरा दिल गुनगुनाए जोगिया
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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