समय और परिस्थितियों के परिवर्तन में धैर्य रखें जीवन में संतुलन बनाए रखें और परमात्मा में विश्वास रखें। समय चलता रहता है युग बदलते रहते हैंपर ईश्वर हमेशा स्थिर हैं उनका मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा देता है।समय और जीवन अनवरत बदलते रहते हैं। युग परिस्थितियां और मानव का रूप समय के साथ बदलता है। परमात्मा स्थिर और अटल है। चाहे संसार बदलता रहे ईश्वर का अस्तित्व और मार्गदर्शन हमेशा समान रहता है। ईश्वर के अनेक रूप और नाम हैं। अलग-अलग धर्मसंस्कृति और लोग उन्हें अलग-अलग रूपों में पूजा करते हैं पर मूल में वही एक परमात्मा है। जीवन के दुख-सुख ईश्वर द्वारा दिए जाते हैं। ये अनुभव हमें सीखने और आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति रचना,बीतते जाता है समय युग बदलते जाता रे, #Bitate Jata Hai Samay Yug Badalte Jata Re, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Bitate Jata Hai Samay Yug Badalte Jata Re
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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देखो वक्त की तुम गरिमा हरदम आगे चलता रे
बीतते जाता है समय युग बदलते जाता रे
इस दुनियां में कुछ ना स्थिर सब कुछ चलता फिरता है
रुकता ना ये वक्त कही पे अखिल जगत का कर्ता है
समय बदलता मानव बदलता बदल जाती परिस्थितियां
परम सत्ता सदा एक सा रहता साथ ना जाता दुनियां
सृष्टि को रचने वाला देख जरा तू दिल से
सम्पूर्ण सृष्टि में बदल रहा है जीवन की सब रिश्त
देखो वक्त की तुम गरिमा हरदम आगे चलता रे
बीतते जाता है समय युग बदलते जाता रे
कितने रूप तुम्हारे भगवन कितने नाम तुम्हारे है
अलग अलग नामों से दुनियां तुमको क्यों पुकारे है
पालनकर्ता जीवनहर्ता तुम्हीं नाश विनाश हो
राम कृष्ण शिव हो तुम तुम्हीं सबका आश हो
रूप अनेक तुम्हारे भगवन अलग अलग में प्रकट होते
अलग अलग धर्मों में आकर कष्टों को दूर करे
इस दुनियां का धरता करता इस दुनियां की रचिता तुम
देश विदेश समाज के भाषा और रिवाज तुम
देखो वक्त की तुम गरिमा हरदम आगे चलता रे
बीतते जाता है समय युग बदलते जाता रे
अलग अलग उपासना से लोग तुझको ढूंढे मंगल में
भारत की संस्कृति में तुझे जंगल और समंदर में
पूजा ध्यान हवन है करता कोई तुझको माने ना
कोई ढूंढे चलत राह कोई तुझको साजे ना
नाम भिन्न है पूजा भिन्न है भिन्न सारी है विधियां
कोई माने गॉड यशु आल्हा को तो कोई शिव की दुनियां
दुख ना पाता मुझे कही पे मैं भी तुझको ढूंढता हूँ
साम सवेरे याद करता हूँ तुझमें ही रहता हूँ
देखो वक्त की तुम गरिमा हरदम आगे चलता रे
बीतते जाता है समय युग बदलते जाता रे
इस जीवन के दुख सुख में तुम आते जाते रहते हो
फल देते कर्मों के अनुरूप सबको सुख में रखते हो
तेरी व्यवस्था में दुनिया अपना अपना काम करे
धन दौलत वैभव कमाता सुख शान्ति का प्रेम मिले
इस जीवन का अनुभव भगवन सुख और दुख है
सिख कर आगे बढ़ता मानव जीवन का विस्तार करे
सारी दुनियां का संचालन करने वाला तुम्हीं एक परमात्मा हो
भिन्न भिन्न रुपों में आने वाले तुम्हीं एक ईश्वर हो
देखो वक्त की तुम गरिमा हरदम आगे चलता रे
बीतते जाता है समय युग बदलते जाता रे
गीत =} #बीतते जाता है समय युग बदलते जाता रे
#Bitate Jata Hai Samay Yug Badalte Jata Re
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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