आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, भगवन चरण धुली में रहकर मैं भी तेरी पूजा करूंगा, #Bhagwan Charan Dhooli Mein Rehkar, Main Bhi Teri Pooja Karunga, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
#Bhagwan Charan Dhooli Mein Rehkar, Main Bhi Teri Pooja Karunga,
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
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मैं किया समर्पण तुझको तेरी सेवा करूंगा
भगवन चरण धुली में रहकर मैं भी तेरी पूजा करूंगा
दुनियां की दास्ताँ को देखा हृदय बीच बसाकर
मार दिया मैं अपने दिल को आँखो को फुसलाकर
नम्र निवेदन विनती करता प्रार्थना तुझे पेठाया हूँ
आश लगाकर आया भगवन अपने को मिटाया हूँ
तू मेरा है जीवन भगवन सृष्टि मेरी दुनियां
प्रकृति है ईश्वर मेरा मैं परतंत्र की पत्तियां
मेरी इच्छा कुछ ना भगवन मैं तुझमें विलीन हो जाऊ
आँख खोलूं या बन्द करु मैं हर तरफ तुझको पाऊं
मैं किया समर्पण तुझको तेरी सेवा करूंगा
भगवन चरण धुली में रहकर मैं भी तेरी पूजा करूंगा
तू अपनी इच्छा से मेरा कोई रूप बना दे
तन मन है तेरा ही भगवन रख चाहे मिटा दे
मैं अपने आप को अब तुझे शौपता हूँ
रख दिया तन मन को मैंने आत्मा से सब कहता हूँ
तुम चाहो तो निर्धन कर दो तुम चाहो तो सोना
तुम चाहो तो सुन्दर कर दो जिसका मूल्य सारवाना
रंगों की कुदरत में ढालों जीवन रंग सजा दो
भेज दो इसको दुनियां में इसको तुम अपना लो
सुबह शाम की चँचल हवा सबके मन को भाता है
फैला दो मुझे उस दुनियां में जो सबको खुशी दिलाता है
मैं किया समर्पण तुझको तेरी सेवा करूंगा
भगवन चरण धुली में रहकर मैं भी तेरी पूजा करूंगा
तुम चाहो तो भगवन मुझको उस रातों में डाल दो
विलीन करदो अंधियारों में मुझे आगो से तुम जार दो
डर भय ना कोई चिन्ता मुझको तूने मुझे बनाया है
किया समर्पण तुझको भगवन तू मुझमें समाया है
तेरी कृपा से सूरज चलता धरती चांद सितारे
दुनियां की सृजन चलता है आनन्द खुशी के द्वारे
पत्थर सोना बन जाता है पानी बनता पत्थर
सरल मानव बनता है दुखियाँ शालीनता अपनाकर
शुद्ध बना दे भावों को मेरे शुद्ध बना दे जीवन
आँख से बहता पानी सुख जा दिल हो जा मेरा निर्मल
मैं किया समर्पण तुझको तेरी सेवा करूंगा
भगवन चरण धुली में रहकर मैं भी तेरी पूजा करूंगा
अपरम्पार है शक्ति तेरी तू प्रेरणा की करुणा है
प्रकृति की चरित्र भरता है तू कला की मरहम है
शक्ति की सृजन करता तू कला साहित्य संगीत विज्ञान
दुनियां की सेवा में रचता ज्ञानों की भरमार
खुद ही खुश ना रहता भगवन दुनियां को खुश करता है
जीवन का उत्साह बढ़ता आश्वासन से आता है
जिसने किया भरोसा तुझपे उसको तू महान बनाया
विश्वास धीरज से समझ गया तू उसको ही अपनाया
तेरी इच्छा से होता सब कुछ कुछ ना होता अपने आप
मौत तूही है इस जीवन का कोई ना रचता ऐसा प्लान
मैं किया समर्पण तुझको तेरी सेवा करूंगा
भगवन चरण धुली में रहकर मैं भी तेरी पूजा करूंगा
नई आशा की वातावरण तू शान्ति की प्रतीक है
निर्मल सुबह की खुशियां तू है तूही ही नवनीत है
जो होता है तुझसे होता जो आता है तुझसे
तू बसता है दिल में सबके तू रहता है सब में
तूही दुख है तूही सुख है तूही जगत संसार
आत्मा की पक्षी है तू तूही मन अहंकार
अस्तित्वों की सार्थक बल तू तूही बुद्धि विवेक
धर्म कर्म कर्तव्य है तू तेरा स्वरूप अनेक
विश्वास तुम्पर मैं करता हूँ आत्मा में बसाकर
दिल मेरा अब बोल रहा है सूरज से अखमिलाकर
मैं किया समर्पण तुझको तेरी सेवा करूंगा
भगवन चरण धुली में रहकर मैं भी तेरी पूजा करूंगा
गीत =} #भगवन चरण धुली में रहकर मैं भी तेरी पूजा करूंगा
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