विधि-विधान से बढ़कर सच्ची श्रद्धा और भक्ति ही ईश्वर को प्रिय है। सरल हृदय और सच्चा समर्पण ही सर्वोत्तम पूजा है। यह भक्ति गीत एक सरल और भावपूर्ण हृदय की पुकार है, जिसमें भक्त अपनी अज्ञानता और साधारण स्थिति को स्वीकार करते हुए माँ से संवाद करता है। वह कहता है कि उसे न पूजा की विधि आती है, न मंत्र, न तंत्र, न शास्त्रों का ज्ञान। फिर भी उसका विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा और निष्कपट प्रेम ही माँ को प्रिय होते हैं। गीत के माध्यम से भक्त अपनी गरीबी, अशिक्षा और असमर्थता को व्यक्त करता है वह न विधिवत पूजा कर सकता है, न भव्य अर्पण। लेकिन वह अपने हृदय की सच्ची भावना को ही सबसे बड़ा समर्पण मानता है। अंततः वह माँ की शरण में रहकर यही प्रार्थना करता है कि माँ उसके भाव को समझे और उसके दुख दूर करे। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, बड़ी जटिल है कर्मठ तेरी पूजा की विधि के, #Badi Jatil Hai Karmath Teri Pooja Ki Vidhi Ke, Writer ✍️ #Halendra Prasad
#Badi Jatil Hai Karmath Teri Pooja Ki Vidhi Ke
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
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कैसे खुश हो जाती है माँ तू पूजा की थाली से
बड़ी जटिल है कर्मठ तेरी पूजा की विधि के
मुझको आती ना पूजा आती नाही मंत्र रे
पूजता ना तुझे मैं जानता ना तन्त्र रे
सच्ची श्रद्धा से मेरा दिल तुझसे बोले
प्रिय होता सच्ची श्रद्धा श्रद्धा तुझसे बोले
जानू ना मैं मंत्र तेरा जानू ना मैं तंत्र
जानू ना स्तुति तेरा बन्दन कैसा रंग
कैसे खुश हो जाती है माँ तू पूजा की थाली से
बड़ी जटिल है कर्मठ तेरी पूजा की विधि के
विधिवत स्तुति कैसे किया जाता माई रे
जानता ना मैं माई प्रार्थना नमन रे
मंत्रों का ज्ञान ना मुझे तंत्रों का ज्ञान ना
साधक हूँ अनाड़ी मैं तो आध्यात्मिक का ज्ञान ना
विधि विधान से तेरी पूजन कैसे करु मैं
समझ में आता ना मुझे अन्दर अंदर जरू मैं
ना जानू आह्वान मईया ना जानू मैं ध्यान को
ना जानू मैं श्रेष्ठ कथन पूजन के विधान को
कैसे खुश हो जाती है माँ तू पूजा की थाली से
बड़ी जटिल है कर्मठ तेरी पूजा की विधि के
कैसे मैं बताऊं माता अंदर की वेदन को
सुन्दर सुन्दर शब्द ना है तेरी आराधना को
मुझको ना आती माई पूजन की नियम वो
विधि व्यवस्था सब हवन के नियम हो
परम्परा प्रक्रिया माई बड़ा कड़ा नियम है
रश्मि व्यवहार माई गंभीरता शिष्टाचार है
धन दौलत और मोहर माई कहा से मैं लाऊंगा
निर्धन गरीब हूँ मैं कैसे पेट चलाऊंगा
कैसे खुश हो जाती है माँ तू पूजा की थाली से
बड़ी जटिल है कर्मठ तेरी पूजा की विधि के
कैसे मैं बताऊं तुझे कैसे मैं समझाऊं
तेरे हित ना रुदन करु कैसे मैं दिखाऊं
ना जानू मैं विनती तेरी ना जानू मैं याचना
कैसे रोकर अर्ज करु मैं ना जानू निवेदना
भाव प्रदर्शन आता ना मुझे ना शास्त्रों की विधि
अनपढ़ हूँ अज्ञानी हूँ मैं ज्ञात नहीं है बुद्धि
सारे दुःख को दूर करे तू जब जब तुझको याद करु
तेरी चरणों में शरण लिया हूँ तेरे चरणों में पड़ा रहूं
कैसे खुश हो जाती है माँ तू पूजा की थाली से
बड़ी जटिल है कर्मठ तेरी पूजा की विधि के
गीत=} #बड़ी जटिल है कर्मठ तेरी पूजा की विधि के
#Badi Jatil Hai Karmath Teri Pooja Ki Vidhi Ke
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