यह भक्ति गीत माँ को धर्म, सत्य और न्याय की सजीव प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।माँ एक ऐसी दिव्य शक्ति है जो संकटों का नाश करती है, पाप और अधर्म का विनाश करती है तथा दुष्टों को दंड देती है। जब भी संसार में अन्याय बढ़ता है, माँ रौद्र रूप धारण कर उसकी सीमा समाप्त कर देती है। साथ ही माँ केवल शक्ति स्वरूपा ही नहीं, बल्कि ज्ञान और करुणा की देवी भी हैं। माँ अज्ञान को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाती हैं, भक्तों के दुख को समझती हैं और प्रेम तथा संवेदना से उनका मार्गदर्शन करती हैं। माँ बाहर कहीं दूर नहीं, बल्कि भक्त के हृदय में ही निवास करती हैं। माँ जीवन पथ पर चलना सिखाती हैं, रक्षा करती हैं और हर सांस में साथ रहती हैं। माँ की शक्ति, ज्ञान और ममता तीनों स्वरूपों का भावपूर्ण स्तवन है।आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, तू है धर्म की प्रतीक चलती सत्य न्याय के राह पे मईया, #Tu Hai Dharm Ki Pratak Chalti Satya Nyakeke Rahpe Maiya, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

 गीत =} #तू है धर्म की प्रतीक चलती सत्य न्यायके राहपे मईया  

#Tu Hai Dharm Ki Pratak Chalti Satya Nyakeke Rahpe Maiya

           Writer ✍️  #Halendra Prasad 

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           मईया रे साक्षी तेरी शक्ति है दुनियां मईया

   तू है धर्म की प्रतीक चलती सत्य न्यायके राहपे मईया 

        संकट को तू हर लेती है पापों को तू नष्ट करे

        भय को मारे वाणो से तू डर को मिटा देती है

        जब जब आफत आती है तब तब तू आती है 

       आपदा का विध्वंस करे तू अपनी तीर चलाती है 

          अधर्म अनीति लांघ जाता जब सीमा को

   आ जाती तलवार उठाकर मार देती उस दुष्टता को

         मईया रे साक्षी तेरी शक्ति है दुनियां मईया 

  तू है धर्म की प्रतीक चलती सत्य न्यायके राहपे मईया


    महाकाल और ज्वाला रूप में आती है जब धरती पर

     कदाचार अपराध को मईया मार देती तू शक्ति पर

     रौद्र रूप को धारण करती भीषण रूप बनाती है 

    डर जाते है दुष्ट कुकर्मी जब अपना रूप दिखाती है

      अंत करती है पापों की तू अपने डरावन रूप से

   क्रोध से जलता दुष्ट की दुनियां आती जब विकरालों से

      महिमा तेरी स्नेहमयी माँ जागृत सबको करती है

     संवेदनशील स्वरूप तेरी दिल में खुशियां भरती है

          मईया रे साक्षी तेरी शक्ति है दुनियां मईया 

    तू है धर्म की प्रतीक चलती सत्य न्यायके राहपे मईया


       तूही है दुनियां में एक माँ भक्तों का जो दर्द देखे

       हर पीड़ा हर भावना में माँ भक्तों का दिल जले

           वीणा के मधुर स्वर से ज्ञान बरसाती तू

         सरस्वती बनकर आती वीणा को बजाती तू

         नाश कर अज्ञान को माँ ज्ञान की धाराओं से

         करुणा की संचार करती प्रेम की धगाओ से

         फूलों की सुगंध के जैसा तेरी खुशबू आती है

         गंगा जमुना सरस्वती की यादों को दिलाती 

          मईया रे साक्षी तेरी शक्ति है दुनियां मईया 

    तू है धर्म की प्रतीक चलती सत्य न्यायके राहपे मईया


             मेरे हृदय में विराजमान माँ तू रहती

            अदृश्य होकर माँ तू विद्यमान रहती

           सन्देश देती है माँ मुझको तू पढ़ाती है

         अंगुली पकड़ कर माँ तू चलना सिखाती 

         शक्ति नाही केवल माँ तू ज्ञान की देवी है

          करुणा की सागर में न्याय की वेदी है

         सांसों में रहती है माँ तू दिल में रहती है

      रक्षक और संरक्षिका बनकर यादों में रहती है

         मईया रे साक्षी तेरी शक्ति है दुनियां मईया 

   तू है धर्म की प्रतीक चलती सत्य न्यायके राहपे मईया

गीत =} # तू है धर्म की प्रतीक चलती सत्य न्यायके राहपे मईया  

#Tu Hai Dharm Ki Pratak Chalti Satya Nyakeke Rahpe Maiya

           Writer ✍️  #Halendra Prasad 

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टिप्पणियाँ

मेरी हृदय मेरी माँ

अहंकार और इच्छाओं का त्याग करके सच्चे समर्पण और भक्ति से ही भगवान का अनुभव और जीवन का परम आनंद प्राप्त होता है क्योंकि यह भक्ति-गीत एक साधक की भगवान के प्रति गहरी पुकार जिज्ञासा और समर्पण को दर्शाता है वह बार-बार भगवान को याद करता है और उनकी लीला को समझना चाहता है लेकिन उसे स्पष्ट अनुभव नहीं हो रहा इसलिए वह प्रश्न करता है भक्त भगवान से प्रार्थना करता है कि उसका अहंकार भय स्वार्थ और चिंता मिटा दें और उसे अपने प्रेम व दिव्यता में लीन कर दें वह स्वीकार करता है कि इच्छाएँ और मोह उसे भ्रमित करते हैं और सच्चे ज्ञान से दूर कर देते हैं सच्चा आनंद और शांति केवल भगवान में ही है इसलिए वह उनसे आत्म-शुद्धि और ब्रह्म में विलीन होने की प्रार्थना करता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,भगवन कैसी तेरी लीला तू दिखाता काहे ना, #Bhagawan Kaisi Teri Lila Too Dikhata Kahe Naa, Writer ✍️ #Halendra Prasad ,

यह गीत जीवन के परिवर्तन आत्मचेतना और भगवान के रहस्य को समझने की एक आध्यात्मिक खोज को व्यक्त करता है।कवि इस गीत के माध्यम से भगवान से प्रश्न करता है कि वह पागल नहीं है बल्कि जीवन और चेतना के गहरे रहस्यों को समझने की कोशिश में भटक रहा है। संसार हर पल बदलता रहता है सुख-दुःख आशा-निराशा जन्म-मरण सब आते-जाते रहते हैं। मनुष्य बाहर की दुनिया को आँखों से देखता है लेकिन असली सत्य मन आत्मा और चेतना के भीतर छिपा है। यह जीवन कोई स्थिर चीज नहीं है बल्कि लगातार बदलने वाली प्रक्रिया है। जो व्यक्ति इस परिवर्तन को स्वीकार कर लेता है और भीतर की चेतना को समझने का प्रयास करता है वही जीवन के सच्चे अर्थ को जान पाता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, भटका चेतना के सागर में ना मैं पागल भगवन, #Bhatka Chetna Ke Saagar Mein Na Main Paagal Bhagwan, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल रचना,मानव और ब्रह्मांड की एकता का अनुभव, Manav Aur Brahmand Ki Ekta Ka Anubhav,

संघर्ष संतुलन और अवसर की खोज जीवन अवसर नहीं, चेतना की यात्रा, Sangharsh Santulan Aur Avasar Ki Khoj Jeevan Avasar Nahin, Chetna ki Yatra,

यह गीत जीवन के दर्द धोखे और अकेलेपन की भावना को व्यक्त करता है। कवि कहते हैं कि आज दुनिया दुख को नहीं समझ रही है और उसे एक तमाशा समझती है लेकिन एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब लोग उनके दर्द को समझेंगे और पछताएँगे क्योंकि जीवन में कई लोग अपने स्वार्थ और गलत सोच के कारण दूसरों का दिल तोड़ देते हैं। इंसान कई बार अपने ही लोगों से ठोकर खाकर अकेला रह जाता है। फिर भी जीवन का विश्वास है कि जीवन में नफरत नहीं बल्कि प्रेम दया और करुणा ही सबसे बड़ी शक्ति है। ईश्वर सब कुछ देखता है और हर व्यक्ति को उसके कर्मों का फल जरूर मिलता है। इसलिए सच्चाई और प्रेम के रास्ते पर चलना ही जीवन का सही मार्ग है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, मेरा दुःख जब देखेगा ना भूलेये दुनियां #Mera Dukh Jab Dekhegi Naa Bhooleye, ✍🏻#Write Halendra Prasad

जब हम स्वार्थ और तृष्णा से ऊपर उठकर निष्पक्ष और निर्मल दृष्टि से संसार को देखेंगे तब मनमस्ति और मुक्ति का अनुभव होगा क्योंकि स्वार्थ और लालसा जीवन को उलझाते हैं व्यक्ति अपनी इच्छाओं और मोह में फंसकर असली आनंद और शांति से दूर हो जाता है अवलोकन का दृष्टि अपनाना आवश्यक है क्योंकि स्वार्थ पक्षपात और मोह से ऊपर उठकर देखना ही मन को वास्तविक आनंद मनमस्ति देता है माया और लालच भ्रम फैलाते हैं वे अंदर की शक्ति बुद्धि और आत्मिक प्रकाश को ढक देते हैं।जीवन का उद्देश्य आत्मिक जागरण है और ज्ञान आत्मा का प्रकाश है और जीवन का दिव्य गुण ही असली सुख हैं।आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, मनमस्त हो जाएगा जब तुम निरेखा करोगे, #Manmast Ho Jayega Jab Tum Nirekha Karoge, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति रचना, सूर्य के तीन रूप और जीवन का दर्शन संतुलन ही शाश्वत सत्य, Surya Ke Teen Roop Aur Jeevan Ka Darshan Santulan Hi Shashvat Saty,

ये जीवन अनेक रंगों से भरा है, इसलिए हर परिस्थिति को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना ही जीवन का सार है। इस गीत के माध्यम से जीवन की सच्चाई को बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। कवि बताते हैं कि जीवन एक आंधी की तरह है, जिसमें सुख-दुःख, हँसी-आँसू, आशा-निराशा जैसी सभी भावनाएँ आती-जाती रहती हैं। जैसे समुद्र की लहरें उठती और गिरती हैं, वैसे ही जीवन में भी परिवर्तन लगातार होता रहता है।कवि माँ को प्रकृति और सृष्टि की शक्ति के रूप में देखते हैं, जो मनुष्य को हर अनुभव से परिचित कराती है कभी खुशी देती है तो कभी दुःख। जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है, सब समय और परिस्थितियों के अनुसार बदलता रहता है।क्योंकि की मनुष्य को संघर्षों के बीच आशा, धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए। निरंतर अभ्यास और मेहनत से ही सफलता प्राप्त होती है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति रचना भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, आती जाती है सब बातें इस जीवन के आंधी में, #Aati Jati Hai Sab Bate Is Kivan Ke Aandhi Mem, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

आधुनिक जीवन की भाग-दौड़ में इंसान अक्सर अपने भीतर की आवाज़ को अनसुना कर देता है। लेकिन जब उसे सच्चाई का बोध होता है तब उसके जीवन में एक नया परिवर्तन आता है यह संदेश हमें बताता है कि माँ की कृपा सही समय की पहचान और आत्म-जागृति के माध्यम से ही जीवन वास्तव में सफल और सुखमय बनता है यह भाव हमें यह भी समझाता है कि माँ जो दिव्य शक्ति का स्वरूप हैं हमारे जीवन की प्रेरणा ऊर्जा और मार्गदर्शक हैं। जब हम उनका स्मरण करते हैं, तो हमारे भीतर उमंग जोश और गहरी आंतरिक शांति का संचार होता है। यह शक्ति हमारे मन को जागृत करती है इच्छाशक्ति को मजबूत बनाती है और हमें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है जीवन में अवसर समय के अनुसार आते हैं ठीक वैसे ही जैसे प्रकृति में मौसम बदलते हैं जो व्यक्ति इन अवसरों को पहचानकर उनका सही उपयोग करता है उसका जीवन सुख शांति और समृद्धि से भर जाता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, मैया रे आता जब उमंग जोश को साथ लाता रे, #Maiya Re Aata Jab Umang Josh Ko Sath Lata Re, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

ईश्वर की अदृश्य शक्ति ही सृष्टि के निर्माण, संचालन और निरंतर विकास का आधार है यह गीत भगवान की उस अदृश्य शक्ति का वर्णन करता है जो पूरी सृष्टि में हर समय कार्य करती रहती है। प्रकृति के हर छोटे-बड़े परिवर्तन जैसे बीज से पौधा कली से फूल और फल बनना इसी दिव्य शक्ति का प्रमाण हैं।यह सृष्टि कभी रुकती नहीं बल्कि निरंतर सृजन और विकास की ओर बढ़ती रहती है। मनुष्य भले ही विश्राम करता है लेकिन भगवान की शक्ति हर पल सक्रिय रहती है और संसार को चलाती रहती है।अंत में कवि भगवान से प्रार्थना करता है कि वे सभी को शक्ति बुद्धि और अपने प्रेम का अनुभव कराएं। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, सृजन करती है विकास की हर कार्य में काम करती भगवन, #Srijan Karti Hai Vikas Ki Har Karya Mein Kaam Karti Bhagwan, Writer ✍️ #Halendra Prasad,