यह गीत एक असहाय, अनाथ और प्रेम के लिए तड़पते बालक की करुण पुकार है। बालक अपनी माँ को याद करते हुए बार-बार विनती करता है कि वह उसे अपनी गोद में उठा ले और उसे न भूले। वह बताता है कि उसका कोई घर-द्वार नहीं है, लोग उसे डांटते-मारते हैं और उसकी माँ को भी अपमानित करते हैं। उसे अपने माता-पिता का पता नहीं है, इसलिए वह अपने को संसार में अकेला और असुरक्षित महसूस करता है। गीत में माँ केवल जन्मदात्री नहीं, बल्कि ईश्वर और करुणामयी शक्ति का प्रतीक भी है। बालक माँ से प्रेम, संरक्षण और क्षमा की याचना करता है। वह कहता है कि उसे धन नहीं, केवल माँ का स्नेह चाहिए। समाज की कठोरता और उपेक्षा के बीच उसकी मासूम आत्मा ममता के सहारे जीना चाहती है। इस प्रकार यह गीत करुण रस से परिपूर्ण है और मातृप्रेम की महानता तथा मानवता की आवश्यकता को दर्शाता है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति गीत, लेले गोदी में उठाके मैं हूँ थोड़ा बावला, Lele Godee Mein Uthaake Main Hoon Thoda Baavala , Writer ✍️ #Halendra Pras,ad
गीत =} #लेले गोदी में उठाके मैं हूँ थोड़ा बावला
#Lele Godee Mein Uthaake Main Hoon Thoda Baavala
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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मईया मुझे ना भूलना मेरा रूप सवला
लेले गोदी में उठाके मैं हूँ थोड़ा बावला
सुन्दर सुन्दर मुख ना है फटा मेरा कपड़ा
घर ना दुआर मेरा रोड मेरा ठिकना
आगे आगे चलती है तू पीछे पीछे चलता हूँ
थक गये है पांव मेरे आग जैसे जलता हूँ
कोई नहीं है आगे पीछे जानू ना मैं किसी को
रो देता हूँ देखकर जब लोग डांटे मुझको
छोड़ गई है माँ मेरी मुझको इस जहां में
पाता नहीं पापा मेरे रहते है कहा में
मईया मुझे ना भूलना मेरा रूप सवला
लेले गोदी में उठाके मैं हूँ थोड़ा बावला
दिल मेरा रोता है माँ याद तेरी आती जब
पोंछ लेता आँसू मैं खाना नहीं खाता अब
भूख मुझे लगती है तो मांगू मैं किससे
मार देते थापड़ लोग कहूं मैं किससे
जिधर जिधर जाता हूँ मै उधर से भगाते है
गाली देते माँ को मेरे मुझको रुलाते है
देखा नहीं माँ को मैं देखा नहीं बाप को
याद को दिलाते लोग डस लेता सांप हो
समझ नहीं पाऊं मैं कैसे कैसे जीता हूँ
जहर की बोतला को मै ढार ढारकर पिता हूँ
मईया मुझे ना भूलना मेरा रूप सवला
लेले गोदी में उठाके मैं हूँ थोड़ा बावला
मन मेरा घिरा है माता ममता की कमजोरी से
बार बार आती है यादें भावना के बलजोरी से
भूल ना पाता हृदय हमारा देख दुनियां की माता को
रुक जाता हूँ देख दुनियां को गुनाह किया किस को
सुन रहा था लोगों की कितने लोग बताते है
क्षमाशील ईश्वर है माता सबके दुःख मिटाते है
आन पड़ी है भारी विपत्ति समझ नहीं मै पाता
क्षमा करो मेरे गलती को माँ मैं हूँ छोटा बाधा
जी ना पाऊं इस दुनियां में साथ मुझे तू ले जाओ
रो रोकर मर जाऊ मैं जीवन ना जी पाऊं
मईया मुझे ना भूलना मेरा रूप सवला
लेले गोदी में उठाके मैं हूँ थोड़ा बावला
संस्कार ना दिया मुझे कोई कैसे मै सिख पाऊं
मांग राहु तुझे मईया दे दे दिल बिकाऊ
खरीद लूंगा बनगी में रखकर जीवन अपना तुझको
देदे ना तू प्यार अपना माँ दौलत सारी मुझको
रोज चाहा मैं रोज सोचा एक दिन तुझसे मांगू
पूछ डालू तेरी कीमत फिर अपने को साज़ू
रहमत की करुणा है माँ तू प्रेम तेरा अनमोल है
क्षमा करो मेरे दंड को माता जीवन मेरा कमजोर है
देख दिखावा ना है माँ तू तूही जग की माता है
दुनियां की आशा है माता दुनियां की विश्वासा है
मईया मुझे ना भूलना मेरा रूप सवला
लेले गोदी में उठाके मैं हूँ थोड़ा बावला
गीत =} #लेले गोदी में उठाके मैं हूँ थोड़ा बावला
#Lele Godee Mein Uthaake Main Hoon Thoda Baavala
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृ
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