प्रेम झूठा नहीं होता बल्कि मनुष्य की अधूरी समझ अपेक्षाएँ वासनाएँ और चंचलता के कारण वह असफल हो जाता है।प्रेम केवल शब्दों या आकर्षण का नाम नहीं है यह धैर्य त्याग एकनिष्ठता और सच्चे समर्पण की मांग करता है। जब मन प्रलोभन सुविधा या स्वार्थ में भटक जाता है तब प्रेम टूट जाता है। क्योंकि कि प्रेम की असफलता अंत नहीं बल्कि आत्ममंथन और आत्मज्ञान का अवसर है। मनुष्य जब बाहर प्रेम खोजते-खोजते भीतर झांकता है तब उसे समझ आता है कि सच्चा प्रेम उसके अपने हृदय में ही है। यह गीत सिखाती है कि प्रेम के पीछे भागने से नहीं, बल्कि स्वयं को समझने धैर्य रखने और भीतर की शुद्धता को जागृत करने से प्रेम सफल होता है।प्रेम वस्तु नहीं एक साधना है और उसकी विफलता भी आत्मबोध का मार्ग बन सकती है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, भागों प्रेम के पीछे ना प्रेम असफल हो जाता, Bhago Prem Ke Pichhe Naa Prem Asafal Ho Jata, Writer ✍️ #Halendra Prasad
#Bhago Prem Ke Pichhe Naa Prem Asafal Ho Jata
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प्रेम झूठा ना है प्रेम तो विफल हो जाता
भागों प्रेम के पीछे ना प्रेम असफल हो जाता
शब्दों तक ये सीमित ना है धैर्य त्याग को मांगे
एकनिष्ठा का मांगे समर्पण भक्ति रूप को साजे
प्रलोभन पर फ़िशल जाता है मन की अब अंगड़ाई
ललची बाहें खड़ी रहती है देख आंख की आहे
संकेत नहीं किसी दूसरे का है मन की चंचलता
मोह वासना सुविधा इसकी है सब इच्छा
प्रेम झूठा ना है प्रेम तो विफल हो जाता
भागों प्रेम के पीछे ना प्रेम असफल हो जाता
खोज रहा था बाहर बाहर भीतर में जब पाया मै
विवश हुआ था हृदय मेरा जब हटकर भीतर आया मै
जीवन की सब रोग बताती पीड़ा टूटन की बेला से
खुद को अवसर दिया बुलाकर अपने को पहचानने में
प्रेम विफलता अंत नहीं है एक ऐसी प्रक्रिया है
अपने भ्रम कमजोरी को जानने की एक क्रिया है
किसके प्रेम का कौन आधार है किसपे टिक पता है
टूट जाता किस कारण से किसका वाण चला है
प्रेम झूठा ना है प्रेम तो विफल हो जाता
भागों प्रेम के पीछे ना प्रेम असफल हो जाता
आत्ममंथन की प्रौढ़ता जब पुष्टता ढूंढ कार लाती है
दृष्टिकोण बदल दे देखने का जीवन को बताती है
दुख विफलता भीतर को समझाती जब
वैभव की खुशहाली को सामने लेकर आती तब
तोड़ देता जब प्रेम मानव को आत्मबोध बताता है
बहुत सचेत होता है माने संवेदनशील कहलाता है
आत्मनिर्भर वो बन जाता है प्रेम विफल की कड़ियों से
दिल में धीरज धरता है वो प्रेम टूटन की लड़ियों से
प्रेम झूठा ना है प्रेम तो विफल हो जाता
भागों प्रेम के पीछे ना प्रेम असफल हो जाता
खींच लेता चंचल मन इधर उधर भटकाकर
तोड़ देता है प्रेम की लड़ियां दिल में भ्रम पेठा कर
कहना प्रेम नहीं है त्याग की है कहानी
छोड़ दो सारी दुनियां को मानो इसको रानी
सत्य प्रेम का छुपा हृदय में कोई समझ ना पाता
रो देता हस हस कर मुस्कान नहीं भर पाता
ढूंढ रहा जो बाहर में भीतर में वो बैठा
ठोकर खाया अनुभव से आंख भर जब आया
प्रेम झूठा ना है प्रेम तो विफल हो जाता
भागों प्रेम के पीछे ना प्रेम असफल हो जाता
गीत =} #भागों प्रेम के पीछे ना प्रेम असफल हो जाता
Bhago Prem Ke Pichhe Naa Prem Asafal Ho Jata
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