यह गीत एक साधक द्वारा माँ दिव्य शक्ति से की गई हृदयपूर्ण प्रार्थना है। साधक माँ से कहता है कि हे माँ संरक्षिका दिव्य शक्ति मेरे अंदर साहस, शक्ति और भक्ति भर दो। मैं हर सुबह तुम्हें याद करता हूँ और तुम्हारे दर्शन की तड़प में लालायित रहता हूँ। जीवन के दुख और परेशानियों में तुम ही मेरा आसरा और सांत्वना हो।मेरा मन तुम्हें खोजता है क्योंकि तुम ही कल्याणकारी, शांति और सिद्धि देने वाली वेदमाता माँ गायत्री काली दुर्गा महाकाली गौरी लक्ष्मी माँ हो हे माँ मैं खो भी जाता हूँ, टूट भी जाता हूँ, फिर भी मेरा सच्चा सहारा तुम ही हो। माँ मैं सम्पूर्ण समर्पण और प्रेम व्यक्त करते हुए आपकी आराधना करता हूँ कि मैं माँ का हूँ और माँ ही मेरी शक्ति है। जिसे मेरी आँखें देखने को बड़ी बेचैन है! भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, साहस मुझमें तू भर दे मैं हूँ तेरा प्यार मईया, Sahas Mujhame Too Bhar De Mai Hun Tera Pyar Miya, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत =} #साहस मुझमें तू भर दे मैं हूँ तेरा प्यार मईया
#Sahas Mujhame Too Bhar De Mai Hun Tera Pyar Miya
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
सोचा हूँ मांगूंगा तेरे से मै गले का वो हार मईया
साहस मुझमें तू भर दे मैं हूँ तेरा प्यार मईया
जाग नहीं पाता दिल मेरा मांगू कैसे तुमसे
देखता गुलाब जब मैं मन मांगे दिल से
सुबह सुबह याद करु तुझको पुकारु
गंगा बीच तुझको देखूं दर्शन को सवारु
मेरी प्रतीक्षा माता तुझको बुलाती
यादों में तू आती है पास क्यों ना आती
सोचा हूँ मांगूंगा तेरे से मै गले का वो हार मईया
साहस मुझमें तू भर दे मैं हूँ तेरा प्यार मईया
मेरी कहानियों का माँ अजबे हमदम है
जारी है खुशामद माई दिल बेखबर है
मानव जीवन का कष्ट माँ कितना प्रिय है
रूप है स्वरूप माँ तेरी आशीष है
बिना किसी देरी के लोग अनुभव बताते है
जहर जैसा कड़वा लगता जब लोग सुनाते है
क्षण भर में फल देते पास मेरे आकर
देते है संतावना मुझको पास में बैठकर
सोचा हूँ मांगूंगा तेरे से मै गले का वो हार मईया
साहस मुझमें तू भर दे मैं हूँ तेरा प्यार मईया
मनका मेरा आस बार बार तुझसे कहता है
पढले मेरे मानकों तू तेरे पास रहता है
दिन है भिखारन जैसे मांगने में कटता
ढूंढता हूँ भिनसारे से तुझसे सबकुछ मांगता
चाहता हूँ पा जाऊ कुछ तेरी बाते
बिखरी पड़ी है दुनियां मेरी सौगाते
तूही कल्याणकारी माँ तूही लाभदायक
भरदे मुझमें सिद्धि माँ तूही है विचारक
सोचा हूँ मांगूंगा तेरे से मै गले का वो हार मईया
साहस मुझमें तू भर दे मैं हूँ तेरा प्यार मईया
बेघर के परिंदों जैसा उड़ता मैं हवा में
ढूंढता हूँ तुझको मैं देखकर आत्मा में
मुझको को तू वर दे माँ देदो बल शक्ति
कल के चिन्ता को मार दे भरदे अपनी भक्ति
क्या मैने पाया यहां क्या मैं खोया हूँ
समझ ना आता मुझको क्यों मै रोया हूँ
कौन यहां प्यार देता कौन उपहार देता
कौन देता सुखसार माँ पुरस्कार देता
सोचा हूँ मांगूंगा तेरे से मै गले का वो हार मईया
साहस मुझमें तू भर दे मैं हूँ तेरा प्यार मईया
गीत =} #साहस मुझमें तू भर दे मैं हूँ तेरा प्यार मईया
#Sahas Mujhame Too Bhar De Mai Hun Tera Pyar Miya
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️🙏
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें