यह गीत हृदय और दिव्यता के बीच होने वाले अचानक आत्मसंवाद की काव्यात्मक अभिव्यक्ति है। कवि को वन-प्रकृति, संगीत, सुगंध और प्रकाश के माध्यम से माँ-रूप चेतना गुरु-तत्व का आह्वान अनुभव होता है। यह अनुभव तर्क से परे, सीधे हृदय को स्पर्श करता है। जिसके कारण पूरी रचना भक्ति, विनम्रता और आत्मजागरण का भाव प्रकट करती है और प्रकृति ही संदेशवाहक बन जाती है। भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, आई झटपट झटपट झट दिल संवाद आई रे, Aaee Jhatapat Jhatapat Jhat Dil Sanvaad Aaee Re, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
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Writer ✍️ #Halendra Prasad
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की वन जंगल पहाड़ बीच एक आवाज आई रे
आई झटपट झटपट झट दिल संवाद आई रे
आस पास की दुनियां में वो कंपन दिखाई
भीतर कोई हलचल था उसे ना बताई
मधुर मादक गीत को कोयल गा रही थी
लगता था मुझको ऐसे जैसे कोई उत्तर दे रही थी
देखा जब मैंने दूर से लाल लाल रंग
सूरज की किरणों में दिखा मुझे वो अंग
मोड़ था एक ऐसा जहां बबूल घर बनाया था
हल्की हल्की खुशबू से सुगंध को पेठाया था
की वन जंगल पहाड़ बीच एक आवाज आई रे
आई झटपट झटपट झट दिल संवाद आई रे
सोच में डूबा जब मैं देखा वो अफसाना
गीत संगीत में डूबा दुनियां का खजाना
महक उठी स्वर सारी खुशबू जगमगाए
सामने खड़ा था कुदरत प्रेम बरसाए
कैसा उत्सव था ये गुरुवर समझ ना आता
गुप्त सी हवाओं में ये वन जगमगाता
रच रच कर बोले मौसम दृश्य को दिखाए
काजल गजरा के जैसा सुबह मुस्कुराए
भक्ति भाव कैसा गुरुवर कैसी तेरी रचना
दिल को लुभाए मेरे तेरे दिल की भावना
की वन जंगल पहाड़ बीच एक आवाज आई रे
आई झटपट झटपट झट दिल संवाद आई रे
कोई सत्य वाणी है जो मुझको बुलाती है
हाथों के इशारा से ना हृदय से दिखाती है
चेतना जगाए मेरा दिल बहलाए
निदियों में आकर गुरुवर सपना दिखाए
ये कैसा अवस्था गुरुवर ये कैसा संदेश है
समझ ना पाता मैं ये कैसा उपदेश है
उसकी विचार मुझे बार बार छूती
मन में समाकर वो तरंग भर जाती
भावना का वातावरण कैसा परिवेश है
भौतिक समाजी है कि तेरा सन्देश है
की वन जंगल पहाड़ बीच एक आवाज आई रे
आई झटपट झटपट झट दिल संवाद आई रे
दिव्य की तरंगें गुरुवर मन को बुलाती है
छोटी छोटी लहरों से वो हृदय को बहलाती है
दर्शन करने को मेरा दिल छट पटाए
देखूं चारों ओर पर नजर नहीं आए
अक्सर यहीं होता है दिल मेरा खोता है
देखकर अवस्था गुरुवर आँख नहीं सोता है
कुदरत क्या चाहे मुझसे मैं नहीं जानता
अनपढ़ अनाड़ी मैं कैसे पहचानता
कैसा स्वभाव है ये बार बार आ जाता
छेड़ जाता मुझको अपनी काम देकर जाता
की वन जंगल पहाड़ बीच एक आवाज आई रे
आई झटपट झटपट झट दिल संवाद आई रे
गीत =} #आई झटपट झटपट झट दिल संवाद आई रे
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