दिलके बोझसे दबाकर मैं आया हूँ तेरे पास मईया,Dilke Bojhse Dabakar Mai Aaya Hun Tere Pass Maiya, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत=} #दिलके बोझसे दबाकर मैं आया हूँ तेरे पास मईया
#Dilke Bojhse Dabakar Mai Aaya Hun Tere Pass Maiya
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️
दिलके बोझसे दबाकर मैं आया हूँ तेरे पास मईया
निदिया आवे नाही मुझको मैं गिरा हूँ अब उदास मईया
रोते रोते दिल मेरा आँखों से बोला
तू क्यों जागी है जग क्यों नाही सोया
मैने पुकारा माँ को माँ नाहीं आईं
कौन सुनाए मुझको लोरी को गाई
वक्त तकाजा मुझको लगता विपत्ति
चिन्ता सताए मुझको हर लेता शक्ति
मन का निराशा मुझको बार बार बताता
हृदय को रुलाकर मेरे दिल को जलाता
दिलके बोझसे दबाकर मैं आया हूँ तेरे पास मईया
निदिया आवे नाही मुझको मैं गिरा हूँ अब उदास मईया
पर्वत सी कठिनाई दिखती और कुछ ना दिखे
सात समुन्दर दिखे कष्ट बार बार खींचे
तैरने ना आता मुझको सामने समुन्दर है
बार बार बुलाता कहता जीवन मेरे अंदर है
घेर कर खामोशी मुझको जमाने को बताता
अच्छा लगता है मुझको तू टूट जाता
जग का रिवाज देखो निर्धन गरीब को
तोड़ी देते नाता लोग धन बिन शरीफ को
सत सत्कार ना है मान ना सम्मान
पैसा है जीवन लोग का पैसा है महान
दिलके बोझसे दबाकर मैं आया हूँ तेरे पास मईया
निदिया आवे नाही मुझको मैं गिरा हूँ अब उदास मईया
अर्जी लगाया हूँ मैं माई को बुलाया हूँ
मांगूंगा वरदान माँ से पत्र पैठाया हूँ
सुना हूँ मैं माँ बड़ी जल्दी चली आती है
साधक को सवारे खातिर बुद्धि बल पेठाती है
धैर्य बनाकर मैने वक्त को सहेजा
दौर से गुजरना अब बुरे वक्त पाना
तरक्कियों का दौर ये मन को बहलाता
ईश्वर के कृपा से सब दौर बदल जाता
समय शक्तिशाली है समय ही महान है
पिंजरा का तोता कहता कितना अच्छा प्यार है
दिलके बोझसे दबाकर मैं आया हूँ तेरे पास मईया
निदिया आवे नाही मुझको मैं गिरा हूँ अब उदास मईया
गीत=} #दिलके बोझसे दबाकर मैं आया हूँ तेरे पास मईया
#Dilke Bojhse Dabakar Mai Aaya Hun Tere Pass Maiya
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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माँ ♥️🙏
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