भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, भटके तारों के जमात में हई फ़िरासत गुरुजी, Bhatke Taro Ke Jmat Men Hai Firasat Guruji, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत=} #भटके तारों के जमात में हई फ़िरासत गुरुजी
#Bhatke Taro Ke Jmat Men Hai Firasat Guruji
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
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आज चारों वोरीया फैला है ग़फ़लत का अंधेरा गुरुजी
भटके तारों के जमात में हई फ़िरासत गुरुजी
भूल गया रास्ता पुण्य का रोशनी दिखाओ
कर्म में कोताही करता इसको तुम बताओ
प्रतिभा की शक्ति इसकी छिन्न भिन्न हुआ है
बिखरा है इधर उधर दिन हीन हुआ है
तन मन की जीवन शक्ति क्षमता को बढ़ाती है
ऊर्जा बनके ताकत को शरीर में दिखाती है
आए ना बीमारी कोई दूर भाग जाता
जीवन शैली को ये संतुलित बनाता
आज चारों वोरीया फैला है ग़फ़लत का अंधेरा गुरुजी
भटके तारों के जमात में हई फ़िरासत गुरुजी
फलित करदो इसको बड़ी ये उदास है
आंखों में आंसू रखकर पिता ये प्यास है
हंसना मुस्काना छोड़ा छोड़ा ये दुनियां
बड़ी बावला है गुरुवर बुझा ना ये दुनिया
तप ना तपस्या करता खाता ना पिता है
देखे आसमा को धरती पर ये जीता है
आपका ही अंश गुरुवर आपका ही बेटा है
खर्च करदो दाया इसपे घुट घुटकर जीता है
आंखे लाल लाल इसकी जीवन के फरेब में
ठगने वाला ठग लिया लोभ के आवेश में
आज चारों वोरीया फैला है ग़फ़लत का अंधेरा गुरुजी
भटके तारों के जमात में हई फ़िरासत गुरुजी
मेहनतका तुम गहना देदो देदो तुम आशीष को
आत्मविशास भरदो दोस्ती के आस को
जिन्दगी का मित्र तुम हो जीवन का सहारा तुम
दुनिया में कीमत तेरी तेरी ही रीत सब
हार हारकर थक ना जाऊं आया तेरे पास हूँ
जिन्दगी के आस में निराशो के साथ हूँ
सुना है लोगों से मैने सत्य बड़ी कड़वी है
असत्य को गिरादे जैसे घमंड गिर जाता है
सोच को बदल दे तू अब पाखंडी पकड़ा दे
निर्धन गरीब का तू विरह उठा ले
आज चारों वोरीया फैला है ग़फ़लत का अंधेरा गुरुजी
भटके तारों के जमात में हई फ़िरासत गुरुजी
गीत=} #भटके तारों के जमात में हई फ़िरासत गुरुजी
#Bhatke Taro Ke Jmat Men Hai Firasat Guruji
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