हे धरती की श्रृंगारमाला मां पर्वत की तू पत्नी, He Dharti Ki Sringarmala Maa Parwat Ki Too Patni, Writer ✍️ #Halendra Prasad
#हे धरती की श्रृंगारमाला मां पर्वत की तू पत्नी
#He Dharti Ki Sringarmala Maa Parwat Ki Too Patni
Writer ✍️ #Halendra Prasad #CISF
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_आशिक़ी_मेरी_माँ ♥️🙏
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हे धरती की श्रृंगारमाला मां पर्वत की तू पत्नी
देवलोक को जाने वाली वैजयन्ती चंद्रध्वज स्वाभिमानी
करु प्रार्थना तेरी मां मैं तेरे तट पे आ निवास करु
जल का तेरी पान करु मैं तेरी जल बड़ी अतरंगी
धन्य है तेरी लहरे माता तूही जीवन दाता
नमस्कार करते मैं तुझमें मिल जाऊ तू है मेरी प्राण विधाता
हे मां गंगे गोद में तेरे पक्षी बन सो जाऊ
नरकनिवर्णी मईया तू है तेरे जल में मत्स्य बन जाऊ
मदमत्त गजराजों के जमघंटो से कितना भयभी हुआ हूं मैं
दर दर ठोकर खाकर माता जीवन जी न पाऊं मैं
शत्रु सतत महिलाओं के मैं पृथ्वीपति कभी नही बन पाऊं मैं
मांग रहा हूं भिक्षा तूझसे हे माते गोद तेरी सो जाऊ मैं
मेरी आत्मा तुझमें माता तूही है मेरी परमात्मा
हृदय हमारा कह रहा मुझसे माता तूही हृदय हमारा
आरपार जन्म मरण कलह क्लेशों को मैं भले सहन कर पाऊं
बन जाऊ मैं हाथी घोड़े बल्कि तुझसे दूर नहीं रह पाऊं
राजपाठ मुझे ना देना वो जिसपे मन्द मन्द झंकारती वारंगना
चमर डुलाकर सुमधुर ध्वनि को गा रही हो वो
हे परमेश्वरी हे त्रिपथगे हे माता मां गंगे
देवांगनाओ के करकमलों में सुशोभित हुआ हूं मैं
सुन्दर सुन्दर चमरों की हवा से सेवित हुआ हूं मैं
क्या कभी ऐसा आएगा जब मेरा तन मृत हो जायेगा
तेरे जल में कुरेद कुरेद कर चील कौआ अपना भूख मिटाएगा
मेरी इच्छा कहती मां अब तुझसे
तेरी जलमें तन मेरा हिल कर लहरोके बीच आंदोलन में दिखेंगे
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#He Dharti Ki Sringarmala Maa Parwat Ki Too Patni
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