समर में अमर का ये प्राण गा रहा हैं, Samar Men Amar Kaa Ye Pran Gaa Raha Hai, Writer ✍️ #Halendra Prasad, हिन्दी भक्ती गीत,
गीत =} #समर में अमर का ये प्राण गा रहा हैं
#Samar Men Amar Kaa Ye Pran Gaa Raha Hai
Writer ✍️ #Halendra Prasad #CISF
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_आशिक़ी_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Ashiki_Meri_Maa❤️🙏
#MereGeet- ❤️❤️❤️👮♂️ #मेरेगीत- ♥️
समर में अमर का ये प्राण गा रहा है
समर में अमर का ये प्राण गा रहा है
सागर महासागर नदी और किनार गा रहा है
सागर महासागर नदी और किनार गा रहा है
आ रे बादल काले बादल गर्मी दूर भगा रे बादल
ममता के सागर में तू अपनी प्यार दिखा रे बादल
चूम ले तू संग आ के पृथ्वी के रंग को
गंगा जमुना सरस्वती मांगे तुझसे जल को
गंगा जमुना सरस्वती मांगे तुझसे जल को
समर में अमर का ये प्राण गा रहा है
समर में अमर का ये प्राण गा रहा है
सागर महासागर नदी और किनार गा रहा है
सागर महासागर नदी और किनार गा रहा है
कोई राम राम भजता कोई भजता कृष्णा
कोई महादेव को पूजे मांगे मेघ से भिखक्षा
सवा सवा लाख का चढ़ावे लोग चढ़ावा
गर्मी से जरे तनवा मंगे शुद्ध हावा
गर्मी से जरे तनवा मंगे शुद्ध हावा
जैसे सूरज तपता है वैसे धरती जलती है
गरम कर दे पवन को वो प्राण कितने हरती है
गरम कर दे पवन को वो प्राण कितने हरती है
समर में अमर का ये प्राण गा रहा है
समर में अमर का ये प्राण गा रहा है
सागर महासागर नदी और किनार गा रहा है
सागर महासागर नदी और किनार गा रहा है
बहती पशिना तन से पंखा काम करता ना
रिमझिम बूंदे बरसा बादल दिल मेरा निखरता ना
दुर्जन संग्राम राग तपन गा रहा है
बारहों महीना में भयंकर ये काल गा रहा है
बारहों महीना से भयंकर ये काल गा रहा है
सितम का अकाल है जीवन का भाल करदे
बरसदे तू अमृत बादल गर्मी को विदा कर से
बरसदे तू अमृत बादल गर्मी को विदा कर दे
समर में अमर का ये प्राण गा रहा है
समर में अमर का ये प्राण गा रहा है
सागर महासागर नदी और किनार गा रहा है
सागर महासागर नदी और किनार गा रहा है
गीत =} # समर में अमर का ये प्राण गा रहा हैं
#Samar Men Amar Kaa Ye Pran Gaa Raha Hai
Writer ✍️ #Halendra Prasad #CISF
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_आशिक़ी_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Ashiki_Meri_Maa❤️🙏
#MereGeet- ❤️❤️❤️👮♂️ #मेरेगीत- ♥️
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें