नशा छा गया, Nasha Ksha Gaya,
ये कैसा सितम आ गया पिता कितना भी मैं
मेरे आंखो में तेरी नशा छा गया
पिता कितना भी मैं मेरे आंखो में तेरी नशा छा गया
पिता कितना भी मैं
इश्क ऐसा करूंगी आंख दिल की सुनेगी
सांस खुशबू की यार मिला दिल को दीवार
प्यार महका मेरा दे दूं खोल कर दूं दरबार
ये कैसा सितम आ गया पिता कितना भी मैं
मेरे आंखो में तेरी नशा छा गया
पिता कितना भी मैं मेरे आंखो में तेरी नशा छा गया
पिता कितना भी मैं मेरे आंखो में तेरी नशा छा गया
ये कैसा सितम आ गया पिता कितना भी मैं
मेरे आंखो में तेरी नशा छा गया
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