यह गीत भक्त के प्रेम, समर्पण, विरह और माँ शक्ति की कृपा की कामना को व्यक्त करता है। यह भक्ति गीत एक भक्त के हृदय की गहरी भावनाओं को व्यक्त करता है। कवि माँ शक्ति से प्रार्थना करता है कि वह अपने दिल की सच्ची आवाज उन्हें सुनाना चाहता है। उसकी आँखों के आँसू, मन की पीड़ा और प्रेम मिलकर भक्ति का रूप ले लेते हैं।भक्त माँ के द्वार पर खड़ा होकर उनकी कृपा और दया की प्रतीक्षा करता है। भक्त कहता है कि उसका जीवन का उद्देश्य केवल प्रार्थना, आराधना और आत्मसमर्पण के माध्यम से माँ तक पहुँचना है। कवि माँ को महाकाली, दुर्गा, चामुंडा, शारदा और वैष्णवी जैसे अनेक रूपों में स्मरण करता है और उन्हें सम्पूर्ण जगत की पालनकर्ता और रक्षक मानता है। आध्यात्मिक दार्शनिक भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, अपने दिल की आवाज को सुनाऊं तुझको , #Apane Dil Kee Aavaaz Ko Sunaoon Tujhako, Writer ✍️ #Halendra Prasad
#Apane Dil Kee Aavaaz Ko Sunaoon Tujhako
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️
की मईया तुझे मैं बताऊं ना बुलाऊं तुझको
अपने दिल की आवाज को सुनाऊं तुझको
भाव कोमल कोमल है सरल है व्याख्या
अखियों में आँसू है तो दिल में समीक्षा
आँसू और आहें मिलकर गीत के बादल है
तेरे चरणों में मईया हरदम खड़े है
करते प्रयास माता तुझको जगाते है
तेरे पास पहुंचने को हरदम धधाते है
की मईया तुझे मैं बताऊं ना बुलाऊं तुझको
अपने दिल की आवाज को सुनाऊं तुझको
मेरे आंसुओं की भावना द्वार पर खड़ी है
करती प्रतीक्षा माई आँख भी भरी है
देदो कोई अवसर माई दिल मिलने आया है
हृदय में बसाकर तुझको प्रेम पाने आया है
करदो कृपा माता करुणा और दया से
अर्पित किया भाव तुझे गले से लगा के
तेरे चरणों में माता दुनियां विराजती
तूही पालक पोषक माता तूही है संवारती
की मईया तुझे मैं बताऊं ना बुलाऊं तुझको
अपने दिल की आवाज को सुनाऊं तुझको
मेरा मकसद सुन माई तुझक पहुंचना है
प्रार्थना आराधना से तुझको मनाना है
गहरी अनुभूतियों को तुझ तक फैलाता हूँ
आत्मसमर्पण से भक्ति को जगाता हूँ
विरह वेदना की माई छाया है धतूरा
दुनियां भुलाया माई जाने ना अधूरा
आँसू पीड़ा प्रेम का ये छाया सफर जो
रोता है सब लोग यहां देख के डगर को
की मईया तुझे मैं बताऊं ना बुलाऊं तुझको
अपने दिल की आवाज को सुनाऊं तुझको
करता प्रतीक्षा दिल तुझको जगाता है
हृदय की अवस्था माई हृदय को बताता है
दुख की कोई बात ना है याद तेरी गहरी
दुनिया बनाया तूने तेरे ऊपर ठहरी
कालों के भी काल माई महाकाली दुर्गा
रहती पहाड़ों बीच तूही है चामुंडा
कोई तुझे शारदा कोई कहे मैहर
वैष्णव भवानी तू है जग का नैहर
की मईया तुझे मैं बताऊं ना बुलाऊं तुझको
अपने दिल की आवाज को सुनाऊं तुझको
गीत=} #अपने दिल की आवाज को सुनाऊं तुझको
#Apane Dil Kee Aavaaz Ko Sunaoon Tujhako
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