मनुष्य इस संसार में खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही जाता है। धन, रूप, नाम और पद जैसी बाहरी चीजें स्थायी नहीं हैं जीवन में घमंड करना व्यर्थ है जीवन में समय-समय पर कठिनाइयाँ और परीक्षाएँ आती रहती हैं। इन्हीं परिस्थितियों में सही कर्म, अच्छा चरित्र, करुणा और साधना ही मनुष्य को सच्ची शांति और संतोष देती है।संसार की चमक-दमक केवल एक क्षणिक भ्रम माया है, जो मनुष्य को आकर्षित तो करती है लेकिन स्थायी सुख नहीं देती। अंत में मनुष्य के साथ केवल उसके कर्म और उसका चरित्र ही चलते हैं।इसलिए हम अहंकार, मोह और दिखावे से दूर रहकर सच्चाई, सेवा और सद्कर्म का मार्ग अपनाए। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत,यही से यही तक है जीवन का सफर, #Yahi Se Yahi Tak Hai Jivan Ka Safar, Writer ✍️ #Halendra Prasad,
गीत =} #यही से यही तक है जीवन का सफर
#Yahi Se Yahi Tak Hai Jivan Ka Safar
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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जरा सी ठहरके सोचो जरा बहुत गहरी बात है निरेखो जरा
यही से यही तक है जीवन का सफर
खाली हाथ आए हो जाना है खाली
ना धन साथ जाए ना रूप साथ जाए
ना नाम साथ जाए ना पद साथ जाए
समय की परीक्षा आती रहेगी
जीवन है यही सब दिखती रहेगी
यही है आराधना यही है योग साधना
यही है तपस्या यही है उपासना
जरा सी ठहरके सोचो जरा बहुत गहरी बात है निरेखो जरा
चमचमाते चेहरे का गुरूर मिट जाएगा
एक दिन ऐसा आयेगा जब चाम झूल जाएगा
नजर को समेट कर देखा जब जिगर को
देखता था बाहर बाहर दिल के फरेब को
दिखती है चमक दमक दिखती ना शान्ति
रूप रूपवान दिखता भरम की है कांति
धीरे धीरे सत्य जब समझ में आया
पछतावा खड़ी थी पास में समय को गंवाया
जरा सी ठहरके सोचो जरा बहुत गहरी बात है निरेखो जरा
क्षणिक को स्थाई मानकर चला जब सफर पर
नजरों ने भ्रम दिया मेरे जिगर में
चाहतों कि चाह जागी दिल मुस्कुराया
पत्थर के सहर में हमने अपना घर बनाया
चमकता था जो वो मिटता गया
मिली ना वो शान्ति जो ढूंढने चला
बदलते है चेहरे बदलती है दुनियां
बदलते है वो ना जो चलते कहानियां
जरा सी ठहरके सोचो जरा बहुत गहरी बात है निरेखो जरा
जीवन का यात्रा ऐसा कोई साथ चलता ना
चलता है कर्म साथ चरित्र भाव निखरता
गुरूर की दौलत जब छोड़ देती साथ
मदद करने वाला होता जीवन का आभार
तुलना तोड़ देता है जब करुणा याद आती
दिखावे की चाह जाती साधना याद आती
बाहर का चमक जब मोहित करता दिल को
तोड़ देता घर बार सब दिल और जिगर को
जरा सी ठहरके सोचो जरा बहुत गहरी बात है निरेखो जरा
गीत =} #यही से यही तक है जीवन का सफर
#Yahi Se Yahi Tak Hai Jivan Ka Safar
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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