आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल रचना माँ शक्ति की करुणा न्याय और संरक्षण का दिव्य स्तवन Maa Shakti Kee Karuna, Nyaay Aur Sanrakshan Ka Divy Stavan
आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल रचना, माँ शक्ति की करुणा न्याय और संरक्षण का दिव्य स्तवन Maa Shakti Kee Karuna, Nyaay Aur Sanrakshan Ka Divy Stavan
यह स्तवन माँ आदिशक्ति के करुणामयी, रौद्र और कल्याणकारी स्वरूपों का भावपूर्ण वर्णन है। जब संसार में अधर्म, अन्याय और पीड़ा बढ़ती है तथा भक्त का हृदय व्यथित होता है, तब वह माँ को पुकारता है। माँ अपने विविध रूपों जैसे दुर्गा, काली, लक्ष्मी, सरस्वती, चंडी और भैरवी में प्रकट होकर अधर्म का नाश करती हैं, धर्म की स्थापना करती हैं तथा भक्तों को साहस, ज्ञान, समृद्धि और संरक्षण प्रदान करती हैं।
माँ का मातृत्व रूप करुणा, प्रेम और ममता से परिपूर्ण है, जबकि उनका रौद्र रूप दुष्टों का संहार कर सृष्टि का संतुलन पुनः स्थापित करता है। यह स्तवन माँ को सत्य, न्याय, धर्म और करुणा की सजीव प्रतिमूर्ति मानते हुए उनके सर्वव्यापी, शक्तिशाली और दयामयी स्वरूप का गुणगान करता है
माँ शक्ति का स्तवन है माँ करुणा न्याय और संरक्षण की पुकार है जब भक्त का हृदय संसार के दुख अन्याय और पीड़ा को देखकर टूटने लगता है तो माँ भक्त के भक्ति से शक्ति बनकर भक्त के पास आती है!
जब भक्त पाप अन्याय अनीति कदाचार अपराध को देखकर माँ दुर्गा से विनती करता है तो माँ रक्षक बनकर आती है और संरक्षिका बनकर इस सृष्टि की रक्षा करती है।
माँ सभी रूपों का अद्भुत समन्वय प्रकट करती है माँ कोमल रौद्र करुणामयी और न्यायप्रिय है और माँ भक्त के हृदय में वास करने वाली दया भाव शक्ति है।
जब धरती पर अधर्म बढ़ता है तो माँ काली बनकर उस अधर्म का नाश करती हैं माँ दुर्गा और चंडी बनकर शक्ति साहस और धर्म की ज्योति प्रज्वलित करती हैं माँ लक्ष्मी कल्याण और समृद्धि प्रदान करती हैं और भैरवी व चामुण्डा रूप में दुष्टों का संहार करसृष्टि का संतुलन पुनःस्थापित करती हैं।
माँ की रूपों की महिमा वेदों और पुराणों में गाई गई है और माँ ही मानव जीवन की आशा और विश्वास हैं जब माँ का मातृत्व रूप प्रकट करती है तो माँ का कोमल प्रेम करुणा के सागर की भाँति सब कुछ भिगो देता है।
माँ जब हाथों में तलवार धारण करती है तो भयावह स्वरूप डरावना लगते हुए भी प्रेम दया और ममता से परिपूर्ण होता है।और प्रकृति स्वयं माँ की महिमा का गान करने करता है क्योंकि सूर्य प्रकाश ऊर्जा और वायु सब माँ की शक्ति के साक्षी बन जाते हैं इसीलिए माँ को सत्य न्याय और धर्म की प्रतीक कहा जाता हैं।
माँ संकटों को हरने वाली और भय और पाप को नष्ट करने वाली दुर्गा हैं जब धरती पर अधर्म सीमा लाँघ जाता है है तो माँ महाकाल और ज्वाला बनकर रौद्र रूप धारण करती हैं और दुष्टों का अंत करती हैं।
जब माँ का स्नेहमयी संवेदनशील स्वरूप जागृत करती है तो माँ अपने बच्चों और भक्तों की हर पीड़ा हर भावना को समझ लेती हैं माँ सरस्वती बनकर वीणा के मधुर स्वर में ज्ञान बरसाती हैं और अज्ञान का नाश करती हैं और प्रेम व करुणा का संचार करती हैं।
माँ फूलों की सुगंध और हवा की स्पर्शिलता बनकर हमारे हृदय में विराजमान रहती हैं अदृश्य होकर भी हर श्वास में विद्यमान रहती है माँ यह संदेश देती हैं कि वह केवल शक्ति ही नहीं करुणा न्याय ज्ञान और ममता भी हैं।
जब भक्त अधर्मो को देखता है तो भक्त का हृदय माँ में ही आशा शांति और संरक्षण खोजता है जब भक्त माँ को टूटे हुए हृदय से पुकारता है तो माँ संसार के दुख पाप और अन्याय को देखकर उस पीड़ा को पहचान लेती हैं और अपनी असीम शक्ति से रक्षक व संरक्षिका बनकर प्रकट होती हैं!
दुख पाप और कष्टों का विनाश करने वाली माँ जी हैं जो काली दुर्गा लक्ष्मी चंडी भैरवी सरस्वती मुण्डेश्वरी विंध्याचली और महाकाली बनकर सृष्टि की देखभाल करती है और संरक्षण देती है!
माँ का कही दिव्य रूप तो कही विकराल रूप है जो दुष्टों का संहार करता हैं माँ करुणा प्रेम और ममता का अथाह सागर और सत्य न्याय और धर्म की सजीव प्रतिमूर्ति हैं।
माँ भक्तों के दुख समझकर उन्हें मुक्त करने वाली देवी हैं।उनकी शक्ति का गुणगान केवल मनुष्य नहीं करता बल्कि संपूर्ण प्रकृति करती है माँ ज्ञान साहस प्रकाश और शांति का स्रोत हैं जो अपने बच्चों के जीवन को स्नेह दया और कृपा से सँवारती हैं।
माँ शक्ति की भक्ति करुणा न्याय और संरक्षण की पुकार है। जब संसार में दुख पाप और अन्याय बढ़ते हैं और भक्त का हृदय व्यथित होता है तब वह माँ से रक्षक बनकर आने की प्रार्थना करता है। माँ अपने विविध रूपों काली दुर्गा चंडी लक्ष्मी भैरवी चामुण्डा और सरस्वती में प्रकट होकर अधर्म का नाश करती हैं
माँ शक्ति व साहस देती हैं कल्याण और समृद्धि प्रदान करती हैं तथा ज्ञान और विवेक का प्रकाश फैलाती हैं। माँ का रौद्र स्वरूप दुष्टों का संहार करता है माँ का मातृत्व रूप करुणा प्रेम और ममता से भक्तों को संबल देता है। माँ सत्य धर्म और न्याय की प्रतीक हैं जो संकटों का हरण करती हैं।
माँ की शक्ति का गुणगान केवल मनुष्य ही नहीं संपूर्ण प्रकृति करती है यह स्तवन माँ के सर्वव्यापी करुणामयी और शक्तिशाली स्वरूप का चित्रण है जिसमें संसार के कल्याण और टूटे हृदय की शांति के लिए माँ शक्ति का आह्वान किया गया है।
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