यह गीत सुबह की पवित्रता, राम-नाम के स्मरण और जीवन में आने वाले आत्मिक आनंद का सुंदर चित्रण करता है। कवि बताता है कि जब दिन की शुरुआत ईश्वर-स्मरण से होती है और शाम शांति व विश्राम में ढलती है, तो पूरा जीवन सुख, प्रेम और प्रसन्नता से भर जाता है। सुबह की रोशनी नवीनता, सकारात्मक सोच और सृजन का संदेश लाती है। यह अंधकार और निराशा को दूर कर मन, तन और आत्मा में ऊर्जा भर देती है। प्रेम, स्नेह और ममता की भावनाएँ जागृत होकर संबंधों को मधुर बनाती हैं।यह गीत हमें सिखाता है कि प्रकृति, प्रेम और अध्यात्म के साथ जुड़कर जीवन को आनंदमय बनाया जा सकता है। राम-नाम से जुड़ी दिनचर्या मनुष्य को शांति, संतोष और सच्चे सुख की अनुभूति कराती है। आध्यात्मिक दार्शनिक भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, सुबह होती राम नाम ढलती शाम विश्रामों से, #Subah Hoti Ram Nam Dhalti Sham Vishramo Se, Writer=} Halendra Prasad,
#Subah Hoti Ram Nam Dhalti Sham Vishramo Se
Writer=} Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
🙏❤️ #Meri_Hriday_Meri_Maa❤️
जैसे सुख और खुशी की वर्षा आती है उजालो से
सुबह होती राम नाम ढलती शाम विश्रामों से
आत्मिक आनन्द में प्रेम हंसे बोले
जैसे हंसता सूरज वैसे रोशनी भी छोड़े
हृदय का आनन्द अनुभूतियों बेमिसाल है
हर क्षण मानो जैसे सुबह का संसार है
उजली ज्योति के साथ खुशी दौड़ी आती है
जीवन में प्रसन्नता की वर्षा कराती है
जैसे सुख और खुशी की वर्षा आती है उजालो से
सुबह होती राम नाम ढलती शाम विश्रामों से
सुबह की पहली वो किरण नवीनता लेकर आती है
नया ताजा रोशनी से अंधेरा को भगाती है
नया विचार भर्ती नई राग लिखे
अनोखेपन की ताजगी से नया जीवन लिखे
लिखती है ऐसी जो विचित्र अद्भुत है
अजबे विशिष्टता उसमें जो खास निक है
नया नूतन ताजा जग जगमगाता
दिल को जगाकर दिल के खुशी भर जाता
जैसे सुख और खुशी की वर्षा आती है उजालो से
सुबह होती राम नाम ढलती शाम विश्रामों से
प्रेम स्नेह की शक्ति आत्मा में दर्शाती जब
सम्बन्ध को जगाकर दिल में मिलाती तब
सुबह की रोशनी जीवन उजियार करती
भर देती उल्लासो से आनन्द की भरमार करती
कैसे प्रेम उत्पन्न होता सुबह की रोशनी से
खुशियों का चित्रण दिखता भावपूर्ण सही में
भर देती खुशियां मन का मोर नच
ममता के स्नेह से सबके दिल को भाते
जैसे सुख और खुशी की वर्षा आती है उजालो से
सुबह होती राम नाम ढलती शाम विश्रामों से
तन मन के रोम रोम में प्रकाश को भर देती
हर्ष की अनुभूति भरकर गम ले जाती
समय ऐसा लगता जैसे धरती जागी
सुबह की सुहानी पवन से अंग अंग मांगी
जैसे रोशनी छूता है वैसे दिल जगमगाता
आंनदो से भरकर आनन्द लेकर आता
सुखद अनुभव देता जीवन भाग दौड़ में
भर देता खुशी सुबह सूरज के घर में
जैसे सुख और खुशी की वर्षा आती है उजालो से
सुबह होती राम नाम ढलती शाम विश्रामों से
गीत=} #सुबह होती राम नाम ढलती शाम विश्रामों से
#Subah Hoti Ram Nam Dhalti Sham Vishramo Se
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