यह गीत जीवन के सुंदर और क्षणभंगुर पलों की गहराई को व्यक्त करती है। कवि बताते हैं कि प्रेम और जीवन दोनों चुपचाप बहते रहते हैं, जैसे समय का प्रवाह। मनुष्य उन्हें रोक नहीं सकता, केवल अनुभव कर सकता है।गीत का मुख्य संदेश है कि बाहरी दुनिया से अधिक महत्वपूर्ण आंतरिक अनुभूति और आत्मिक शांति है। जीवन में उलझनें, सपने और प्रेम आते हैं, परंतु सच्ची समझ मौन, संयम और आत्मचिंतन से मिलती है।अंततः जीवन सुंदर है, पर उसे समझने के लिए प्रेम, धैर्य और भीतर की दृष्टि आवश्यक है। आध्यात्मिक दार्शनिक भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, बहता चुपचाप आंखो के सामने बड़ा प्यार होता, #Bahata Paitarn Aankhon Ke Saamane Bada Pyaar Hota, Writer ✍️ #Halendra Prasad
#Bahata Paitarn Aankhon Ke Saamane Bada Pyaar Hota
Writer ✍️ #Halendra Prasad
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कैसे समझे उस क्षण को जो बहुत सुन्दर होता
बहता चुपचाप आंखो के सामने बड़ा प्यार होता
रोक नहीं पाते है हम देख केवल सकते है
सब कुछ क्षणिक है यही बात कहते है
अर्थपूर्ण क्षणिक को हम भावना से देखे
दृश्य है उपज का हम अनुभव से देखे
बड़ी छोटी घासों को निश्चल भाव से देखा जब
बढ़ते निरंतर वो दिल से निरखा तब
कैसे समझे उस क्षण को जो बहुत सुन्दर होता
बहता चुपचाप आंखो के सामने बड़ा प्यार होता
आंतरिक अनुभूति का प्रकाश जब छाता है
बाहर की दृष्टि नाही अंदर को दिखाता है
दीप जल की लहरों में धीरे धीरे बहते
चल जाते दूर फिर भी टिमटिमाते रहते
जीवन की उलझनों ने सीमा का संकेत दिया
दिल है सतर्क फिर भी दिल को फ्रेम दिया
सपनों के प्यार में लोग कितने उलझे है
आश प्रेम की दीपक लेकर अभी ना सुलझे है
कैसे समझे उस क्षण को जो बहुत सुन्दर होता
बहता चुपचाप आंखो के सामने बड़ा प्यार होता
बह जाते लहरों पे लोग दिल को लगा कर
समय की प्रवाह में जीवन को मिलकर
ऐसा समय जब आता जीवन में
क्षणभंगुर समय को लाता समय को दिखाकर
जिन्दगी की मौन दृष्टि विवशता बताता है
असहायता को प्रकट का भाव को दर्शाता है
मौन की स्वीकृति मौन आत्मा से पूछे
देख धीरे धीरे दिल पीछे से निरखे
कैसे समझे उस क्षण को जो बहुत सुन्दर होता
बहता चुपचाप आंखो के सामने बड़ा प्यार होता
कितना सुन्दर है जीवन कितना संयम
प्रेम की बंधन है प्रेम की सफर
पल पल आता सामने पल पल बताता
भविष्यों का गान अब राग में सुनाता
चुपचाप बहता है चुपचाप रहता
रोक नहीं पाते लोग जितना बिलखता
देख देख कर हाल सब लोग बोल थे
कोई खोल रहा था तो कोई डोल रहे थे
कैसे समझे उस क्षण को जो बहुत सुन्दर होता
बहता चुपचाप आंखो के सामने बड़ा प्यार होता
जीवन का दृश्य जीवन में रहता है
कोई नाही देखे इसको दरबदर भटकता है
निश्छल भाव देख लेता मन की दर्पण से
सूचना पेठाता है हृदय के शहर में
तन मन जानता है कुछ नहीं बोलता
संदेहों को छोड़ता है अनुभव पकड़ता
मन की अनुभूति मन दिल से पूछे जब
देखे शांति से आत्मा शान्ति निरेखे अब
गीत=} #बहता चुपचाप आंखो के सामने बड़ा प्यार होता
#Bahata Paitarn Aankhon Ke Saamane Bada Pyaar Hota
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