यह गीत एक पुत्र की अपनी माँ के प्रति गहन प्रेम, समर्पण और श्रद्धा को व्यक्त करता है। कवि स्वयं को माँ का दुलारा मानते हुए पूर्ण शरणागति का भाव प्रकट करता है। वह कहता है कि उसे जीवन या मृत्यु का कोई अफसोस नहीं, क्योंकि वह पूरी तरह माँ का है गीत में माँ के त्याग, पालन-पोषण और संघर्षों का स्मरण है। साथ ही जीवन की नश्वरता, लोभ-मोह और स्वार्थ से भरे संसार का यथार्थ चित्रण किया गया है। कवि बताता है कि धन, सफलता और वैभव अंततः साथ नहीं जाते अंत में वह अपने लिए कुछ नहीं मांगता, बल्कि सबके लिए सुख, प्रेम, करुणा और आशीर्वाद की प्रार्थना करता है। गीत का मूल संदेश है माँ ही जीवन का आधार, आश्रय और आध्यात्मिक शक्ति है; सच्चा सुख निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण में है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल रचना, अफसोस मुझको ना है मैं तो दुलारा हूँ माई, #Aphasos Mujhako Na Hai Main To Dulaara Hoon Maee, Writer ✍️ #Halendra Prasad
#Aphasos Mujhako Na Hai Main To Dulaara Hoon Maee
Writer ✍️ #Halendra Prasad
BLOGGER=} 🙏♥️ #मेरी_हृदय_मेरी_माँ ♥️🙏
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छीनकर ले जाना तू मुझको मैं तुम्हारा हूँ माई
अफसोस मुझको ना है मैं तो दुलारा हूँ माई
लिखा तकदीर तूने मुझे तू बनाई है
अंगुली पकड़ कर तूने चलना सिखाई है
कितने दुखों से तूने पाला पोषा मुझको
छोड़ दिया काहे माँ तू तोड़ दिया मुझको
जिन्दगी एक जंग है माँ इसमें कुछ रहता ना
रहता इसमें लोभ कामना दिल को दिल से तोड़ता माँ
छीनकर ले जाना तू मुझको मैं तुम्हारा हूँ माई
अफसोस मुझको ना है मैं तो दुलारा हूँ माई
दुख सुख का ये घर है माता लाभ हानि सब बसता है
ईच्छा स्वार्थ की कमाना से माँ दर्द अजब ये भरता है
सुख सफलता होता है माँ जाता ना वो साथ कही
छूट जाता है तन यहां पर मर जाने के बाद यही
कल्याण चढ़ा है आसमान पे देख जरा तू गौर से
दौलत की भूखों के खातिर पूज रहे लोग मौर के
मैं हम दोनों मिल गया है काट रहा हैं चांदी
सोने की थाली में खाता जो पूजता तुझे बाराती
छीनकर ले जाना तू मुझको मैं तुम्हारा हूँ माई
अफसोस मुझको ना है मैं तो दुलारा हूँ माई
विनम्र निवेदन करता हूँ मैं अपने लिए ना मांगा कुछ
मांग रहा हूँ दुआ की शक्ति याचना मैं करता हूँ
भर खुशियों से उनको तू माँ जिसने तुमको चाहा
निःस्वार्थ प्रेम को प्रकट करो माँ जिसने तुमको जाना
आरंभ आशा उजास देदे तू आभा तेज की ज्योति से
मांग रहा हूँ प्रेम तेरी माँ आँचल देदे रोटी के
दुःख निराशा आए ना माँ तेरी चरणों की पूजा करु
करुणा की उदात्त भरी माँ मेरे दिल में तेरी प्रेम भरे
छीनकर ले जाना तू मुझको मैं तुम्हारा हूँ माई
अफसोस मुझको ना है मैं तो दुलारा हूँ माई
इस जीवन की बात ऐसी माँ जहां जीवन जल जाता है
मौन हो जाता तन मन माता दर्द सिमटता जाता
व्यक्ति का व्यक्तित्व बताता जीवन की हर बात में
झलक रहा है जीवन मईया झांकी के सौगात में
आत्मा पर अनुशासन करता जीवन मौन पे जीता है
आँख में भरकर पानी मईया दुःख को दिल से पिता है
अज्ञात अलौकिक ध्यान लगता कुछ नहीं बोल पाता
आत्मा की परीक्षा करता गहरे सोच में जाता
छीनकर ले जाना तू मुझको मैं तुम्हारा हूँ माई
अफसोस मुझको ना है मैं तो दुलारा हूँ माई
गीत=} #अफसोस मुझको ना है मैं तो दुलारा हूँ माई
#Aphasos Mujhako Na Hai Main To Dulaara Hoon Maee
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